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राजेश: अच्छा तो कर्नल तुम्हारे गाँव का है फिर तो तुमको पता होगा की इसकी बीवी कैसे मरी?

सलमान: आपसे किसने कहा की इसकी बीवी मर गई? अरे वो अपने बेटे के साथ इसको छोड़ कर चली गयी।

राजेश: क्या कह रहे हो? इसका बेटा भी है? ये तो खुद बोलता है की इसकी बीवी काफी पहले मर गयी।

सलमान: तो अब किस मुंह से लोगो को सच्चाई बतायेगा। साला शुरू से ही बहुत ठरकी है लेकिन इसकी बीवी बर्दाश्त करती रही लेकिन फ़ौज से निकाले जाने के बाद तो ये छुट्टा सांड बन गया। दो नम्बरी काम करके पैसा भी खूब बनाया लेकिन औरतों का चक्कर पहले से भी बढ़ गया। हद तो तब हो गयी जब बेटे की शादी के बाद इसने बहू को भी नहीं छोड़ा। चोद चोद कर उसको भी रंडी बना दिया। एक दिन रंगे हाथ बीवी और बेटे ने इसको पकड़ लिया और वो दोनों इसको छोड़ कर चले गए। कुछ दिन इसने बहू के साथ गुलछर्रे उडाये फिर जब मन भर गया तो उसको भी भगा दिया। अब वो अपने माँ बाप के साथ रहती है।

राजेश: कहीं ये सब अफवाह तो नहीं है।

सलमान: अरे साहब मैं सुनी सुनाई बात नहीं बोलता। इसने खुद अपनी बहू को मुझसे चुदवाया है। जब ये लड़की से बोर होने लगता है तो पहले उसको अपने दोस्तों के हवाले कर देता है, फिर प्रिंसिपल और मेरे।

राजेश: लेकिन दिव्या को तो लगता है ये बहुत चाहता है...

सलमान: हर नए माल के साथ ये शुरू में ऐसा ही करता है। लेकिन दिव्या को भी ये रंडी बना देगा। नंगा घुमायेगा तुम्हारी बीवी को सड़क पर।

गैंगबैंग करवाएगा अपने अफ्रीकन दोस्तों से।

 

दस दस लौड़े खाएगी तुम्हारी बीवी यही पर और आखिर में फिर से मुझसे ही चुदेगी तुम्हारी दिव्या फिर जब कोई नयी मिल जाएगी तो उसको भी भगाएगा कर्नल। तुम चार पांच महीने इंतज़ार करो खुद ही तुम्हारे पास आ जाएगी तुम्हारी बीवी और अगर वापस नहीं चाहिए तो कर्नल को बोल दो। किसी कोठे पर बेच देगा वो उसको और बच्चे को अनाथालय में डाल देगा।

राजेश: नहीं मैं ऐसा नहीं होने दूंगा। सलमान कुछ भी करके दिव्या को बचाओ। मैं तुम्हे इतने पैसे दूंगा की तुमको नौकरी नहीं करनी पड़ेगी।

राजेश ने सलमान से उसकी मदद करने को कहा क्योंकि वो नहीं जानता था की दिव्या की बर्बादी की शुरुवात में सलमान का कितना बड़ा हाथ था लेकिन सलमान ने साफ़ इंकार कर दिया।

सलमान: चुपचाप सो जाओ साहब। तुम कर्नल को नहीं जानते। मुझको अपनी जान प्यारी है अगर मैंने ऐसा कुछ किया तो वो मुझे पाताल से भी ढूंढ कर निकाल लेगा।

ये बोलकर सलमान सो जाता है। राजेश सलमान की बातों से डर जाता है लेकिन उसे कोई रास्ता नजर नहीं आता। थक हार कर वो भी सो जाता है। वो सपने में देखता है की दो गोरे दिव्या को गोद में उठा कर चोद रहे हैं और दिव्या हंस कर उनका लंड एक साथ ले रही है।

 
घबराकर जब उसकी नींद खुलती है तो वो देखता है की सलमान कमरे में नहीं है। अचानक उसको दिव्या की हलकी हलकी चीख सुनाई देती है। राजेश धीरे से बाहर देखता है तो उसे कोई भी नहीं दिखता। वो बाहर आकर घर की तरफ जाने लगता है की तभी उसे लगता है की आवाजें फार्म हाउस के पीछे की तरफ से आ रही हैं।

