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मालिक यह तो रूपाली है ना..... यह क्या करने आई है यहां पर... एक मजदूर ने जुनेद से पूछा...
हां पर तो कैसे जानता है... जुनैद ने भी पूछा उस मजदूर से..
सारे मजदूर इकट्ठा हो गए थे और मेरी रूपाली दीदी को देखे जा रहे थे...
एक बड़े साहब की शादी में देखा था इनको.. और इनको तो कौन नहीं जानता पूरे शहर में... बहुत जोरदार नाचती है... मजदूर ने बड़े कामुक लहजे में कहा.. उन सब को अंदाजा हो गया था कि मेरी दीदी को यहां पर क्यों लाया है जुनैद.. अक्सर वह अपने फार्म हाउस पर रंडी बुलाया करता था... पर आज एक बड़े घर की संस्कारी औरत को देखकर सब के सब आश्चर्यचकित थे...
तुम लोग अपना अपना काम करो और यहां पर जो कुछ भी हो रहा है उस पर ध्यान मत दो और यह बात बाहर में भी किसी के पास नहीं जानी चाहिए. जुनैद ने बड़े सख्त लहजे में मजदूरों को कहा..
हम लोग तो अपना काम करेंगे मालिक.. आज तो आपको भी बहुत "काम" करना है... आज तो काम कर करके आपकी भी कमर टूट जाएगी... एक मजदूर ने बड़ी अश्लीलता के साथ कहा.
उसकी निगाहें मेरे रूपाली दीदी की चुचियों पर टिकी हुई थी...
अच्छा ठीक है अब ज्यादा बकवास मत करो और जाओ अपना अपना काम करो.... बोलकर जुनैद मेरी रूपाली दीदी का हाथ पकड़ के फार्म हाउस के अंदर घुस गया...
मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं मैं चुपचाप वहीं खड़ा रहा...
सारे मजदूर मुझे देख कर मुस्कुरा रहे थे... और आपस बात कर रहे थे.. उन्हें अच्छी तरह समझ में आ गया था कि दीदी यहां पर क्या गुल खिलाने आई है... हैरानी बस उन्हें इस बात की थी कि मैं यहां पर अपनी दीदी के साथ क्या कर रहा हूं...
अरे यार यह तो रूपाली का भाई है ना... एक मजदूर बोला..
हां यार यह तो रूपाली का भाई है... साला अपनी बहन को लेकर आया है हमारे मालिक के पास... दूसरा बोला...
बाबू जी आज तो आपकी रूपाली दीदी की... फट जाएगी... अपनी उंगली से छल्ला बनाकर उसमें बीच वाली उंगली घुसा अंदर बाहर करते हुए एक मजदूर मेरी तरफ इशारा करते हुए बोला...

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desiaks

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Aug 28, 2015

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बाबूजी अपनी रूपाली दीदी के फटे भोंसड़ी को सिलवा देना किसी मोची के पास ले जाकर.... क्योंकि आज तो हमारे जुनैद बाबू तुम्हारी दीदी के सारे छेद खोल देंगे.... एक मजदूर अपने धोती के ऊपर से ही अपने लण्ड पर हाथ रख कर मुझे बोला..
वैसे बाबूजी, आपकी दीदीया है बड़ी पटाका... साली को देखते ही लण्ड सलामी देने लगता है... तीसरे मजदूर ने कहा..
उन सब की बातें सुनकर मैं थरथर कहां पड़ा था...
कुछ भी कहो यार रूपाली रंडी है बड़ी मस्त मस्त चीज...... बाबूजी मैंने तो तुम्हारे रूपाली दीदी की शादी में काम भी किया है.. आपके घर में तो एक से एक बढ़कर पटाखा माल है... अरे वह चंदा रंडी जो आपकी भाभी है ना, साली बहुत बड़ी चुडक्कड़ है... मजदूरों का जो लीडर था उसने कहा.. उसने अपनी लूंगी में से अपना लण्ड बाहर निकाल कर मुझे दिखा दिया...
अरे यारों अगर तुम लोग बाबूजी की प्रियंका दीदी को देखोगे तो देखते ही तुम लोगों के लोड़े से पानी निकल जाएगा... साली रंडी रुपाली जैसी गोरी तो नहीं है, पर बहन की लोड़ी करारी माल है... जी चाहता है बस उसके मुंह में अपना लौड़ा थामा के खड़ा रहूं... उनकी बातें और कुछ ज्यादा ही अश्लील हो गई थी... और उनकी हरकतें भी... सब के सब में अपना लौड़ा मसल रहे थे मेरी दोनों दीदी और भाभी के बारे में बात करते हुए... जानबूझकर वह मुझे सुना रहे थे..

