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उधर दिव्या का पूरा बदन दर्द में डूबा हुआ था. शरीर पर जगह जगह निशान बन गए थे और उसको चलने में भी दिक्कत हो रही थी. वो एक नींद की गोली खाकर बिस्तर पर बेसुध पड़ी थी. उसने इतनी हिम्मत भी नहीं थी की वो कपडे पहन ले या फिर अपने नंगे बदन को ढक ले. लेकिन नींद की गोली लेने के बावजूद उसको नींद नहीं आ रही थी उल्टा ऐसी हालत में भी उसकी चूत गीली हो रही थी.

 

अपनी इस हालत को देख कर दिव्या की आँख में आंसू आ जाते है की आखिर उसे क्या हो गया है. आज उसके साथ जो हुआ उसमें उसको मजा कैसे आ सकता है. तरह तरह के ख्याल उसके मन में घूम रहे थे. काफी कोशिश के बाद आखिरकार उसे नींद आ ही जाती है.

सुबह उसकी नींद काफी देर से खुलती है. उसका स्कूल जाने का मन भी नहीं होता. वो फोन उठाती है तो देखती है की मनीष ने रात को कई मेसेज किये हैं ऑनलाइन आने के लिए. वो मदन को फ़ोन करके कहती है की उसकी तबियत ख़राब है तो वो स्कूल नहीं आयेगी. मदन उसे आराम करने को कहता है और बोलता है की जबतक तबियत ठीक न हो स्कूल की टेंशन न ले.

दिव्या का सर बहुत दर्द कर रहा है तो वो सलमान की लाई हुई नींद की गोली खाकर वापस वापस लेट जाती है. बार बार उसके जेहन में रात के दृश्य घूम रहे हैं की कैसे सलमान ने उसको बेदर्दी से चोदा था. कुछ ही देर में वो फिर से गरम होने लगती है. उसको अपने आप पर गुस्सा आने लगता है की वो क्यों अपने पर कण्ट्रोल नहीं रख पाती. अगर वो शुरू में ही सलमान को रोक देती तो जो कल हुआ वो नहीं होता. उसको याद आता है की कैसे उसने सलमान से रात भर अपनी चूत चटवाई और कैसे शावर के नीचे सलमान ने उसे चोदा.

दिव्या का हाथ बरबस ही उसकी चूत पर चला जाता है लेकिन तभी उसका फोन बज उठता है. ये सलमान का फोन था. दिव्या फ़ोन उठा लेती है.

दिव्या: क्या हुआ. तुमने काल करने की हिम्मत कैसे की.

सलमान: वो मैडम आप स्कूल नहीं आई तो मुझे लगा की आपका हालचाल पूछ लूं.

दिव्या: कल जो तूने किया उसके बाद तू मेरा हालचाल पूछेगा. अब तो पुलिस तेरा हालचाल लेगी.

सलमान: मैडम क्या सब मैं अकेले किया था. आपने भी तो मेरा पूरा साथ दिया था.

दिव्या: मैं ये नही जानती लेकिन तू सोच ले की अगर मैंने पुलिस से तेरी कंप्लेंट कर दी तो तू रैप के जुर्म में सीधा अन्दर जायेगा.

सलमान: हाँ मैडम आप तो बड़े लोग हो. मैं गरीब आदमी हूँ. मेरा साथ कौन देगा. आपने भी अपनी हवस मिटाई लेकिन सारा इलज़ाम मुझ पर डाल रही हो.

दिव्या: बकवास न कर. सुन तुझसे आखिरी बार कह रही हूँ की अगर आगे से तूने मुझसे कोई वास्ता रखने की कोशिश की तो अच्छा नही होगा.

ये कहकर दिव्या फोन काट देती है. दिव्या के ऊपर टेबलेट का असर तो था लेकिन गुस्से में वो अपनी शरीर की आग को काबू कर लेती है. तभी फिर से फोन बजता है. उसको लगता है सलमान फिर से फोन कर रहा है. उसका गुस्सा और भड़क जाता है लेकिन इस बार मनीष का फ़ोन था.

 

दिव्या: क्या बात है और ये मेसेज क्यों करते रहते हो मुझे.

मनीष: सॉरी मैम लेकिन वो आपने रात को कोई बात नहीं की और आज स्कूल भी नहीं आई तो इसीलिए चिंता...