घबराकर जब उसकी नींद खुलती है तो वो देखता है की सलमान कमरे में नहीं है। अचानक उसको दिव्या की हलकी हलकी चीख सुनाई देती है। राजेश धीरे से बाहर देखता है तो उसे कोई भी नहीं दिखता। वो बाहर आकर घर की तरफ जाने लगता है की तभी उसे लगता है की आवाजें फार्म हाउस के पीछे की तरफ से आ रही हैं।

राजेश धीरे धीरे उधर जी जाता है तो उसे लगता है की आवाजें तबेले के अन्दर से आ रही हैं। वो एक जगह ढूंढ कर अन्दर झांकता है तो दंग रह जाता है क्योंकि अन्दर दिव्या एक मशीन से बंधी हुई थी और उसके बदन पर एक भी कपड़ा नहीं था। उसके दोनों मम्मों से वो मशीन दूध निकाल कर एक बड़े से जार में इकठ्ठा कर रही थी। शायद मशीन जब उसका दूध खींचती थी तो दिव्या को दर्द होता था तो वो चीख पड़ती थी।



राजेश ये नज़ारा देख ही रहा था की तभी वहां सलमान आ गया।

सलमान: अरे तुम यहाँ क्या कर रहे हो? कहीं तुम्हारी बीवी ने देख लिया तो गजब हो जायेगा।

राजेश: दिव्या बेचारी तो अन्दर बंधी हुई है। जब कर्नल उसको खोलेगा तब मैं वापस छुप जाऊंगा तब तक देखने तो दो की वो दिव्या के साथ क्या कर रहा है।

सलमान: अरे देखना क्या है, अब कर्नल रोज ऐसे ही तुम्हारी बीवी का दूध निकालेगा।

राजेश: हाँ लेकिन वो ऐसा क्यों कर रहा है।

सलमान: अरे कल जब वो तुम्हारी बीवी को चोद रहा था तो उसका बच्चा दूध के लिए रोने लगा था न इसीलिए अब कर्नल दूध निकाल रहा है ताकि जब बच्चा रोये तो मैं उसको तुम्हारी बीवी का दूध पिला दूं और वो बेफिक्र होकर आज पूरे दिन तुम्हारी बीवी को बजा सके। समझे।

राजेश: वाकई कर्नल बड़ा हरामी है।

सलमान: अभी तो तुमने कुछ नहीं देखा वैसे भी अभी तो दिव्या रो रही है लेकिन देखना एक दो दिन बाद इसको भी दूध निकलवाने में मजा आने लगेगा। । चलो मैं जाता हूँ बाकी गाय भैंसों का दूध निकालने वरना कर्नल नाराज होगा। तुम जाकर छिप जाओ।

ये बोलकर सलमान अन्दर चला जाता है। दिव्या अब भी पूरी नंगी थी तो वो सलमान को अन्दर आता देख कर परेशान हो जाती है।

दिव्या: कर्नल साब वो सलमान अन्दर आ रहा है और मैंने कपडे नहीं...

लाला: अरे तो वो कोई आज पहली बार तुमको नंगा थोड़ी ही देखेगा। वैसे भी तुम्हारा दूध निकल ही गया है तो हम अन्दर चलते है और सलमान यहाँ काम करेगा। अरे सलमान इधर आ।

सलमान: जी मालिक?

लाला: सुन मैंने तेरी मालकिन को तो दुह लिया है तो तू इनका दूध फ्रिज में ले जाकर रख दे और बच्चे को यही दूध देना है। बाकी अब तू मालकिन को खोल दे और बाकी के जानवर दुह ले।

सलमान: जी मालिक। आपका नाश्ता टेबल पर लगा कर आया हूँ। आप लोग चलिए मैं बस दस मिनट में आया।

ये कहकर सलमान ने दिव्या को खोल दिया। दिव्या कर्नल को गुस्से से देखती हुई बाहर चली गयी।


शायद उसको अब सलमान के सामने नंगा रहना अजीब नहीं लग रहा था बल्कि वो वो दर्द की वजह से नाराज थी। राजेश उसको बाहर आता देख कर छुप गया। कर्नल उसको मनाता हुआ उसके पीछे आ गया और दोनों घर में चले गए। उनके जाने के बाद राजेश अन्दर सलमान के पास गया।

सलमान: अरे भाई तुम यहाँ वहां मत घूमो । अगर तुम्हारी बीवी ने तुमको देख लिया तो कर्नल मेरे साथ साथ तुम्हारा भी बुरा हाल करेगा ।