यार पर रूपाली रंडी जैसी कोई नहीं... बाबूजी मैंने तुम्हारी बहन के नाम पर बहुत मुट्ठ मारा उसकी शादी में... एक मजदूर बोला..

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Aug 28, 2015

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मासूम चेहरा, उसपर एक मासूम मुस्कान, उसके थोड़ा नीचे आएँ तो दूध और गेहूँ का मिक्स स्किन कलर, और नीचे आएँ तो वो कच्चे आम, और उन पर अंगूर..ह… ओह… हय… ह्हह्ह… आअह… ह्ह्ह… आआअ… बाबूजी तुम्हारी प्रियंका दीदी मेरे लोड़े पर बिजली गिरा देती है जब भी उस रंडी को देखता हूं.... मजदूरों का लीडर मुझे देखते हुए अपना लौड़ा हिलाते हुए बोल रहा था..

भाई हमारी किस्मत में तो मुट्ठ मारना और लौड़ा हिलाना ही है... पर आज तो इसकी रूपाली रंडी दीदी हमारे मालिक लोड़े के नीचे होगी.. रुपाली रंडी ना सही पर उसका यह गांडू भाई तो हमारे पास है... आ जाओ सब मिलकर इस बहन के लोड़े की गांड मारते हैं... मजदूरों का लीडर बोला......

मैं डर के मारे फार्म हाउस के अंदर घुस गया... सारे मजदूर हंसने लगे मुझे भागता हुआ देखकर..... मैं फार्म हाउस के अंदर तो आ गया पर मुझे मेरे रुपाली दीदी और जुनेद दिखाई नहीं दे रहे थे..... वहां पर कई सारे बेडरूम थे मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं किधर जाऊं... तभी एक बेडरूम से मुझे कुछ आवाजें सुनाई दी.... मैं दरवाजे पर पहुंचा तो दरवाजा खुला हुआ ही था.... मैंने जब अंदर झांक कर देखा तो मेरी गांड फट गई......... पूरा कमरा ऐसी सजाया हुआ था जिसे आज किसी दुल्हन की सुहागरात हो... और आज कोई और नहीं बल्कि मेरी अपनी रूपाली दीदी ही दुल्हन बनी हुई थी... सुहाग की सेज पर मेरी दीदी दुल्हन बनी हुई बैठी हुई थी... उनकी बेटी बगल में लेती हुई खेल रही थी...
उनका आज का दूल्हा, यानी कि जुनैद.. ड्रेसिंग टेबल के सामने एक चेयर पर बैठा हुआ था और दारु का पेग लगा रहा था... उसकी आंखें नशे और हवस से लाल हो रही थी...... लाल रंग की लहंगा चोली में अपने सर को अपने चुनरी से ढक के मेरी रूपाली दीदी उसके सामने बैठे हुई थी बिस्तर पर... मेरी दीदी इंतजार कर रही थी कि कब जुनैद आएगा और उनके ऊपर सवार होके दूल्हे वाला काम करेगा...
जुनैद ने मुझे देख लिया...
आजा बहन चोद आजा तू भी अंदर...... आज तेरी दीदी दुल्हन बन कर मुझे मजा देगी..... मैं शर्म के मारे तो पहले से ही लाल था, मेरी और भी बुरी हालत हो गई.....