दिव्या: तुम्हे मेरी चिंता करने की जरूरत नहीं है. मैं अपनी चिंता खुद कर लूंगी और तुम अपनी पढाई की चिंता करो.

मनीष: आप नाराज न होइए मैम. वो कल आप ऑनलाइन नहीं आई तो मुझसे रहा नहीं गया की कहीं आपको कोई प्रॉब्लम तो नहीं है.

दिव्या: झूठा कंसर्न दिखाने की कोई जरूरत नहीं है.

मनीष: मैम झूठा कंसर्न नहीं है. मैं पूरी रात सो नहीं पाया. आप देखिये अपना फ़ोन. मैंने रात भर आपको मेसेज किये हैं.
दिव्या जानती है की मनीष सच बोल रहा है. उसको लगता है की वो खामखाँ सलमान का गुस्सा मनीष पर उतार रही है.

दिव्या: मैं अब ऑनलाइन नहीं आउंगी मनीष. मेरा वेट मत किया करो और न ही मुझे मेसेज किया करो. तुम्हारे लिए पूजा ठीक है. वो तुम्हारी उम्र की भी है. मैं एक शादीशुदा औरत हूँ. मेरी बात को समझो.

मनीष: पूजा और मैं एक दुसरे की जरूरत पूरी करते हैं लेकिन मोहब्बत मैं आपसे करता हूँ इसीलिए मैं आपका वेट जरूर करूंगा. मैं आपसे बात किये बिना नहीं रह सकता.

दिव्या: ये सब तुम्हारे लिए ठीक नहीं है मनीष. मैं जानती हूँ तुम्हारी उम्र में ऐसा होता है की बच्चे अपनी टीचर की तरफ आकर्षित हो जाते हैं. ये मोहब्बत नहीं है. सोचो आखिर मेरे अन्दर ऐसी क्या ख़ास बात है जो तुम ऐसी बातें कर रहे हो.

मनीष: अरे मैम आपके अन्दर हजार बातें है जो किसी को भी आपसे मोहब्बत के लिए मजबूर कर देंगी. आपकी प्यारी आँखें जिनसे नजर हटाने का मन नहीं करता. आपका बात करने का तरीका. एक अपनापन हो जाता है. आपके रेशमी बाल. आपके रसीले होंठ. आपकी बलखाती कमर और पहाड़ जैसे तने हुए आपके दो...

दिव्या: बस मनीष. तुम सिर्फ मेरे बदन की तरफ आकर्षित हो. तुमने खुद बोला है की मुझसे बात करके तुम्हे इरकशन हो जाता है.

मनीष: ये सच है मैम की आपसे बात करके मेरा खड़ा हो जाता है लेकिन ये भी तो एक तरह से प्यार है वरना मेरा अपने ऊपर इतना कण्ट्रोल है की अगर आप नंगी भी आ जाओ तो भी मैं आपको टच नहीं करूंगा जब तक आप न चाहो.
दिव्या: स्कूल में और भी तो टीचर्स हैं. मुझे यकीन है की तुम उनके बारे में भी ऐसा ही सोचते होगे.

मनीष: ऐसा नहीं है मैम. इस दुनिया में आप जैसी और कोई नहीं है.

 

 



दिव्या: क्यों रश्मि मैम भी बहुत खूबसूरत हैं.

मनीष: सिर्फ खूबसूरती की बात नहीं है मैम. जो आसानी में मिल जाए वो चीज मुझे कभी पसंद नहीं आती.

दिव्या: मतलब?

मनीष: स्कूल में वो कितनो से चुद चुकी है उसको खुद गिनती याद नहीं होगी.

दिव्या: व्हाट रबिश. किसी के बारे में कुछ भी बकवास करोगे क्या?

मनीष: मुझे तो लगता था की आपको पता होगा चलो कोई बात नहीं. अगर आप चाहें तो मैं आपको सबूत दे दूंगा.

दिव्या: कैसा सबूत?

मनीष: आपको रात तक इंतज़ार करना होगा. आप ऑनलाइन आ जाना रात को.

दिव्या: अरे मैंने बोला न की अब ऑनलाइन नहीं आउंगी.

मनीष: आपकी मर्जी मैम लेकिन मैं प्रूफ लेकर आपका वेट करूंगा.