राजेश: डरो मत । दिव्या ने मुझे नहीं देखा लेकिन तुम ही बताओ कर्नल ने दिव्या का बुरा हाल कर रखा है । देखा न उसको कितना दर्द हुआ । जानवरों जैसा सलूक कर रहा है वो मेरी बीवी के साथ । कुछ तो करो उसको बचाने के लिए ।

सलमान: अरे तुम कब समझोगे की तुम्हारी बीवी एक नंबर की रांड है। अगर अभी बोलोगे की कर्नल को छोड़ कर मेरे साथ चलो तो साफ़ इंकार कर देगी। उसको चाहिए कर्नल का हलब्बी लंड जो तुम नहीं दे सकते इसीलिए बिना नखरे किये कर्नल की सब बात मान रही है । आज तक तो मैंने देखा नहीं की कोई लौंडिया अपनी मर्जी से कर्नल को छोड़ कर गयी हो चाहे कर्नल उसके साथ जो भी करे । सबको तगड़ी चुदाई चाहिए । आखिर में कर्नल ऊब कर खुद ही भागाता है इनको । अब जाओ और जाकर चुपचाप कमरे में बैठो ।

राजेश मन मार कर चुपचाप कमरे में चला गया । थोड़ी देर बाद उसने खिड़की से देखा की कर्नल दिव्या को लेकर पूल में चला गया और दोनों मस्ती करने लगे। शायद कर्नल ने दिव्या को मना लिया था क्योंकि कर्नल ने दिव्या का स्विमिंग सूट उतार कर उसको पूल में नंगा कर दिया लेकिन दिव्या बस खिलखिलाती रही और आकर पूल के किनारे लेट गयी।

राजेश मन मार कर चुपचाप कमरे में चला गया । थोड़ी देर बाद उसने खिड़की से देखा की कर्नल दिव्या को लेकर पूल में चला गया और दोनों मस्ती करने लगे। शायद कर्नल ने दिव्या को मना लिया था क्योंकि कर्नल ने दिव्या का स्विमिंग सूट उतार कर उसको पूल में नंगा कर दिया लेकिन दिव्या बस खिलखिलाती रही और आकर पूल के किनारे लेट गयी।

 

 



ये देख कर राजेश का दिल टूट गया और उसे समझ आ गया की अब दिव्या का उसके पास वापस आना बहुत मुश्किल है वरना कर्नल के हाथों इतनी तकलीफ सहने के बाद वो इतनी जल्दी मान जाएगी राजेश ने सोचा भी नहीं था। उसने थोड़ी देर इंतज़ार किया और जब कर्नल दिव्या को गोद में उठाकर अन्दर ले गया तो राजेश चुपचाप फार्म हाउस से निकल कर अपने फ्लैट पर आ गया। निकलने से पहले उसने सलमान को अपना नया नंबर दिया और उसको बोला की अगर वो उसको दिव्या वापस दिलाने में मदद करेगा तो वो सलमान को काफी पैसा देगा। फार्म से निकल कर उसने सोचा की एकबार जाकर रेणुका से मिले शायद वो उसकी कोई मदद कर सके यही सोच कर उसने रेणुका को फ़ोन किया। पहले तो रेणुका ने फ़ोन नहीं उठाया लेकिन दुबारा फ़ोन करने पर रेणुका ने फोन उठा लिया।

रेणुका: प्लीज राजेश, मैंने जो कुछ किया उसके लिए मुझे माफ़ कर दो लेकिन मैं मजबूर थी और अब मेरे पति वापस आ गए हैं। अब मुझे फ़ोन मत करो।

राजेश: मैंने कोई झगडा करने के लिए फ़ोन नहीं किया है बस एक बार दस मिनट के लिए मुझसे मिल कर मेरी बात तो सुन लो।

रेणुका: मैं ट्रेन में हूँ और अब ये पॉसिबल नहीं है क्योंकि मैंने वो शहर हमेशा के लिए छोड़ दिया है। जो बोलना है फोन पर बोलो।

राजेश: शहर छोड़ दिया है लेकिन क्यों?