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जुनेद जी मेरी एक बात सुनो आप, कुछ भी करने से पहले मैं आपसे एक वादा लेना चाहती हूं... मेरी रूपाली दीदी बोली...
बोल मेरी छम्मक छल्लो मेरी छमिया क्या बता देना चाहती है... बोलते हुए दारू की बोतल को मुंह से लगाकर पीने लगा जुनैद.
आज आप जो भी मेरे साथ करना चाहते हो कर लो... मैं किसी बात के लिए मना नहीं करूंगी.. आप जैसा भी कहोगे मैं अपनी खुशी से करूंगी.... पर आज के बाद आप मुझे और मेरे परिवार को कभी परेशान नहीं करेंगे... आप मुझसे वादा कीजिए... मेरी रूपाली दीदी ने कहा...
सुन बहन की लोड़ी रंडी, मैं कोई बुरा आदमी नहीं हूं, मैं तो बस अपने लोड़े की आग बुझाना चाहता हूं, जब उस दिन झोपड़ी में तेरी पहली बार मारी थी तब से ही मेरा लौड़ा बस तुझे ही याद कर रहा था... दिन रात तेरे नाम की मुठ मार रहा हूं बहन चोद.. साली तू फोन पर भी अच्छे से साथ नहीं देती है... अगर तू आज मुझे अच्छे से खुश कर देगी तो मैं वादा करता हूं कि आज के बाद कभी भी तेरी जिंदगी में दखल नहीं दूंगा... बोलते बोलते जुनैद ने बहुत सारी शराब पी ली.....
वह पूरी तरह नशे में धुत हो गया था और उसकी जुबान भी लड़खड़ाने लगी थी......
तू भी वादा कर मेरी जान कि आज तो मुझे किसी बात के लिए मना नहीं करेगी... जुनेद बोला...
मैं वादा करती हूं कि आज आप मुझे जो कुछ भी कहोगे मैं वह करूंगी बिना आनाकानी किय.... मेरी दीदी बोली..

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फटाफट दारू के दो तीन पैक लगा कर जुनैद बिस्तर पर चढ़ गया। उसने रूपाली दीदी को अपनी गोद में बिठा लिया. अपनी बाहों में भर गालों को चूमने लगा मेरी दीदी के। एक हाथ से उसने मेरी दीदी की चूची पकड़ ली।
मेरी रूपाली दीदी: आ अह हा… स… एम्म… म्मह… उ उफ फफ्फ़.. मेरा भाई देख रहा है..… म्मह… उ उफ फफ्फ़...
जुनेद: तू बाहर जा बहन क लोड़े... तेरी दीदी को शर्म आ रही है...
बिना देर किए मैं चुपचाप उस कमरे से बाहर निकल आया और हॉल में बैठ इंतजार करने लगा.. तकरीबन 5 मिनट के बाद कमरे के अंदर से मुझे रूपाली दीदी की तेज तेज सिसकियां सुनाई देने लगी।
मैं मन ही मन कल्पनाएं करने लगा ... की मेरी दीदी के साथ क्या-क्या करा होगा वह गुंडा.. उस दिन जंगल में झोपड़ी के अंदर का नजारा मेरी आंखों के सामने घूमने लगा।... मेरा लंड बिल्कुल कड़क होने लगा था। मैंने अपने लंड पर हाथ रख लिया.. उसे सहलाने लगा... कमरे के अंदर से आने वाली मेरी रूपाली दीदी की कामुक सिसकियां मेरे लंड मैं 440 वोल्ट का झटका देने लगी... तकरीबन 10 मिनट भी चुके थे और मेरे लंड के साथ मेरे अंदर का शैतान जाग गया.. मैंने कमरे के अंदर देखने का फैसला कर लिया मन में.. जिसके अंदर मेरी दीदी चुद रही थी.. जिस कमरे के अंदर मेरी रूपाली दीदी चुद रही थी.. उसकी खिड़की खुली थी... मैं खिड़की के पास गया और अंदर का नजारा देखने लगा... चोरी छुपे..

