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कर्नल पूछता है की कौन है. बाहर से श्याम की आवाज आती है.

श्याम: साहब मैं हूँ चौकीदार श्याम.

लाला: इस समय यहाँ क्या करने आया है.

श्याम: वो आपने सलमान और दिव्या मैडम के बारे में पता करने को बोला था न.

लाला: दरवाजा खुला है अन्दर आ जा.

रेणुका ये सुन कर शॉक हो जाती है की कर्नल इस हालत में चौकीदार को अन्दर बुला रहा है तो वो कर्नल का लंड छोड़ कर खड़ी होने लगती है लेकिन कर्नल उसके कंधे पर हाथ रख कर उसे वापस बिठा देता है. तब तक श्याम भी अन्दर आ जाता है. रेणुका की पीठ उसकी तरफ थी और इस वक़्त उसने लंड भी छोड़ दिया था लेकिन किसी को भी समझ आ जाता की यहाँ क्या चल रहा है.
कर्नल वापस अपना लंड रेणुका के मुंह में डाल कर श्याम से पूछता है की बता क्या पता चला.

 

 



श्याम: वो साहब कल दारू पीकर सलमान ने सब बक दिया.

लाला: अच्छा? क्या बोला साला.

श्याम: साहब वो कई बार दिव्या मैडम की ले चूका है. स्कूल में भी और उनके घर जाकर भी उनको चोद चूका है.

लाला: साली बड़ी सती बनती है और चौकीदार से चुदवाती है. मुझे पहले ही शक था. लेकिन साले ने दिव्या को फसाया कैसे.

श्याम: जी वो भी उसने बताया की उसने दिव्या मैडम की कोई दवाई बदल कर उन्हें वियाग्रा टाइप की कोई गोलिया दे दी थी. वो उनको खाने से बहुत गरम रहती थी इसीलिए इससे फंस गयी.

लाला: साला ये तो बड़ा हरामी निकला. और कुछ.

श्याम: नहीं साब और कुछ तो नहीं बस दिव्या मैडम के बदन की बहुत तारीफ कर रहा था की एकदम मलाई मक्खन जैसा बदन है.

ये सब सुनकर कर्नल रेणुका को बेड पर घोड़ी बना देता है और उसकी साड़ी ऊपर कर के उसकी गांड में लंड डाल देता है.

 

 



गांड में लंड जाने से रेणुका छटपटा सी जाती है हालाँकि ये उसके लिए पहली बार नहीं था. कर्नल रेणुका की गांड चोदते हुए श्याम को इशारा करता है की वो उसके पर्स से कुछ पैसे ले ले पर श्याम उसे मना कर देता है और रेणुका की नंगी गांड देखता रहता है.
लाला: अबे देख क्या रहा है? अब क्या तुझे जाने के लिए अलग से बोलूं. पैसे ले और निकल या फिर तुझे भी गांड मरवानी है तो आजा.

श्याम: नहीं साब अगर वो जरा मैडम...

कर्नल: क्या चोदना है इसे?

श्याम: वो साहब अगर आप इजाजत दे तो.

कर्नल को वैसे भी रेणुका से कोई लगाव नहीं था. वो तो बस उसके लिए एक खिलौना थी और आज श्याम जो खबर लाया था तो कर्नल ने सोचा की श्याम की भी मौज करवा दी जाए. वो रेणुका को थोड़ी देर और चोदता है और फिर उसको बेड से उठा कर श्याम की तरफ धकेल देता है. रेणुका को ये बिलकुल पसंद नहीं आता लेकिन कर्नल तो उसकी गांड छोड़ कर शांत हो चूका था लेकिन वो अभी भी प्यासी थी. वो वैसे भो कर्नल का विरोध नहीं कर सकती थी. वही श्याम रेणुका को अपनी बाँहों में जकड लेता है और उसके होठों को जानवरों की तरह से चूसने लगता है.