रेणुका: बड़ी मुश्किल से कर्नल ने मेरे पति पर जो झूठा केस लगवाया था वो वापस लिया है और तुमको को पता ही है की बदले में मैंने क्या क्या नहीं किया। अब जब मेरे पति वापस आ गये हैं तो मैं उस गंदे आदमी की शकल भी नहीं देखना चाहती। और वैसे भी उसका क्या भरोसा, कल दिव्या से मन भर जायेगा और वापस मेरा बदन नोचने आ गया तो? इसीलिए हमने वो घर बेच दिया और अपने शहर वापस लौट रहे हैं। आज हमारी आखिरी बार बात हो रही है क्योंकि ट्रेन से उतरते ही ये नंबर भी बंद कर दूँगी।

राजेश: मैं तो सोच रहा था की तुमसे मिल कर पूछता की दिव्या को कर्नल के चंगुल से कैसे छुड़ाया जाए।

रेणुका: तुम अब कुछ नहीं कर सकते क्योंकि वो अपनी मर्जी से कर्नल के साथ है। अब या तो कर्नल दिव्या से बोर हो जाए या दिव्या को कर्नल की असलियत दिख जाए तभी कुछ होगा और फिकर मत करो बस इंतज़ार करो क्योंकि इनमे से एक बात तो होगी ही होगी। अच्छा अब रखती हूँ। मेरे पति सोच रहे होंगे की मैं कहाँ चली गयी।

राजेश कुछ बोलता इससे पहले ही रेणुका ने फोन काट दिया। रेणुका की बात सुन कर राजेश और निराश हो गया। वो एक हफ्ता अपने फ्लैट पर रुका लेकिन कर्नल और दिव्या फार्म हाउस से वापस नहीं आये। राजेश ने आने से पहले ही कई ब्रोकर्स से बात कर रखी तो इसी बीच उसके फ्लैट का सौदा भी तय हो गया और वो फ्लैट बेचकर उदास मन से वापस भी चला गया।

उधर कर्नल को पता चल गया की राजेश फ्लैट बेचकर वापस चला गया है तो उसने चैन की सांस ली लेकिन वो लौटा नहीं और करीब तीन महीने उसने दिव्या को फार्म हाउस पर ही रखा और उसकी ताबड़तोड़ चुदाई की। लेकिन उसके बाद वो दिव्या को फार्महाउस पर ही छोड़कर कुछ दिनों के लिए फ्लैट पर वापस आ गया क्योंकि उसको कारोबार भी देखना था और सोसाइटी का माहौल भी क्योंकि अब वो दिव्या को अपनी रखेल बना कर अपने साथ ही अपने फ्लैट पर रखना चाहता था लेकिन दिव्या की किस्मत में तो कुछ और ही लिखा था।

दरअसल अब तक राजेश के फ्लैट के नए मालिक भी शिफ्ट हो चुके थे। कर्नल उस सोसाइटी का सेक्रेटरी था तो दोनों हस्बैंड वाइफ एक दिन कर्नल से मिलने आये। नया मकानमालिक करीब 30 साल का एक आदमी था और उसकी बीवी करीब 27 साल की थी और एक हाउस वाइफ थी। बेल बजने पर कर्नल ने दरवाजा खोला।

मकान मालिक: नमस्कार सर। मेरा नाम अशोक है और ये मेरी वाइफ चारू हैं। ये सामने वाला फ्लैट हमने ही खरीदा है।

चारू को देख कर कर्नल तो दिव्या को भूल ही गया।

लाला: आइये आइए। अन्दर आइये।

 

 



अशोक: जी मैं कई दिनों से आपका वेट कर रहा था। आपको कई बार फ़ोन भी किया लेकिन हमेशा आउट ऑफ़ रीच ही था।

लाला: नहीं नहीं, दरअसल मैं जहाँ था वहां नेटवर्क की थोड़ी दिक्कत है। बताइए कोई ख़ास बात है।

अशोक: जी आपसे कुछ पेपर्स साइन करवाने थे। सोसाइटी ऑफिस में जमा करने हैं ताकि रिकार्ड्स में मिस्टर राजेश की जगह मेरा नाम हो जाए।

लाला: लाइए मैं अभी कर देता हूँ।

अशोक: जी सर मैं अभी लेकर आता हूँ।

अशोक चारू को वहीँ छोड़ कर पेपर्स लेने चला जाता है।

लाला: तो आप क्या करती हैं चारू।

चारू: अंकल मैं तो हाउस वाइफ हूँ।

लाला: मुझे कर्नल बुलाओ। यहाँ सब वही कहते हैं, और अशोक?

