मदन: सलमान कह रहा था की तुम्हारी तयारी इस बार अच्छी नहीं है और तुम्हे क्वेश्चन पेपर्स चाहिए.
पूजा: जजजी सर
मदन: लेकिन तुमको पढाई करनी चाहिए. अगर मैं तुमको पेपर्स दे भी दूं तो तुम टेस्ट तो पास कर लोगी लेकिन बोर्ड कैसे निकालोगी.
पूजा कुछ नहीं बोलती. मदन उसके बालों से खेलने लगता है.
मदन: कहीं तुम ये तो नहीं सोच रहीं की मैं तुम्हे बोर्ड्स के पेपर भी एग्जाम से पहले दे दूंगा? मैं भला ऐसा क्यों करूंगा? इसमें मेरा क्या फायदा?
पूजा को ये सब अजीब लग रहा है लेकिन वो कुछ नहीं बोलती. मदन जेब से मंडे के टेस्ट का पेपर निकाल कर पूजा के सामने टेबल पर रख देता है.
मदन: अब तुमको सलमान ने भेजा है तो मना करना भी मुश्किल है. लो देख लो क्वेश्चन.
पूजा: थैंक्स सर
मदन पूजा की चेयर घुमा देता है और पूजा का चेहरा अब मदन की पेंट के ठीक सामने है. पेंट में एक टेंट बना हुआ है.
मदन: थैंक्स मत बोलो. इसकी मदद कर दो. हो सकता है ये बोर्ड्स में भी तुम्हारी मदद कर दे.
मदन पूजा का मुह अपने लंड की तरफ प्रेस करने लगता है. पूजा भी मदन की बेल्ट खोल देती है और चैन खोल कर उसका लंड बाहर निकाल लेती है. पर मदन का लंड सलमान से भी बड़ा और मोटा है. पूजा इसे देख कर चौंक जाती है.
मदन: सोचो मत पूजा इसे मुह में ले लो. सोचो एक चौकीदार से ज्यादा फायदा तुम्हे मुझसे मिलेगा.
पूजा बिना कुछ कहे लंड मुंह में लेने की कोशिश करने लगती है पर लंड उसके मुह में आधा भी नहीं जा पता और वो उबकाई लेने लगती है.
मदन: लगता है सलमान ने ठीक से ट्रेनिंग नहीं दी तुझे. ठीक से चूसे इसे. पूरा मुह में ले.
मदन पूजा के बालों में हाथ डाल कर उसके मुह को अपने लंड की तरफ धकेल देता है और उसका विशालकाय लंड आधे से ज्यादा पूजा में मुह में चला जाता है. थोड़ी देर में मदन का लंड पूरी तरह पूजा के थूक में भीग जाता है लेकिन पूजा लंड चूसना नहीं छोडती. मदन भी अपना लंड पूजा के गले में घुसेड़ने की कोशिश करने लगता है जिससे पूजा का दम निकलने लगता है और आँखों से पानी आने लगता है.
मदन लंड पूजा के मुह से निकाल लेता है और पूजा को सामने की टेबल पर झुका कर घोड़ी बना देता है. घोड़ी बनते ही पूजा की स्कर्ट ऊपर हो जाती है और ब्लू लेगिंग में उसकी गांड का उभार मदन को पागल करने लगता है. मदन पूजा की चूत पर हाथ रख कर मसलने लगता है जिससे पूजा इस कदर पानी छोड़ने लगती है की उसकी लेगिंग भीग जाती है.
मदन: अरे तुम पेंटी नहीं पहनती क्या? या मेरे लिए उतार कर आई हो?
ये कह कर मदन उसकी लेगिंग के ऊपर से ही ऊँगली पूजा की चूत में घुसाने लगता है जिससे पूजा की लेगिंग में छेद हो जाता है.
पूजा: अरे सर मेरी लेगिंग फट जाएगी तो मैं घर कैसे जाऊंगी?
मदन: डर मत. वैसे भी ये स्कर्ट से ढक जाएगी और मेरे पास कई नयी लेगिंग रखी है. उनमे से अपनी साइज़ की ले लेना.
ये बोलकर मदन लेगिंग का छेद बड़ा कर देता है और पूजा की चूत में ऊँगली डाल कर ऊँगली अन्दर बाहर करना शुरू कर देता है. पूजा भी गरम होकर आहें भरने लगती है.
मदन: लगता है तू तैयार है चुदने के लिए.