मेरी रूपाली दीदी बिल्कुल नंगी हो चुकी थी और जुनैद भी... मेरी दीदी जुनैद की गोद में बैठी हुई थी। अपने दोनों हाथों से मेरी दीदी जुनैद का मोटा लंबा भाला पकड़ के हिला रही थी.. वह जुनैद की जांघों पर बैठी हुई थी... जुनैद ने मेरी रूपाली दीदी की दोनों चूचियों को अपने दोनों हाथों में दबोच रखा था.. और बारी-बारी से उनकी दोनों निपल्स को चूस रहा था।. मेरी दीदी की चुचियों से दूध के फव्वारे निकल रहे थे.. जिसे जुनैद का चेहरा पूरा गीला हो गया था। मेरी दीदी के हाथों की चूड़ियों से खन खन की आवाज आ रही थी.. जुनैद का भाला पकड़ के हिला हिला कर.....
मेरी रूपाली दीदी: म… मा… मैं… … आ अह ह… कब तक आपका ... हिला हिला के मेरे हाथों में दर्द होने लगा जुनैद जी...

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जुनैद: साली रांड.. बता तो क्या हिला रही है मदार्चोद...
मेरी रूपाली दीदी: आ अह ह... आपका मुसल..आ अह ह...
जुनेद: बहन की लोड़ी मुसल नहीं.. इसे कुछ और कहते हैं मादरचोद... बता रांड..... जुनैद ने मेरी दीदी की चूची को काट लिया..
मेरी रूपाली दीदी: आ अह आह, आह मम्मी...ल...लंड कहते हैं इस.... आपका लंड हिला हिला के मेरे हाथों में दर्द होने लगा है.. उई मां उई मर गई रे... जुनेद मेरी रूपाली दीदी की एक चूची को मुंह में ले के दूध पीने लगा।
जुनैद: भोसड़ी वाली.... साली रंडी... तेरी मां बहन एक कर दूंगा.. बहन की लोड़ी...लंड तेरे पति का होगा.. मेरा तो लौड़ा है साली..
मेरी रूपाली दीदी: हां मां, मां, मां, मां..... सच कहा आपने...लंड नहीं आपका तो यह लौड़ा है... मेरे पति का तो आपके लोड़े से आधे साइज का भी नहीं होगा..
जुनैद ने मेरी रूपाली दीदी की गांड के छेद में एक उंगली डाल दी और अंदर-बाहर करने लगा था।
जुनैद: तेरी मां का भोसड़ा चोदा छिनाल कुत्तिया... बता उस दिन जंगल के अंदर तुझे कैसा लगा था?.....
मेरी रूपाली दीदी: सच बताऊं आपको तो आपको विश्वास नहीं होगा... पर फिर भी बता देती हूं... असली च**चुदाई** क्या होती है? मुझे उसी दिन एहसास हुआ था...
जुनैद मेरी दीदी की गांड के छेद में अपनी उंगली को गोल गोल घुमा रहा था।
मेरी रूपाली दीदी: उस दिन मेरा भाई देख रहा था इसलिए मुझे बड़ी शर्म आ रही थी..आह , उई ई ओह्ह गई , मर गई ओह , पर उस दिन आपके इस लोड़े ने मुझे जो सुख दिया वह मेरे पति ने मुझे कभी नहीं दिया था।
जुनेद: आजा रंडी मादरचोद... आजा मेरे लोड़े पर... मेरे लोड़े की सवारी कर जैसे उस दिन कर रही थी.. अपने गांडू भाई के सामने...
अपना जिक्र सुनकर मैं शर्मिंदा हो गया पर मेरा तो लंड पूरा खड़ा था.. मैं अपनी पेंट से बाहर निकाल कर हिलाने लगा..