दिव्या: मैं अब तुमसे ये सब बात नहीं करूंगी.

मनीष: मैम आप बात करना बंद कर देंगी तो मैं कौन सा आपसे जबरदस्ती बात कर लूँगा. हाँ लेकिन मैं रात में आपका वेट करूंगा बाकी आपकी मर्जी.

ये बोलकर मनीष फोन काट देता है. दिव्या से बात करके फिर से दिव्या की बेचैनी बढ़ गयी है. वो अपने आपको शांत करने के लिए घर के काम करने लगती है लेकिन काम में उसका मन नहीं लगता. बार बार उसको लगता है की क्या रश्मि के बारे में मनीष सही कह रहा था या फिर ऐसे ही झूठ बोल रहा था ताकि वो ऑनलाइन आ जाये. वैसे भी सुन्दर औरतों के बारे में तो लोग कुछ भी अफवाह फैला देते है.

पूरा दिन वो यही सोचती रहती है और आखिरकार उसकी बेचैनी इतनी बढती है की वो रात को ऑनलाइन आने की सोचती है. फिर उसे लगता है की उसके साथ इतना कुछ होने के बावजूद वो फिर से उसी तरह की गलती दोहराने जा रही है. आखिरकार मनीष भी तो वही चाहता है जो सलमान ने उसके साथ किया है ये जानते हुए भी उसका मन मनीष से बात करने का हो रहा है.

वो अपने आपको कोसती हुई बिस्तर पर करवटें बदलती रहती है. उसे समझ नहीं आता की मनीष से बात करने को वो इतनी बेचैन क्यों हो रही है लेकिन वो किसी तरह अपने पर कण्ट्रोल करती है और ऑनलाइन नहीं आती.

तभी सलमान भी दिव्या को कॉल करता है लेकिन दिव्या पिक नहीं करती. सलमान कई बार फ़ोन करता है लेकिन दिव्या फोन ऑफ कर देती है. सलमान को गुस्सा तो आता है लेकिन वो जानता है की दिव्या को इस तरह भी वो तडपा ही रहा है. रात किसी तरह बीत जाती है.

अगले दिन दिव्या अपने को संभालती है. वो तय करती है की जो हुआ वो उसे राजेश को नहीं बताएगी और वो अपने नार्मल रूटीन में वापस आने के लिए स्कूल जाने की सोचती है. फिर उसे लगता है की स्कूल में फिर से सलमान और मनीष उसे मिलेंगे. फिर उसे लगता है की उसने कुछ गलत नहीं किया तो वो क्यों किसी से डर रही है.

वो सोचती है की उसको अपनी हर मुश्किल का डटकर सामना करना चाहिए और उनका हल भी उसको खुद ही निकालना है इसीलिए वो तैयार होकर स्कूल पहुँच जाती है. वो इस बात से बेखबर है की सलमान ने उसको हवस के जिस दलदल में धकेल दिया है उससे बाहर निकलना उसके लिए आसान नहीं होगा.

 



दिव्या को देख कर सलमान की बाँछे खिल जाती हैं. उसके मन में हलचल होने लगती है और उसका लंड खड़ा हो जाता है लेकिन दिव्या उसे ऐसे अनदेखा कर देती है जैसे कुछ हुआ ही न हो. वही मनीष भी दिव्या से बात करने का मौका ढूंढता है लेकिन दिव्या उसे भी इग्नोर कर देती है. उधर सलमान जानता था की अगर दिव्या को किसी से कुछ कहना होता तो अब तक कह चुकी होती तो अब वो किसी को कुछ नहीं कहने वाली. वो दिव्या को अपने जाल में पूरी तरह फ़साने का मन बना लेता है.

वो पूरे दिन दिव्या को दबोचने का मौका ढूंढता रहता है. छुट्टी के वक़्त वो देखता है की सब बच्चे और टीचर्स घर चले गए हैं लेकिन दिव्या, रश्मि और दो जेंट्स टीचर स्कूल में रुक कर कुछ काम कर रहे हैं. आखिरकार वो देखता है की दिव्या वाशरूम की तरफ जा रही है. सलमान तय करता है की दिव्या को आज स्कूल के लेडीस वाशरूम में चोदा जाए. ये तय करके सलमान दिव्या के पीछे चल देता है.