 

 



रेणुका भी आखिर श्याम के किस का जवाब देने लगती है. जल्द ही श्याम रेणुका की गांड पकड़ कर उसे अपनी गोद में उठा लेता है और उसके बदन को मसलते हुए उसके मुंह में अपनी जीभ डाल कर अपना हाथ उसकी जाँघों पर ले जाकर उसकी साड़ी ऊपर खिसकाने लगता है और अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगता है. रेणुका भी लंड के छूते ही अपनी पकड़ श्याम के जिस्म पर बढ़ा देती है.

 

 

ये सब देख कर कर्नल फिर से गरम होने लगता है. कर्नल का लंड एक बार फिर से खड़ा हो जाता है. धीरे धीरे श्याम रेणुका को लेकर लेट जाता है पर अभी भी वो उसको किस करना नहीं छोड़ता.

 

 



रेणुका एक एक करके श्याम के कपड़ो को उसके बदन से खीचने लगती है. अब वो रुकना नहीं चाहती. श्याम भी पहली बार किसी हाई क्लास औरत के बदन को छू कर पागल ही हो जाता है. रेणुका श्याम के लंड के ऊपर बैठ कर उससे अपनी चूत चुदवाने लगती है. अब कर्नल भी आकर रेणुका के पास खड़ा हो जाता है. कर्नल का लंड रेणुका के मुंह के एकदम पास है जिसे देख कर रेणुका समझ जाती है की उसे क्या करना है.

 

 



रेणुका कर्नल का लंड मुंह में लेकर चूसने लगती है और श्याम नीचे से धक्के मार कर उसकी चूत चोदे ही जा रहा था. श्याम ज्यादा देर टिक नहीं पता और रेणुका के बदन को पकड़ कर अपना पानी छोड़ देता है. श्याम के झड़ने से रेणुका थोडा निराश हो जाती है की तभी कर्नल रेणुका को आगे की तरफ खींच लेता है जिससे रेणुका की चूत श्याम के मुंह पर आ जाती है.

कर्नल श्याम को रेणुका की चूत चाटने के लिए कहता है. श्याम ये नहीं करना चाहता क्योंकि रेणुका की चूत उसके माल से भीगी हुई थी लेकिन वो कर्नल को मना नहीं कर सकता था तो वो बेमन से रेणुका की चूत चाटने लगता है. रेणुका भी अपनी कमर हिला हिला कर अपनी चूत श्याम के मुंह पर रगड़ने लगती है.

 

 



थोड़ी ही देर में रेणुका श्याम के मुंह पर ही झड जाती है और कर्नल भी रेणुका के मुंह में अपना लंड निचोड़ देता है.
रेणुका के बदन में अब बिलकुल भी जान नहीं बची थी तो वो वही लेट जाती है.

लाला: अब तुम जाओ श्याम लेकिन आज जो किया इसका ये मतलब नहीं की तुम रेणुका मैडम को परेशान करोगे. आइन्दा भी इनसे वैसे ही पेश आना जैसे आज से पहले आते थे और इनके बारे में किसी से भी कोई उलटी सीधी बात करी तो समझ लेना.

श्याम: अरे नहीं साब. आपको शिकायत को कोई मौका नहीं मिलेगा.

श्याम भी वहां से चला जाता है. इसी तरह कुछ दिन और बीत जाते हैं. रेणुका एक दो बार दिव्या से मिलने तो जाती है लेकिन फिर से दिव्या उसके साथ सेक्स नहीं करती. हालाँकि दिव्या चाहती थी की रेणुका फिर से उसके बदन से खेले लेकिन वो खुल कर कुछ कहती नहीं और कर्नल ने रेणुका को बोल रखा था की अब दिव्या को शुरुवात करने देना इसीलिए कुछ होता नहीं.

एक दिन दिव्या रोज की तरह तैयार होकर स्कूल जाती है.

 

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स्कूल में वो अपनी क्लास ले रही होती है की तभी प्रिंसिपल का बुलावा आ जाता है. वो क्लास ख़तम होने के बाद मदन के ऑफिस में चली जाती है.

मदन: आइये दिव्या जी. वो पेपर्स का क्या स्टेटस है.

दिव्या: सर मैंने सारे टीचर्स से सैंपल पेपर्स ले लिए हैं और अपने सब्जेक्ट के भी बना लिए हैं बस रश्मि मैडम ने अभी तक पेपर्स नहीं दिए है.