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तकरीबन 5 फीट की दूरी पर मेरे रूपाली दीदी जुनैद के लोड़े पर सवार होने लगी।
... दीदी के बड़े बड़े दूध देखकर के अच्छे अच्छो का माल निकल जाये… मेरी रूपाली दीदी ने अपने बड़े बड़े दूध जुनेद के चेहरे पर रख उसके लोड़े पर बैठने लगी।
मेरे रूपाली दीदी :…. आह , उई ई ओह्ह फट गई , मर गई ओह , मेरी...
मेरे रूपाली दीदी की चुनमुनिया में जुनैद का आधा लौड़ा समा गया था... मेरी रूपाली दीदी चीख रही थी चिल्ला रही थी... इसके बावजूद भी जुनेद के लोड़े के ऊपर बैठ गई थी ... जुनैद ने नीचे से एक जोरदार झटका दिया और उसका पूरा का पूरा लौड़ा मेरी रूपाली दीदी की भोसड़ी में समा गया..
साली रंडी, मादरचोद... क्या क्या तेरा पति ऐसे चोदता है तुझे?.. जुनैद ने पूछा..
हां मम्मी मां मर गई रे हाय रे..... मेरे पति का .... इतना बड़ा नहीं है ..
उयी ई ओह्ह्ह , प्लीज... मेरी दीदी चीख रही थी।
जुनेद: " बोल , अब दुबारा तो छिनरपना नहीं करेगी जैसे अभी नखडा चोद रही थी की लण्ड पे नहीं चढ़ेगी।
मेरी रूपाली दीदी: नहीं नहीं बस एक बार निकाल लो...
जुनैद: निकालने के लिए नहीं घुस आए बहन की लोड़ी...
जुनेद मेरी रुपाली दीदी को अपने लोड़े पर उछाल रहा था।
रूपाली दीदी: आ अह हा… स… एम्म… म्मह… उ उफ फफ्फ़… मुझे चोदो.... अपनी रंडी को....
मेरी दीदी ने अपनी चुचियों को जुनैद के मुंह में डाल दिया.. वह मेरी दीदी का दूध पीने लगा. और मेरी दीदी को अपने लोड़े पर उछलने लगा...

मेरी रुपाली दीदी: प्लीज थोड़ा सा रुक जाओ न ,क्या कर...., नहीं करो न , लगता है ,... ओह्ह आहह , नहीं ई ई ई ई ,