सलमान जब वाशरूम में पहुँचता है तब दिव्या टॉयलेट में घुस चुकी होती है. सलमान बगल वाले टॉयलेट में छुप जाता है. 5 मिनट में दिव्या बाहर आ जाती है और अपने आपको शीशे में निहारने लगती है.

 



तभी सलमान पीछे से आकार उसे पकड़ लेता है. अचानक सलमान के वहां आ जाने से दिव्या शॉक हो जाती है. सलमान को देखते ही उसकी सारी हिम्मत हवा हो जाती है और चेहरा डर से पीला पड़ जाता है.

दिव्या ने सपने में भी नहीं सोचा था की सलमान उसको स्कूल के अन्दर पकड़ लेगा. दिव्या हिम्मत बटोर कर छूटने की कोशिश करती है.

दिव्या: पागल हुए हो क्या सलमान. छोडो मुझे. कोई आ जायेगा तो मुसीबत हो जाएगी.

सलमान: हाँ मैं पागल हो गया हूँ मेरी जान लेकिन मुझे तूने पागल बनाया है.

सलमान दिव्या को उठा कर वाशबेसिन के स्लैब पर बिठा देता है. दिव्या सलमान को रोकती है लेकिन सलमान तो दिव्या को यही चोदने की सोच कर आया था.

 

 



सलमान: क्यों मना कर रही हो मेरी जान. तुम्हे भी तो खूब मजा आता है न.

दिव्या: सलमान मुझे अभी जाने दो. ये लेडीस टॉयलेट है. कोई आ गया तो मैं क्या बोलूंगी की मैं एक मर्द के साथ अन्दर क्या कर रही हूँ. मेरी कितनी बदनामी होगी.

सलमान: तो अन्दर टॉयलेट में चल. वही चोदता हूँ तुझे.

दिव्या: नहीं मुझे नहीं जाना अन्दर.

सलमान: तो ठीक है फिर यहीं चोदूंगा तुझे.

 

 



ये कह कर सलमान दिव्या की साड़ी और पेटीकोट ऊपर करने लगता है और अपने हाथ दिव्या की जांघों पर रख देता है.

सलमान: उफ़ गितनी गरम माल है तू मेरी जान. कितनी चिकनी जांघे है तेरी एकदम केले के तने की तरह.

 

तभी अचानक बाथरूम का दरवाजा खुलता है और रश्मि अन्दर आ आती है.

 

 



सलमान हडबडा जाता है और दिव्या को सँभलने का मौका मिल जाता है. वो फ़ौरन सलमान को धक्का देकर वाशरूम से बाहर चली जाती है. उधर रश्मि भी दिव्या को सलमान के साथ देख कर चौंक जाती है क्योंकि वो दिव्या को काफी शरीफ समझती थी. सलमान दिव्या को आवाज देता है लेकिन दिव्या पीछे मुड़ कर भी नहीं देखती.

रश्मि भी वापस जाने लगती है तो सलमान उसको रोकता है.

सलमान: तू कहाँ चल दी अब. जब कुछ करना नहीं था तो वाशरूम में क्यों आई थी.

रश्मि: मुझे क्या पता की तुम लेडीस बाथरूम में ये सब कर रहे हो.

सलमान: वो सब मुझे नहीं पता. ये देख तेरी वजह से वो कुतिया मेरे खड़े लंड को धोखा देकर भाग गई. अब मैं इसका क्या करूं.

रश्मि: मुझे थोडा काम है तो मैं चलती हूँ. और इसको तुम घुमा के अपने ही पीछे डाल लो.

सलमान: अच्छा. लगता है तू भूल गयी की इस स्कूल में तेरी चुदाई सबसे पहले मैंने ही की थी. सलमान सलमान बोल कर कूदती थी मेरे लंड पर. अब तेरे भाव बढ़ गए हैं.

सलमान रश्मि का हाथ पकड़ कर बोलता है. लेकिन रश्मि सलमान को धक्का दे देती है.

रश्मि: छोड़ मुझे. याद नहीं की तूने ही मुझे मदन के हवाले कर दिया था और अब मैं उसकी पर्सनल रांड हूँ. अब अगर तूने मुझे परेशान किया तो मदन को बोल दूँगी. समझा.