मदन: ठीक है मैं उन्हें बोल दूंगा की वो जल्दी आपको पेपर्स बना कर दे दें. आप बाकी के पेपर्स मुझे दे दीजिये.

दिव्या पेपर्स साथ ही लाई थी. उसने सारे पेपर्स मदन को दे दिए. मदन कुछ देर दिव्या से एक्साम्स की बात करता है फिर उसको जाने को कहता है. दिव्या प्रिंसिपल ऑफिस से निकल कर सोचती है की कैसे वो मदन से पेपर्स लेकर सलमान को देगी. स्टाफ रूम में जाकर वो अपनी बुक खोलती है तो उसमे एक परचा होता है जिस पर बड़ा बड़ा सॉरी लिखा होता है और नीचे प्लीज कम ऑनलाइन भी लिखा होता है. दिव्या परचा चुपचाप फाड़ देती है और बाकी टीचर्स के सामने कुछ रियेक्ट नहीं करती.

 

स्कूल ख़त्म होने के बाद दिव्या घर चली जाती है. रात में दिव्या जब खाना बना रही होती है तब रेणुका उसके घर आ जाती है. दिव्या उससे नार्मल बात करने की कोशिश करती है पर उसके मन में एक अजीब सी फीलिंग हो रही थी.

रेणुका दिव्या को असहज देख कर उसे अपने और कर्नल के बारे में बताने लगती है की कैसे आज कल कर्नल उसके नजदीक आने का बहाना ढूंढ रहा है और मौका निकाल कर जब तब उसे छूने की कोशिश करता रहता है.

बात करते करते रेणुका अचानक दिव्या के काफी करीब आ जाती है. दिव्या की धड़कने बढ़ने लगती हैं. ठीक उसी समय रेणुका दिव्या को अपने बदन से चिपका लेती है. रेणुका दिव्या के कान के पास अपना मुंह ले आती है.

रेणुका: तुम्हे मेरी याद नहीं आती क्या?

 

 



दिव्या: ये बात नहीं है रेणुका लेकिन ये गलत...

रेणुका: ओफ्फो. फिर वही गलत सही. सच तो ये है की अब मुझसे कण्ट्रोल नहीं होता. वैसे तो कर्नल भी मेरे पीछे पड़े हैं लेकिन मेरा दिल तुम्हारे साथ रहने के लिए तड़पता है.

रेणुका की साँसे दिव्या की गरदन पर पड़ने लगती है. रेणुका का हाथ दिव्या की कमर पर था जिसे दिव्या पकड़ कर आगे ले आती है.

 

 



दिव्या: तुम जब चाहो मेरे साथ समय बिता सकती हो पर अब मैं वो सब दुबारा नहीं कर पाऊँगी.

दिव्या वैसे तो रेणुका को मना कर रही थी लेकिन अन्दर ही अन्दर वो चाहती थी की वो रेणुका के साथ दुबारा सेक्स करे. रेणुका भी जानती थी की दिव्या बहुत गरम औरत है और जब वो सलमान से चुदवा सकती है तो उसके थोडा जोर देने से जरूर उसके साथ दुबारा सेक्स के लिए तैयार हो जाएगी. रेणुका दिव्या को अपनी तरफ घुमा लेती है.

रेणुका: ठीक है लेकिन मैं तुमको किस तो कर ही सकती हूँ.

दिव्या कुछ नहीं बोलती तो रेणुका उसके होठों को अपने होठों से सील कर देती है.

 

 



दिव्या भी रेणुका का साथ देती है और रेणुका को किस करने लगती है लेकिन तभी रेणुका पीछे हट जाती है. दिव्या आँखे खोलती है तो रेणुका को अपने से दूर होते देख कर सोच में पड़ जाती है.

रेणुका: मैं जबरदस्ती अपने को तुम्हारे ऊपर नहीं थोपना चाहती दिव्या. इससे आगे जब तुम चाहोगी तभी कुछ होगा. तुम ठीक से सोच लो. मैं अभी थोड़ी देर में आती हूँ.

