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आंतरिक पुरुष जननांग संरचना (Internal Male Anatomy)

पुरुष की आंतरिक प्रजनन प्रणाली में मुख्य रूप से निम्न अंग शामिल होते हैं:

  • अंडकोष (Testicles)
  • डक्ट सिस्टम (Duct System)
  • प्रोस्टेट ग्रंथि (Prostate Gland)
  • सीमिनल वेसिकल्स (Seminal Vesicles)
  • काउपर ग्रंथियां (Cowper’s Glands)

अंडकोष (Testicles)

अंडकोष पुरुष जनन ग्रंथियां (Male Gonads) हैं, जहां शुक्राणु और पुरुष हार्मोन बनते हैं।

प्रतिदिन लाखों शुक्राणु छोटे-छोटे कुंडलित नलिकाओं में बनते हैं जिन्हें सेमिनिफेरस ट्यूब्यूल्स कहा जाता है।

इन नलिकाओं के बीच स्थित लेयडिग कोशिकाएं (Leydig Cells) एंड्रोजन हार्मोन बनाती हैं, जिनमें मुख्यतः:

  • टेस्टोस्टेरोन (Testosterone)
  • इनहिबिन (Inhibin)

अंडकोष स्पर्मेटिक कॉर्ड द्वारा शरीर से जुड़े रहते हैं, जिसमें रक्त वाहिकाएं, नसें, वास डिफरेंस और मांसपेशियां होती हैं।

तापमान और यौन उत्तेजना के अनुसार यह प्रणाली अंडकोष को ऊपर या नीचे खींचने में सहायता करती है।

शुक्राणु परिवहन प्रणाली (Duct System)

शुक्राणु शरीर के अंदर चार मुख्य भागों वाली नलिका प्रणाली से होकर गुजरते हैं।

1. एपिडिडिमिस (Epididymis)

यह प्रत्येक अंडकोष के ऊपर और पीछे स्थित कुंडलित नली होती है जहां शुक्राणु परिपक्व होते हैं।

2. वास डिफरेंस (Vas Deferens)

यह एक मांसल नली है जो एपिडिडिमिस से शुरू होकर शुक्राणुओं को आगे ले जाती है।

इसका विस्तारित भाग एम्पुला (Ampulla) कहलाता है, जहां वीर्य स्खलन से पहले शुक्राणु संग्रहित हो सकते हैं।

3. इजैक्युलेटरी डक्ट्स (Ejaculatory Ducts)

ये लगभग 2.5 सेंटीमीटर लंबी जुड़ी हुई नलियां होती हैं जो प्रोस्टेट ग्रंथि से होकर गुजरती हैं।

प्रोस्टेट ग्रंथि (Prostate Gland)

प्रोस्टेट एक अखरोट के आकार की ग्रंथि है जो मूत्रमार्ग के प्रारंभिक भाग को घेरे रहती है।

यह:

  • वीर्य द्रव बनाने में सहायता करती है
  • मूत्रमार्ग को नम बनाए रखती है
  • वीर्य के प्रवाह को आसान बनाती है

प्रोस्टेट मूत्राशय के नीचे और मलाशय के सामने स्थित होती है।

कुछ लोगों में प्रोस्टेट की उत्तेजना से यौन आनंद या ऑर्गेज्म महसूस हो सकता है।

सीमिनल वेसिकल्स (Seminal Vesicles)

सीमिनल वेसिकल्स ऐसा द्रव बनाती हैं जो शुक्राणुओं के साथ मिलकर वीर्य (Semen) बनाता है।

ये ग्रंथियां:

  • फ्रक्टोज प्रदान करती हैं, जो शुक्राणुओं को ऊर्जा देता है
  • प्रोस्टाग्लैंडिन बनाती हैं, जो गर्भाशय संकुचन में मदद कर सकते हैं
  • क्षारीय द्रव बनाती हैं, जो योनि की अम्लीयता को कम करने में सहायता करता है

काउपर ग्रंथियां (Cowper’s Glands)

काउपर ग्रंथियां मटर के आकार की दो छोटी ग्रंथियां होती हैं जो प्रोस्टेट के नीचे स्थित होती हैं।

ये एक साफ चिकना द्रव बनाती हैं जो:

  • मूत्रमार्ग को चिकना बनाता है
  • अम्लीयता को कम करता है
  • वीर्य स्खलन की तैयारी में सहायता करता है