चारू: ये सॉफ्टवेर इंजिनियर हैं।

लाला: वैरी गुड। कहाँ ऑफिस है अशोक का।

चारू: फिलहाल तो इनका वर्क फ्रॉम होम ही रहता है।

लाला: अच्छा, फिर तो अच्छा है। दोनों लोग काफी समय साथ में बिता पाते होगे।

चारू: कहाँ कर्नल साहब, साल में छह सात महीने तो इनको लन्दन में ऑन साईट ही रहना पड़ता है। इनके पास जिस क्लाइंट का अकाउंट है वो साल में दो तीन बार बुला ही लेता है और फिर दो दो महीने नहीं छोड़ता। और मैं यहाँ अकेली बोर होती रहती हूँ। अभी देखिये परसों फिर से जा रहे हैं डेढ़ महीने के लिए।

ये सुनकर कर्नल की आँखों में एक चमक आ गयी क्योंकि उसे चारू अपने बिस्तर पर दिखने लगी।

 

 



कर्नल को लगा की दिव्या के बाद अब चारू भी उससे फंस सकती है। वो चारू को चोदने के ख्याल में खो सा गया।

चारू: क्या हुआ कर्नल साब? क्या सोचने लगे?

लाला: सोच रहा था की तुम कोई जॉब क्यों नहीं कर लेती। बोर भी नहीं होगी और साथ ही पैसे भी मिल जायेंगे।

चारू: बात तो आपकी ठीक है लेकिन घर के ही इतने काम रहते है की फुल टाइम जॉब के साथ थोडा मुश्किल है। हाँ लेकिन अगर कोई अच्छी पार्ट टाइम जॉब मिल जाए तो कर लूं।

लाला: अरे तुम टीचिंग करो न। सुबह स्कूल जाओ और दोपहर तक वापस। हफ्ते में दो छुट्टियां और भी काफी छुट्टियाँ मिलती है। घर का काम करने का टाइम ही टाइम।

चारू: लेकिन मुझे न तो टीचिंग का कोई एक्सपीरियंस है न मैंने बीएड किया है। मैं तो सिंपल ग्रेजुएट हूँ।

लाला: देखो चारू मेरा एक दोस्त यहाँ के बहुत बड़े स्कूल में प्रिंसिपल है और उसको एक टीचर की सख्त जरूरत भी है। तुम हाँ कहो तो बात करता हूँ। मेरे कहने से तुम्हे पक्का नौकरी मिल जाएगी और सेलेरी भी काफी अच्छी होगी।

चारू: मैं एक बार अशोक से बात करके कल तक आपको बताउंगी।

तभी अशोक पेपर्स लेकर आ गया। कर्नल ने कागज साइन किये और अशोक चारू के साथ वापस चला गया। जाते जाते कर्नल ने चारू से कहा की कल तुम अशोक से बात करके हाँ या न जो भी हो मुझे फोन कर देना। चारू के जाने के बाद कर्नल ने सलमान को फ़ोन किया।

सलमान: हेल्लो कर्नल साब।

लाला: सुन मैं इधर कुछ काम में फंसा हुआ हूँ तो कुछ दिन फार्म पर नहीं आ पाउँगा, समझा।

सलमान: लेकिन आप तो बोल रहे थे की एक दो दिन में आ जायेंगे।

लाला: अबे तो क्या मैं तुझसे परमिशन लेकर आऊंगा जाऊँगा।

सलमान: मेरा वो मतलब नहीं था, वो तो मैं इसलिए कह रहा था की मालकिन आपका वेट कर रही हैं। उनको क्या बोलूं?

लाला: अबे वो मेरा नहीं मेरे लंड का वेट कर रही है। उसकी चूत ज्यादा फडफडाये रही होगी।

सलमान: तो अगर ज्यादा फड़फड़ाये तो चोद लूं मालकिन को?