ये कह कर रेणुका जाने लगती है. दिव्या का मन तो उसे रोकने का होता है लेकिन वो शर्म के कारण कुछ नहीं बोलती और रेणुका चली जाती है. रेणुका के जाने के बाद दिव्या का मन किसी काम में नहीं लगता. रेणुका उसके बदन की आग की भड़का कर चली गयी थी. खाना खा कर वो लेट तो जाती है लेकिन नींद उसकी आँखों से कोसो दूर थी.

काफी देर हो चुकी थी और रेणुका भी लौट कर नहीं आई थी तो दिव्या को लगा की अब रेणुका नहीं आयेगी तो आखिर में वो लैपटॉप ऑन करके पोर्न देखने लगती है लेकिन आज उसको इसमें भी मजा नहीं आता तो वो सोचती है की क्यों न मनीष से बात की जाए और वो ऑनलाइन आ जाती है.

मनीष भी ऑनलाइन था और फेसबुक पर दिव्या की फोटोज देख कर हिला रहा था.

 

 



वो जैसे ही दिव्या को ऑनलाइन देखता है वैसे ही कई बार सॉरी का मेसेज भेजता है. दिव्या आखिर में इट्स ओके लिख देती है.

मनीष: मुझे लगा था मैम की आप आज भी नहीं आओगी.

दिव्या: मैं तुम्हारे बुलाने पर नहीं आई हूँ. वो तो मैं मेल चेक कर रही थी बस.

मनीष: मैम आप भी न. आ भी गयीं हैं और मान भी नहीं रहीं.

दिव्या: स्टाफ रूम में मेरी बुक में वो नोट क्यों रखा तुमने? कोई देख लेता तो?

मनीष: आप बात ही नहीं कर रही थी कितने दिनों से तो मैं क्या करता? सिर्फ आपको किस ही तो किया था और आप इतना नाराज़ हो गई.

दिव्या: तुमसे कितनी बार कहा है की पर्सनल मेल के चैट और फ़ोन मेसेज में इस तरह की बात मत लिखा करो.

मनीष: तो फिर आइये न उसी साईट पर.

दिव्या: मुझे नहीं आना कहीं.

मनीष: प्लीज मैम आइये न. कितने दिन बाद तो आज आप ऑनलाइन आई हैं.

दिव्या: मेरा मन नहीं है.

मनीष: ये तो आप झूठ बोल रहीं है.

दिव्या: तुम मुझे झूठा बोल रहे हो जबकि तुम खुद सबसे बड़े झूठे हो.

मनीष: मैंने क्या झूठ बोला है मैम? कहीं आप रश्मि मैम की बात तो नहीं कर रहीं.

दिव्या: मैंने तो किसी का नाम नहीं लिया.

मनीष: आप पहले उस साईट पर आइये वरना आप कहोगी की यहाँ ये सब मत लिखो फिर आपको पूरी बात बताता हूँ.

मनीष इतना लिख कर लॉगआउट कर देता है. दिव्या को नींद तो आ नहीं रही थी और उसको मनीष से बात तो करनी ही थी तो थोड़ी देर इंतज़ार करके दिव्या उस साईट पर लॉग इन कर लेती है. उसके लॉग इन करते ही मनीष का मेसेज आ जाता है.

मनीष: बड़ी देर लगा दी मैम. अब बताओ की मैंने क्या झूठ बोल दिया?

दिव्या: मुझे तो लगता है की तुमने मुझसे जो भी बोला है झूठ ही बोला होगा.

मनीष: ऐसा नहीं है मैम और रश्मि मैम के बारे में मैंने आपको अपने आप नहीं बताया था क्योंकि कुछ था ही नहीं बताने को. और आपने जो झूठ बोला सलमान के बारे में?

दिव्या: मैं उसकी बातों में आ गयी थी और उसने जो भी किया वो जबरदस्ती किया था.

मनीष: आपकी बात पर मेरे अलावा कोई यकीन नहीं करेगा.

दिव्या: मतलब तुम यकीन करते हो.

मनीष: पता नहीं लेकिन आपकी हर बात मानने को दिल करता है.

दिव्या: अब मैं तुम्हारी झूठी बातों में नहीं आती.

मनीष: माँ कसम मैम मैं अब आपसे झूठ नहीं बोलूँगा. मेरा यकीन कीजिये.