रश्मि भी वाशरूम से बाहर चली जाती है और दिव्या स्कूल से क्योंकि अब वो रश्मि का सामना नहीं करना चाहती. सलमान अपना खड़ा लंड लेकर रश्मि को गलियां देता हुआ अपने रूम पर चला जाता है. दिव्या घर पहुँच कर बहुत परेशान हो जाती है की अब तो रश्मि उसके और सलमान के बारे में सबको बता देगी तभी उसको मनीष की बात याद आती है की रश्मि के भी गैर मर्दों से शारीरिक सम्बन्ध है. दिव्या सोचती है की मनीष से इस बात का सबूत ले लेना चाहिए ताकि वो रश्मि को ये बात किसी और को बताने से रोक पाए.

तो मजबूरी में दिव्या रात को फिर से मनीष से चैट करने ऑनलाइन आती है. दिव्या को ऑनलाइन देख कर मनीष फ़ौरन मेसेज करता है.

मनीष: देर आये दुरुस्त आये.

दिव्या: मैं तो ये बोलने आई हूँ की मुझे रश्मि मैम वाली बात पर यकीन नहीं है. इसीलिए तुमसे सबूत मांगने आई हूँ ताकि तुम झूठे साबित हो जाओ.

 

मनीष: मैं अपनी मोहब्बत से झूठ कैसे बोल सकता हूँ.

दिव्या: तुम क्या नार्मल बात नहीं कर सकते.

मनीष: कोशिश कर सकता हूँ लेकिन आप मुझे मदहोश कर देती है.

ये बोलकर मनीष कैमरा ऑन कर देता है. दिव्या उसको टोकती है.

दिव्या: मैं तुमसे नार्मल बात करने को बोल रही हूँ और तुमने कैमरा ऑन कर दिया.

मनीष: लेकिन अभी तो मैंने पूरे कपडे पहने हैं.

दिव्या: तो ठीक है आज तुम कपडे नहीं उतारना.

मनीष: ठीक है लेकिन आप भी कैमरा ऑन कीजिये और वौइस् चैट कीजिये.

दिव्या मजबूरी में मनीष की बात मान लेती है और माइक ऑन करके बोलती है.

दिव्या: मुझे प्रूफ चाहिए जो तुम रश्मि मैम के बारे में कह रहे थे.

मनीष: प्रूफ तो दे दूंगा लेकिन आप प्रोमिस कीजिये की किसी और से ये बात नहीं कहेंगी.

दिव्या: ओके प्रोमिस अब बताओ क्या प्रूफ है.

मनीष एक फोटो दिव्या को भेज देता है.

 

 



दिव्या: ये कौन हैं?

मनीष: अरे मैम ये रश्मि मैम और एक स्टूडेंट हैं.

दिव्या: लेकिन इसमें तो फेस ही नहीं दिख रहा तो कैसे मान लूं. हो सकता है उसके हस्बैंड हो.

मनीष: मैम हैं तो मेरे पास फेस वाली पिक्स भी लेकिन अगर किसी ने देख ली तो प्रॉब्लम हो जाएगी.

दिव्या: तुमने तो बोला था की ये साईट सिक्योर है. क्या मुझपर भरोसा नहीं है तुमको.

मनीष: नहीं ऐसी बात नहीं है. अच्छा दिखाता हूँ. दुसरे फ़ोन में है.

जैसे ही मनीष फ़ोन लाने के लिए खड़ा होता है दिव्या की नजर उसके लंड पर पड़ती है जो उसके लोअर में टेंट बना रहा था. मनीष जानता था की उसके खड़े होते ही दिव्या को क्या दिखेगा. दिव्या थोड़ी सी गरम हो जाती है. मनीष कुछ देर के लिए वहां से हट जाता है तो दिव्या भी अपनी टेबलेट खा लेती है. तभी मनीष वापस आ जाता है और दिव्या एकबार फिर अपनी नजर मनीष के लंड पर जाने से रोक नहीं पाती.

मनीष: मैम आपको एक और पिक्स भेज रहा हूँ.

दिव्या: ओके. भेजो.

 

 



ये फोटो देख कर दिव्या के होश उड़ जाते हैं. इसमें रश्मि पीटी सर से चुद रही थी.

मनीष: अब तो यकीन हुआ आपको.

दिव्या: हाँ यकीन तो हो गया लेकिन ये तो पीटी सर हैं कोई स्टूडेंट नहीं.