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जुनेद:“आह आह आह आह आह आह ,ओ ओ ओ आह जआआआननन आह जाआआआआआआनननन “
साली रंडी, मादरचोद...
मेरे रूपाली दीदी किसी पम्प की तरह जुनेद के लोड़े के ऊपर ऊपर कूद रही थी और मेरे होश ही उड़ा रही थी मुझे पता था की मेरी दीदी इतनी गर्म हो चुकी थी की वो ज्यादा समय तक नही टिकने वाली , मेरी दीदी जुनैद के अकड़ को आज शायद तोड़ ही देती वो बिल्कुल भी आराम के मूड में नही थी ,वो लगातार ही कूद रही थी ,..
मैं अपना छोटा सा नन्ना मुन्ना पकड़ कर हिला रहा था मेरी दीदी को उछलते हुए देखकर।
जुनैद: आह आह! आह साली कुत्तिया छिनाल रंडी मादरचोद.. तेरे पति के छोटे से लोड़े से आज तक तुझे। मजा आया था क्या?..
मेरी रूपाली दीदी: नहीं जी कभी नहीं.. मेरे पति के लोड़े ने मुझे ऐसा सुख कभी नहीं दिया था.... काश आप मेरे पति होते...
“लव यू बेबी ,लव यू ,फ़क मि जान आह आह आह ,”
“लव यू मेरी रानी “ जुनेद बोला..
रानी नहीं मैं तो आपकी रंडी हो गई हूं... मेरी दीदी चीखते हुए बोली..
शायद मेरी रूपाली दीदी को जल्दी से ही झरना था वो अपनी बेताबी के इंतहा पर थी और वो उस ज्वाला को निकाल देना चाहती थी जो उसके अंदर भरी हुई थी ,
मेरी दीदी ने अपने एक चूची जुनैद के मुंह में घुसा दी। किसी आज्ञाकारी बालक की तरह मेरी दीदी की चूची को पीने लगा जुनैद। हाहाकारी रंडी की तरह मेरी रूपाली दीदी जुनैद के लोड़े पर कूद रही थी।
मेरी रूपाली दीदी: एम्म… ह…. आह… म्‍म्म्मम.. करो..आह.. तेजज… ऑश अहह… राजा..अम्म ! अर्रे, ममम !!!
ऐसा लगा कि दीदी कुछ बोलना चाह रही थी लेकिन उसने दीदी को बोलने नहीं दिया और दीदी के गद्देदार लाल लिपस्टिक वाले होंठ चूस रहा था जुनेद मेरी आंखों के सामने।
दीदी के गूँ गूँ करने की आवाज़ आ रही थी और चूड़ियाँ भी बहुत जोरो से खनक रही थी.. और यहाँ मैं यह सुन कर मदहोश होता जा रहा था..
कुछ ज़्यादा ही गर्म आदमी था वो..
दीदी की कराहने की आवाज़ मेरा लंड झड़ने के लिए काफ़ी थी…
अहह ! और मैं एक बार ही झड़ गया..
. तभी दीदी का शरीर अकड़ा और फिर वो ढीली पड़ गई.. और खुद ही बेड पर लेट गई.. जुनेद के लोड़े से .... उतर गई।
जुनैद का 10 इंच का लोड़ा बिल्कुल डंडे की तरह खड़ा था.. वह मेरी रूपाली दीदी के ऊपर सवार हो गया और उसे अपना मोटा डंडा मेरी दीदी की चूत पर लगा कर अंदर घुसा दिया।
दोनों के मुँह से कामुक कराह निकली- आआहह !
उसके बाद उसने जोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया, थोड़ी देर में दीदी फिर से गरम होकर चीखने लगी- अहह ! आय माआ आ.. ज़ोर से और ज़ोर से… ओह… बहुत अच्छा लग रहा है… अम्‍म्म्म..

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जुनैद का मोटा लंबा खूंटा एकदम टनटनाया था ,
वह मेरी रूपाली दीदी के बिल्कुल अंदर एकदम जड़ तक घुसा दे रहा था और फिर पूरा का पूरा मुसल बाहर निकाल के अगला झटका दे रहा था... उसने मेरी दीदी की दोनों चूचियों को अपने दोनों हाथों में जकड़ रखा था और एक चूची को मुंह में लेकर दूध पीते हुए वह मेरी दीदी को बड़ी बेरहमी से चोदे जा रहा था...
दीदी बहुत कामुक आवाज़ें निकाल रही थी.. आआअहह ! भागी नहीं जा रही मैं.. आराम से करो मेरी.. उफफ्फ़… म्‍म्म्मम..
दीदी अपने होंठ अपने दातों से काट रही थी.. और उसके सिर पर हाथ फिरा रही थी..
एकदम रगड़ते , दरेरते , फाड़ते , छीलते, वह मेरी रूपाली दीदी की ले रहा था... मेरी दीदी भी नीचे से गांड उठा उठा कर उसे दे रही थी...