दिव्या: अच्छा तो बताओ की जो मेरे साथ बस में किया था वो और औरतों के साथ भी कर चुके हो.

मनीष: हाँ मैम. कई बार किया है लेकिन किसी ने टोका नहीं. शायद उनको भी मजा आता होगा.

दिव्या: या वो बच्चा समझ कर छोड़ देती होंगी.

मनीष: आपको मजा आ रहा था या आप मुझे बच्चा समझ रही थीं.

दिव्या: हेलो मिस्टर मुझे कोई मजा नहीं आ रहा था. समझे.

मनीष: आप फिर से झूठ बोल रहीं है. आप पहले ही मुझे बोल चुकी हैं की तब आप बहक गयी थी. खैर छोडिये इन बातों को. मेरे साथ एक गेम खेलेंगी?

दिव्या: कैसा गेम?

मनीष: ट्रुथ या डेयर. देखते है कौन कितना सच बोलता है.

दिव्या: नहीं मुझे अब सोना है.

मनीष: अरे मैम. थोड़ी देर तो खेलिए न. प्लीज.

दिव्या: ठीक है लेकिन सिर्फ 15 मिनट खेलेंगे.

मनीष: ठीक है तो बताइए की इतने दिनों में आपका मन किया मुझसे बात करने का?

दिव्या: नहीं.

मनीष: देखिये मैम अब सच बोलना है.

दिव्या: सच ही बोल रही हूँ.

मनीष: आपको आपके हब्बी की कसम है.

दिव्या: क्या फालतू बात है. मुझे नहीं खेलना तुम्हारे साथ.

मनीष: अगर सच बोल रहीं है तो नाराज़ क्यों हो रहीं हैं.

दिव्या: ये फालतू कसम वसम क्यों दे रहे हो.

मनीष: तो बताइए न सच सच की आपका मन किया या नहीं मुझसे बात करने का?

दिव्या: हाँ किया था एक दो बार.

मनीष: हम्म्म अब आपकी बारी मैम.

दिव्या: तुम क्या सभी लड़कियों को गन्दी नज़रों से देखते हो.

मनीष: सभी को नहीं सिर्फ आप जैसी सुन्दर लड़कियों को देख कर.

दिव्या: बहुत गंदे हो तुम और मैं लड़की नहीं औरत हूँ.

मनीष: मैम आप तो सच बोलने में भी नाराज हो रही हैं. अच्छा बताइए ट्रुथ या डेयर.

दिव्या: ट्रुथ.

मनीष: तो बताइए इस बार आपके पति ने आपकी तबियत से चुदाई की या नहीं.

दिव्या: चुप रहो तुम. कुछ भी बकवास करते हो. ये क्या क्वेश्चन है.

मनीष: अरे मैम बताना तो पड़ेगा ही आपको. बोलो न मैम.

दिव्या: ज्यादा कुछ नहीं हुआ.

मनीष: क्या कह रही हो मैम. इतने दिनों बाद वो आये और आपकी सही से ली भी नहीं.

दिव्या: तुमको यही सब बकवास करनी है तो मैं लॉगआउट कर रही हूँ.

मनीष: अरे मैम आप तो बुरा मान गयी. मैं तो सिर्फ यही बोल रहा था की आपको बुरा तो लगता होगा न.

दिव्या इस मामले में ज्यादा बात नहीं करना चाहती थी क्योंकि वो मनीष से ये सच नहीं बोल सकती थी की राजेश उसे सेक्सुअली संतुष्ट नहीं करता है तो वो कोई जवाब नहीं देती.

मनीष: कोई बात नहीं मैम. आप चाहे न भी बोलो फिर भी मैं समझ सकता हूँ. चलिए अब आपकी बारी.

दिव्या: तुमने जो अपनी आंटी के बारे में बताया था वो सच था या झूठ.

मनीष: सिर्फ एक बात को छोड़कर बाकी सब सच था.

दिव्या: कौन सी एक बात.

मनीष: इसके लिए आपको अगला क्वेश्चन करना पड़ेगा पर पहले मेरी बारी. ट्रुथ या डेयर.