लाला: अबे नहीं, बिदक जाएगी साली। रुक जा कुछ दिन फिर आयेगी तेरे हिस्से में बस फिलहाल उसको फार्म से बाहर नहीं जाने देना।

कर्नल सोचता है की पहले चारू सेट हो जाए फिर दिव्या को सलमान के हवाले कर देगा वरना अगर चारू सेट न हुई तो उधर दिव्या भी हाथ से जाएगी।

उधर जब से कर्नल शहर गया था दिव्या को एकदम चैन नहीं था। कर्नल उसको दिन में कई बार चोदता था तो उसको दिन में चार पांच बार लंड लेने की आदत हो गयी थी। अब बिना चुदे उसे चैन नहीं था इसीलिए वो कर्नल का बेसब्री से इंतज़ार कर रही थी। जब सलमान ने उसको बताया की कर्नल कुछ दिन नहीं आ पायेगा तो वो बहुत उदास हो गयी।

दिव्या: वो काम में फंसे हैं तो चलो हम लोग ही वहां चलते हैं।

सलमान: लेकिन मालकिन, मालिक तो कह रहे थे की उनको किसी काम से दुसरे शहर जाना है इसीलिए वहां जाना बेकार है। उन्होंने बोला है की काम ख़तम होते ही सीधा यहाँ आयेंगे।

दिव्या: तुमको मेरी बात करवानी चाहिए थी न। अगली बार फोन आये तो मेरी बात करवाना।

सलमान: ठीक है मालकिन।

सलमान दिव्या को ये खबर देकर चला जाता है और दिव्या कर्नल के मंसूबो से नावाकिफ दुखी मन से जाकर लेट जाती है।

 

अगले दिन चारू सुबह सुबह ही कर्नल को फ़ोन करके स्कूल की नौकरी के लिए हाँ कर देती है। कर्नल की बांछे खिल जाती है। वो फौरन मदन को फोन करता है।

मदन: हेल्लो कर्नल साब, बहुत दिन बाद याद किया।

लाला: तुमने काम तो ऐसा किया था की जिंदगी में कभी दुबारा तुम्हारी सूरत नहीं देखनी चाहिए थी लेकिन फिर भी एक मौका और देना चाहता हूँ।

मदन: हुक्म कीजिये कर्नल साब, इस बार शिकायत का कोई मौका नहीं दूंगा।

लाला: इस बार मैं तुम्हे मौका देने का मौका नहीं दूंगा। अब कान खोल कर सुनो। एक नई मछली आई है। मैंने चारा डाला था और उसने गटक भी लिया है। उसका सीवी तुझको भेजा है, उसको फोन करके नौकरी के लिए बुला लेना और तनखाह भी अच्छी देना। और याद रखना इस बार अगर मेरे शिकार पर मुंह मारा और अमानत में खयानत की तो सीधा ऊपर भेज दूंगा।

मदन: नहीं नहीं कर्नल साब, ऐसा नहीं होगा लेकिन एक परेशानी है। दिव्या की सैलरी तो जा ही रही है और इसके अलावा तो कोई वेकंसी है नहीं तो...

लाला: शुरू हो गया तुम्हारा हरामीपन...

मदन: नहीं नहीं कर्नल साब। बात को समझिये। मुझे भी ऊपर जवाब देना पड़ता है। वैसे भी अब दिव्या तो आपको छोड़ कर कहाँ ही जाएगी तो उसकी सैलरी...

लाला: ठीक है। उसको निकाल कर चारू को रख ले लेकिन आखिरी बार बोल रहा हूँ जब मैं उसकी ले लूँगा उसके बाद ही उस पर हाथ रखना।

मदन: जी जी आप बेफिक्र रहें।

कर्नल के फ़ोन रखते ही मदन फ़ौरन सीवी देखता है। चारू का पासपोर्ट साइज़ फोटो देख कर ही वो मदहोश हो जाता है और फ़ौरन चारू को फोन मिला देता है। फ़ोन रिंग होता है और चारू फ़ोन उठा लेती है।

 

 



मदन: हेल्लों, मिस चारू?

चारू: यस, कौन बोल रहे हैं।

मदन: चारू मेरा नाम मदन है और मैं xxxxx पब्लिक स्कूल का प्रिंसिपल हूँ। कर्नल लाला ने आपका सीवी भेजा था और कहा था की आप मेरे स्कूल में नौकरी करने में इंटरेस्टेड हैं।

चारू: जी मैंने उनको अपना सीवी दिया था।

मदन: जी आप आज इंटरव्यू देने आ सकती हैं क्या?

चारू: जी इंटरव्यू? लेकिन मेरा टीचिंग का कोई एक्सपीरियंस नहीं है और कर्नल साब ने तो कहा था...