मनीष: अरे मैम. रश्मि मैम तो स्कूल में न जाने कितनो के साथ सेक्स कर चुकी हैं. पहले वाली पिक्चर में देखिये बॉडी से ही कोई कम उम्र का लड़का लग रहा है तो स्टूडेंट ही होगा.

दिव्या: लेकिन स्टूडेंट के साथ रश्मि ऐसे कैसे कर सकती है. कितनी गलत बात है.

मनीष: कोई ऐसी गलत बात भी नहीं है मैम. वो अपनी ख़ुशी के लिए ऐसा कर रहीं हैं तो कोई गुनाह तो नहीं कर रहीं.

दिव्या: तो फिर तुम उनके बारे में क्यों कह रहे थे की आसानी से हासिल हो जाने वाली चीज तुम्हे पसंद नहीं और अपने हस्बैंड को धोखा देना गुनाह ही है.

मनीष: मैं उनकी बुराई नहीं कर रहा था. ये तो अपनी अपनी पसंद है और अगर उनके हस्बैंड उनकी प्यास न बुझा पाते हों तो. आखिर कोई कब तक तडपेगा. आपसे बात करते हुए ही मैं अपने पर कण्ट्रोल नहीं कर पता और रश्मि मैम तो न जाने कब से प्यासी हैं. आप शायद जानती नहीं रश्मि मैम और उनके हस्बैंड की उम्र में 15 साल का गैप है. इन्होने अपने टीचर से लव मैरिज की थी लेकिन जबतक ये जवान हुई वो बूढ़े हो गए.

दिव्या भी ये बात समझती थी क्योंकि राजेश से चुदने में और सलमान से चुदने में जमीन असमान का फर्क था. जो संतुष्टि उसे सलमान ने दी थी उसका 10% भी राजेश नहीं दे सकता था.

दिव्या: तुमको अगर कण्ट्रोल करने में इतनी मुश्किल हो रही है तो कर लो जो करना हो.

मनीष: लेकिन आपने तो शर्त रखी थी.

दिव्या: तुम अब फ्री हो. मैं समझ गयी की तुम कण्ट्रोल कर सकते हो लेकिन मैं नहीं चाहती की तुम भी तड़पो.

मनीष: तुम भी मैम. मतलब क्या आप भी तड़प रही हो.

दिव्या: मैं अपनी नहीं रश्मि मैम की बात कर रही थी.

मनीष: थैंक्स मैम.

दिव्या: किसलिए.

मनीष: मुझे शर्त से फ्री करने के लिए.

दिव्या: देखो मैं ज्यादा देर नहीं रुकुंगी. मुझे सोने जाना है तो जो करना है जल्दी करो.

मनीष खड़ा हो जाता है. उसका लंड कैमरे के एकदम सामने आ जाता है जिसे देख कर दिव्या की चूत में हलचल मच जाती है. मनीष अपने कपडे उतार कर पूरा नंगा हो जाता है और अपना लंड हिलाते हुए बोलता है.

 

 



मनीष: आप नहीं जानती मैम की मुझे कितना सुकून मिला है.

दिव्या: तुम अंडरवियर नहीं पहनते क्या?

मनीष: रात को नहीं पहनता मैम. आप क्या पहन कर सोती हैं.

दिव्या: हाँ क्यों

मनीष: आज उतार कर सोना मैम. देखना कितना सुकून मिलेगा.

मनीष जान बूझ कर खड़े खड़े मुठ मारने लगता है ताकि दिव्या को उसका लंड अपनी नजर के एकदम करीब महसूस हो.

मनीष: आपके हस्बैंड करवाचौथ पर भी नहीं आये क्या मैम.

दिव्या को मनीष की बात बुरी लगती है और साथ ही उसे सलमान ने उस रात उसके साथ क्या किया याद आ जाता है फिर भी वो जवाब देती है.

दिव्या: नहीं.

मनीष: पता नहीं मैम वो कैसे रहते है आपको बिना चोदे. आपका मन नही हुआ की वो करवाचौथ में आयें.

दिव्या: मैं तो चाहती हूँ की वो कभी जाएँ ही नहीं लेकिन ये सब बात छोडो. कुछ और बात करो.

मनीष: वैसे आपने सोने के समय साडी क्यों पहनी है.