दिव्या सोचती है की मनीष फिर से कोई गलत क्वेश्चन पूछेगा तो वो डेयर चुन लेती है.

मनीष: मैम एक बार थोडा नाच के दिखा दो न.

इतना लिख कर मनीष दिव्या को कैमरा शेयर करने की रिक्वेस्ट भेज देता है. दिव्या कैमरा ओपन करके मनीष को थोडा मटक कर दिखा देती है.

 

 



मनीष: वाव मैम. आप तो बहुत अच्छा डांस करती हो. चलो अब आपकी बारी.

दिव्या: तो बोलो ट्रुथ या डेयर?

मनीष: जो आपका मन करे.

दिव्या: तो बताओ तुमने अपनी आंटी के बारे में क्या झूठ बोला था.

मनीष: मैम ये मैं नहीं बता सकता.

दिव्या: ये क्या बात हुई. ऐसे खेलने से क्या फायदा. तुमने क्यों बोला ये गेम खेलने को जब तुमको खुद ही सच नहीं बोलना है.

मनीष: तो आप कोई पेनल्टी दे दो न मैम.

दिव्या: हम्म ठीक है तुम मुर्गा बन कर अपने रूम का एक चक्कर लगाओ लेकिन अगली बार मना किया तो ऐसे नहीं छोडूंगी.

मनीष मुर्गा बन कर अपने रूम के चक्कर लगाने लगता है. दिव्या को उसे देख कर खूब हसीं आती है. चक्कर लगा कर मनीष दिव्या से पूछता है.

मनीष: तो बोलिए मैम ट्रुथ या डेयर.

दिव्या सोचती है की डेयर ही ठीक है. उलटे सीधे सवालों के जवाब से तो बच जाउंगी.

दिव्या: डेयर.

मनीष: तो मेरे लंड का साइज़ गेस कीजिये और बताइए की वो आपके हस्बैंड से कैसे अच्छा है.

दिव्या: ये सब मुझे नहीं पता.

मनीष: अरे देखा तो है आपने. सिर्फ गेस ही करना है.

दिव्या: नहीं नहीं मुझसे ये नहीं होगा.

मनीष: देख लो मैम वरना मैं भी पनिशमेंट दूंगा. कहिये तो अभी फिर से दिखा दूं फिर बता देना.

दिव्या: नहीं नहीं तुम्हारा सात इंच का होगा और वो राजेश से लम्बा और मोटा है. बस अब मुझे और नहीं खेलना.

दिव्या मना तो करती है लेकिन उसे भी अब इस खेल में मजा आ रहा था.

मनीष: अरे थोड़ी देर और मैम. आप ट्रुथ या डेयर जो चाहे दे दो.

दिव्या: तो बोलो की आंटी वाली बात में क्या झूठ था.

मनीष: अरे मैम ये तो चीटिंग है.

दिव्या: चीटिंग कैसी. बोल रहे हो या पनिशमेंट चाहिए.

मनीष: आप पनिशमेंट ही दे दो.

दिव्या: हम्म्म अच्छा तुम्हारे घर में कौन कौन है.

मनीष: चार लोग है. मेरे मम्मी पापा मैं और मेरी बहन.

दिव्या: ओके तो ये बताओ की मेरा बदन तुम्हारी माँ के बदन से कैसे बेहतर है.

मनीष: अरे मैम ये क्या बात हुई.

दिव्या: जब तुम मेरे हब्बी की बुराई मुझसे करवा रहे थे तब कुछ नहीं. जल्दी बोलो की मेरी बॉडी तुम्हारी मोम की बॉडी से कैसे बेटर है.

मनीष: मैम प्लीज

दिव्या: या तो ये बोलो या फिर आंटी वाला ट्रुथ बोल दो.

मनीष: मैम किसी को बोलना मत दरअसल वो आंटी मेरी पड़ोसन नहीं हैं बल्कि मेरे फ्रेंड चेतन की मोम नीलम आंटी हैं.

 
दिव्या: व्हाट तुम झूठ तो नहीं बोल रहे न. चेतन जो तुम्हारी क्लास में है वही न.

मनीष: हाँ मैम वही चेतन.