उह्ह्ह आह्हः नहीं , हाँ करो न , मेरी दीदी सिसक रही थी...
जुनैद ने मेरी रूपाली दीदी को उल्टा कर दिया.. आप मेरी दीदी उसके लोड़े पर सवार थी.. वह मेरी दीदी को अपने लोड़े पर उछलने लगा..
मेरी रूपाली दीदी: आ आआ आआआ आअहह… ऑश माआ आआआअ .. जुनेद जी..आ आआ आआआ...
जुनैद: अब दर्द नहीं हो रहा है बहन चोद.. साली रंडी..
मेरी दीदी: अहह ! आय माआ आ.. ज़ोर से और ज़ोर से… ओह… बहुत अच्छा लग रहा है… अम्‍म्म्म.. बहुत मजा आ रहा है ... आप का लोड़ा बहुत बड़ा जुनैद जी..
जुनैद: साली रांड.. मुझे पता है मेरा लोड़ा कितना बड़ा है.. तू बताएगी मुझे साली..... कुत्तिया ....
जुनेद एक हाथ से मेरी दीदी की चूची दबा रहा था और दूसरे हाथ से मेरी दीदी के भोसड़ी का दाना मसल दीया...
मेरी रूपाली दीदी किसी पागल रंडी की तरह उसके लोड़े पर उछलने लगी... देखकर बिल्कुल नहीं लग रहा था कि मेरी दीदी संस्कारी परिवार की अमानत है...
मेरी रूपाली दीदी का भोसड़ा थोड़ी देर उछलने के बाद जुनेद की मलाई से चमक रहा था... साथ ही साथ जुनैद का लौड़ा भी मेरी दीदी के पानी से बिल्कुल चमक रहा था और पानी टपके जुनेद की गोलियों तक जा रहा था...
फिर मेरी दीदी ने अपनी दोनों टांगे जुनैद की जांघों पर रख दी और उछलने लगी...
मेरे रूपाली दीदी: हा मेरी चूत ....... आहह… ओह्ह्ह… आइ… ई… यई… जुनेद जी.... आहह… ओह्ह्ह… फाड़ के रख दो... बड़ी खुजली है इसके अंदर.... आप का लौड़ा मां... मर गई...
जुनैद: रांड तुझे शर्म नहीं आ रही है.. तेरा भाई हॉल में बैठा हुआ तेरी सुन रहा होगा मां की लोड़ी...
मेरी रूपाली दीदी: . आहह… जुनैद जी मेरा भाई बहुत शरीफ है उसे कुछ नहीं पता...
दीदी के मुंह से अपना जिक्र सुनके मेरा लौड़ा फिर से फुल टाइट हो गया और मैं दोबारा हिलाने लगा..
मेरी दीदी पलट गई और जुनैद के ऊपर लेट गई.. उन्होंने खुद अपने हाथ से पकड़ कर अपनी एक चूची जुनेद के मुंह में डाल दी और उसे अपना दूध पिलाने लगी... जुनैद मेरी दीदी की गांड पकड़ के उनको अपने लोड़े पर उछाल रहा था...
अब दीदी के मचलने की बारी थी..

वो बस कसमसा रही थी.. बेचैन हो रही थी.. आहह… ओह्ह्ह… आइ… ई… यई…

और कामुक आवाज़ में कुछ कुछ बोल रही थी… अम्म आह.. और.. आउच हह.. आराम से… एम्म्म… हाँ पियो इन्हे.. दूध निकालो इनमें से.. निचोड़ लो सब कुछ आज.. आअहह…
जुनेद: हां मेरी रंडी... फाड़ के रख दूंगा तेरी चूत ... और अपने भाई के साथ जाना अपने पति के पास बोलना कि जुनेद जी ने मेरी चूत का भोसड़ा बना दिया.... साले रांड बताएगी ना अपने पति को...
मेरी दीदी: हां सब बता दूंगी उनको भी...
.आहह..एम्म ! चोदो मुझे.. ! प्लीज़ मुझे चोदो…आह ह्ह्ह्ह.. और मत तड़पाओ…

 

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दीदी की गाण्ड अपने आप ऊपर की तरफ उठ कर लंड को अंदर लेने की कोशिश कर रही थी मगर जुनैद को उन्हें तड़पाने में मजा आ रहा था...
अब तो दीदी की पनियाई चूत और जोर से बहने लगी और उनका चूतरस उनकी चूत से बहता हुआ उनकी गाण्ड के छेद तक चला गया..