दिव्या: सोने से पहले चेंज कर लूंगी.

मनीष: आप न साडी में बहुत सेक्सी लगती हैं मैम.

दिव्या: क्यों?

मनीष: मैम आपके उभरे हुए मम्मों की क्लीवेज कि वजह से.

 

 



दिव्या: मुझे तुम्हारी झूठी तारीफ से कोई फरक नहीं पड़ता.

मनीष: हीरे की कदर जौहरी को ही होती है मैम. आप एक बार खड़ी हो जाओ न. मैं आपको पूरा देखना चाहता हूँ.

दिव्या को आज मनीष ने रश्मि की जो फोटो भेजी है उससे दिव्या काफी रिलैक्स हो गयी है. वो मनीष को मना नहीं करती और उठ कर खड़ी हो जाती है.

मनीष: वाओ मैम, एक बात घूम जाओ.

दिव्या: क्यों?

मनीष: आपके बदन का सबसे सेक्सी हिस्सा देखना है.

 

 



दिव्या मनीष की तरफ गांड करके खड़ी हो जाती है. दिव्या की गांड का तो मनीष दीवाना था. उसका हाथ अपने लंड पर और तेज़ी से चलने लगता है.

 

 



दिव्या वापस कुर्सी पर बैठ जाती है तो मनीष क्लीवेज को देख कर मदहोश हो जाता है. दिव्या की नजर भी बार बार मनीष के लंड पर जा रही है.

मनीष: मैम कैसा लग रहा है मेरा.

 

 



दिव्या: इसमें लगने वाली क्या बात है.

मनीष: आपने कहा था की आपके पति का लंड मुझसे छोटा है. क्या ये सच है.

दिव्या: हाँ तुम्हारा बड़ा है लेकिन मेरे हस्बैंड के बारे में बात मत करो.

मनीष: क्या आप नहीं चाहती की आपके हस्बैंड का लंड मेरे जैसा हो जाए.

दिव्या: जो हो नहीं सकता उसके बारे में क्या सोचना.

मनीष: क्या आपका मन मेरा लंड छूने का कर रहा है.

दिव्या: नहीं तो. ऐसा किसने कहा.

मनीष: ओह कमऑन मैम. झूठ मत बोलो. अच्छा अपनी चून्चिया तो दिखा दो एक बार.

दिव्या: नहीं.

मनीष: हाँ वो दिखा दी तो आपके तने हुए निप्पल आपको झूठा साबित कर देंगे.

दिव्या: चुप. बहुत बदमाशी आ गयी है.

मनीष: अच्छा मैम अपने ब्लाउज में हाथ डाल कर देखो न की निप्पल खड़े है या नहीं.

मनीष की गन्दी बातों से दिव्या की सांसे तेज़ हो जाती है. उसे तो पता ही था की उसके निप्पल तन गए हैं लेकिन वो भी अपने मम्मो को छूना चाहती थी. मनीष के कहते ही वो अपने ब्लाउज में हाथ डाल देती है और अपने निप्पल हलके से रगड़ देती है.

 

 



मनीष: निप्पल खड़ी है न आपकी मैम. बोलो न.

दिव्या: मुझे कुछ नहीं बोलना.

मनीष: अच्छा मत बताओ आप बस ब्लाउज उतार दो. मैं खुद अंदाजा लगा लूँगा.

दिव्या: फिर वही जिद. मैं नहीं उतार रही कुछ.

मनीष: जिद तो आप कर रही हो. पहले भी तो दिखा चुकी हो मुझे ब्लाउज उतार कर.

दिव्या: अरे मैं अभी ब्रा नहीं पहनी है.

मनीष: वाओ मैम तो एक बार अपने मम्मो की गोलाई दिखा दो न.

दिव्या: नहीं मनीष. मैं तुम्हारे सामने न्यूड नहीं हो सकती.

मनीष: मैं कुछ नहीं जानता मैम. आपको दिखाना ही पड़ेगा. ब्लाउज उतार कर चाहे पल्लू से ढक देना छाती को.

मनीष काफी हद तक दिव्या को अपने काबू में करने में कामयाब हो चुका था. दिव्या धीरे धीरे अपना हाथ ऊपर ले जाती है और पहले अपनी चून्चियो को पल्लू से ढक लेती है और फिर ब्लाउज खोल देती है