मदन: अरे आप घबराइए नहीं। ये तो बस एक फॉर्मेलिटी है बाकी कर्नल साब ने कह दिया तो आपकी नौकरी पक्की है और आपकी सैलरी शुरू में 50 हजार होगी और बाद में परफॉरमेंस देख कर हम फाइनल सैलरी तय कर लेंगे लेकिन वो क्या है की आप अगर एक बार दस मिनट के लिए आ जाती तो अच्छा रहता क्योंकि हमको भी मैनेजमेंट को जवाब देना पड़ता है।

चारू 50 हजार सुन कर लालच में आ गयी और बोली

चारू: ठीक है सर मैं एक घंटे में आ जाउंगी।

मदन: ओके, मैं पेपर वर्क करवा लेता हूँ तो आप कल से नौकरी ज्वाइन कर सकती है।

चारू: थैंक यू सर।

चारू फोन रखकर ये बातें अशोक को बताती है तो वो भी खुश हो जाता है। अशोक को एक मीटिंग अटेंड करनी होती है तो चारू फटाफट जीन्स और टीशर्ट पहन कर तैयार होकर स्कूल के लिए निकल जाती है।

 


उधर मदन बेसब्री से चारू का इंतज़ार कर रहा था। जैसे ही चपरासी उसको बताता है की कोई चारू मैडम आपसे मिलने आई हैं वो फ़ौरन चारू को अन्दर बुला लेता है। चारू के पहनावे से उसके मम्मे और बड़ी गांड साफ़ नज़र आ रहे होते है जो मदन के दिल पर बिजली गिरा देते हैं। वो सोचता है की ऐसे कड़क माल कर्नल को ही क्यों मिलते हैं।

मदन: आइये आइये चारू जी। बैठिये।

चारू: थैंक्यू सर।

मदन: बताइए क्या लेंगी चाय काफी या ठंडा?

चारू: कुछ नहीं सर बस आप इंटरव्यू ले लीजिये।

मदन: जी इंटरव्यू की तो कोई बात ही नहीं है, कर्नल साहब ने कह दिया तो नौकरी तो आप की पक्की ही है लेकिन फॉर्मेलिटी तो पूरी ही करनी पड़ती है इसीलिए आपको तकलीफ दी। आप अपना सीवी और सर्टिफिकेट्स तो लाई हैं न।

चारू: जी हाँ। ये लीजिये।

चारू अपनी फाइल मदन की तरफ बढ़ा देती है। मदन कुछ देर फाइल देखने का नाटक करता है।

मदन: कर्नल साहब ने तो फंसा दिया है।

चारू: क्या हुआ सर?

मदन: आपने तो केवल ग्रेजुएशन किया है और मेरे पास इस पोस्ट के लिए पीएचडी किये हुए एक्सपीरियंस लोगो ने अप्लाई किया है और आपका तो टीचिंग की कोई एक्सपीरियंस भी नहीं है।

चारू: सर मैं शादी से पहले बच्चो को ट्यूशन देती थी। मेरा पढाया कोई भी बच्चा कभी फेल नहीं हुआ।

मदन: जी मैं मानता हूँ लेकिन ये तो सीनियर पोजीशन है। सैलरी भी हाई है। अगर ये पोजीशन आपको मिली तो जस्टिफाई करना मुश्किल हो जायेगा।

चारू: लेकिन आप तो कह रहे थे की कर्नल साहब...

मदन: जी उनकी मैं रेस्पेक्ट करता हूँ लेकिन यहाँ तो नौकरी मेरी दांव पर लगी है...

चारू ये सुन कर उदास हो जाती है और सोचती है की नौकरी उसे नहीं मिलेगी। मदन दरअसल ये सब इसलिए कर रहा था ताकि चारू को ये न लगे की सिर्फ कर्नल के कहने भर से उसकी नौकरी लग गई। वो उस पर अपना एहसान भी दिखाना चाहता था।

मदन: आप मायूस न हों लेकिन आप प्रॉमिस कीजिये की आप बच्चो को खूब मेहनत से पढायेंगी!

चारू (खुश होकर): प्रॉमिस सर! मैं कोई कसर नहीं छोडूंगी।

मदन: मेरे कहने पर कभी कभी आपको छुट्टी के दिन भी आना होगा ट्रेनिंग के लिए और कभी कुछ एक्स्ट्रा काम भी करना पड़ सकता है।

चारू: नौ प्रॉब्लम सर। आई एम रेडी।

मदन: तो ठीक है, आप कल से ज्वाइन कर लीजिये।

चारू: कल से?

मदन: कोई प्रॉब्लम?

चारू: नौ प्रॉब्लम सर।