चूत और गाण्ड पर चूतरस लगे होने की वजह से बहुत चमक रही थी ऐसा लग रहा था मानो मेरे आगे जन्नत की सबसे सुंदर चूत और गांड है…
तभी जुनैद ने अपना लंड बाहर निकाल लिया और अपने हाथ में पकड़ लिया... उसने अपना लंड मेरी दीदी की चूत के मुहाने पर रख कर चूत और चूत का दाना रगड़ने लगा..

एक ही रगड़ ने दीदी के मुँह से चीख निकलवा दी.. ओइं आह्ह्हह्ह ! आअहह प्लीज़ और मत तड़पाओ मुझे ईईए ! अह.. इस…म्‍मम…

साँसें बहुत ज़ोर से चल रही थी दीदी की !

इधर उनकी गाण्ड और जोर से मचल मचल कर लंड को अंदर लेने की कोशिश कर रही थी… और तभी उसने लंड को चूत पर टिका कर एक ज़ोरदार झटका दिया.. और आधा लंड दीदी की पनियाई चूत के अंदर उतार दिया..

“आह ह्ह्ह्ह…” मेरी दीदी के मुझे कामुक सिसकारी निकली...
जुनैद मेरी रूपाली दीदी की चूत की गर्मी का एहसास पाते ही कराह उठा..

उधर दीदी भी दर्द और काम से मचल कर चीख उठी.. …उई माँ …आई ईई ई…
कांपने लगे।

मैं त… त..तो… तो… गा… ग… गाइइ.. मेरी दीदी झड़ने लगी...
मैं एक भयंकर दृश्य देख रहा था....
जुनैद ने अपना लौड़ा बाहर निकाला और मेरी दीदी को देखने लगा फिर उसने अपना लौड़ा मेरी दीदी की चूत में लंड घुसा दिया और अब वो चूत में लंड अंदर-बाहर करने लगा- आह… आह… आह… आह उहह… आ… उहह आ…

एक ही मिनट बाद दीदी फिर से अकड़ने लगी.. और तभी फिर से उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया और वो ज़ोर से चीखी- अह ह्हह ..आ… आ..अया…आ गई मैं फिर से…

इधर उसके लंड पर दीदी के चूत का गाड़ा सफेद पानी तेल की तरह लिपट कर चमक रहा था और अब उसका लंड की मशीन की तरह अंदर बाहर हो रहा था..

करीब 10 मिनट की धमाकेदार चुदाई हुई और दीदी करीब 3 बार और झड़ी.. नीचे बिस्तर पर एक बड़ा हिस्सा गीला हो चुका था…
जुनेद: साली रांड मैं झड़ने वाला हूं....
उसने अपना लंड दीदी की चूत से बाहर निकाला और मेरी दीदी के होठों पर रख अंदर घुसाने की कोशिश करने लगा..
मेरी रूपाली दीदी ने अपना मुंह खोल दिया ...आधा लौड़ा मेरी रूपाली दीदी का मुंह के अंदर तक..... जुनेद खड़ा था और मेरी रूपाली दीदी को घुटनों के बल बैठे हुए उसका लौड़ा चूस रही थी..
जुनेद झड़ने लगा मेरी रूपाली दीदी के मुंह के अंदर... मेरी दीदी का मुंह भर गया.... जुनैद का लौड़ा खाली होने का नाम नहीं ले रहा था.. वह झटके मार रहा था.... उसने मेरी दीदी के मुंह से अपना लौड़ा निकाल लिया और मेरी रूपाली दीदी के चेहरे के ऊपर अपना लोड़े का माल निकलने लगा...... वह पागल हो गया था.... उसने मेरी दीदी के बाल पकड़ रखे थे.... होठों पर गालों पर माथे पर यहां तक कि मेरी दीदी की मांग में भी उसने पिचकारी मार दी..... बचा माल उसने मेरे रूपाली दीदी की दोनों चुचियों के निप्पल पर टिका दिया...
मेरी दीदी उसके लोड़े को चाट चाट के साफ कर रही थी..
मेरे लोड़े से भी पिचकारी निकल गई दूसरी बार.