पूजा कुछ नहीं बोलती तो मदन उसकी गांड पर एक जोर का थप्पड लगा देता है.
पूजा: आह्ह्ह
मदन: जब भी मैं कुछ पूछूं तो उसका जवाब दिया कर नहीं तो तेरी गांड पीट पीट कर लाल कर दूंगा. समझी.
पूजा: जी सर.
मदन: तो बोल तैयार है न मेरा लंड लेने के लिए?
पूजा: जी सर तैयार हूँ.
मदन अपनी पेंट उतार कर अपना लंड पूजा की चूत में घुसेड़ने लगता है जिससे पूजा की चूत पूरी तरह से खिचने लगती है. पूजा दर्द से तड़प उठती है पर मदन नहीं रुकता और अपना पूरा लंड पूजा की चूत में डाल देता है और पूजा को चोदना शुरू कर देता है.
पूजा: आह सर थोडा आराम से कीजिये न.
मदन पूजा की एक नहीं सुनता और जोर जोर से धक्के मारने लगता है. थोड़ी देर में पूजा का दर्द भी कम हो जाता है और उसको भी मजा आने लगता है. मदन कभी पूजा की चूंची दबाता है तो कभी उसके चुतर पर थप्पड़ मारता है. मदन धीरे धीरे पूजा के कपडे खोलने लगता है.
मदन: तुमको पता है मेरी पसंदीदा पोजीशन क्या है?
पूजा: आःह डोगीईई पोजीशन स्स्स्ससर
मदन: तुमको कैसे पता
पूजा: उफ्फ्फ क्योंकिईई आपने आह्ह्ह ऐसे ही करना शुरूऊ कियाआआह
मदन: क्या करना शुरू किया
पूजा कुछ नहीं बोलती तो मदन एक जोरदार थप्पड उसकी गांड पर लगा देता है.
पूजा: उईइ माँ आःह्ह्ह चोदना सर
अब मदन पूजा को सीधा खड़ा करता है और खुद चेयर पर बैठ जाता है और अपना लंड हाथ में लेकर पूजा से बोलता है.
मदन: शर्मा मत मेरी जान. अपने असली रूप में आ जा. ले ले इसको अपने अन्दर.
पूजा मदन की तरफ गांड करके खड़ी हो जाती है और लंड अपनी चूत के मुहाने पर लगा कर बैठ जाती है. धीरे धीरे मदन का पूरा लंड पूजा की चूत में चला जाता है. अब पूजा उछल उछल कर मदन से चुदने लगती है. पूजा की सिस्कारियों से कमरा गूंजने लगता है. थोड़ी देर में ही वो अपना सारा रस मदन के लंड पर छोड़ देती है.
मदन: ये क्या किया पूजा. अभी तो मैंने तुझे पूरी नंगी भी नहीं किया और तू झड भी गयी रांड.
पूजा: सॉरी सर मैं अपने को रोक नहीं पाई.
मदन: इस गलती की तुझे सजा मिलेगी.
ये बोलकर मदन पूजा को सामने सोफे पर लिटा देता है और उसके मुह में अपना लंड ठूँस देता है. लंड पहले से ही पूजा के कामरस से भीगा हुआ था. पूजा भी मजबूरी में मदन का लंड चूसने लगती है. मदन पूजा के चूसने के काफी खुश होता है और थोड़ी देर में ही अपना सारा माल पूजा के मुह में ही निकाल देता है. पूजा का मुह पूरा कसैला हो जाता है. वो वीर्य थूकने की कोशिश करती है तो मदन उसे रोकता है.
मदन: खबरदार रांड जो तूने मेरा माल थूंका. पूरा पी जा. एक बूँद भी बाहर नहीं आना चाहिए.
आखिर में पूजा को सारा वीर्य पीना ही पड़ता है जिससे मदन खुश हो जाता है.
मदन: जा रांड वो पेपर भी लेती जा और कुछ भी चाहिए हो तो बिना झिझक आ जाना.
पूजा अपने कपडे पहनती है और पेपर लेकर प्रिंसिपल ऑफिस से बाहर आ जाती है. पहले वो सोचती है की सलमान के पास जाए फिर उसे लगता है की सलमान को तो पता ही होगा की यहाँ क्या होने वाला है तो वो चुपचाप अपने घर चली जाती है.
उधर सलमान अपने रूम में लेटा हुआ ये सोच रहा है क्या कल दिव्या उसके रूम में आयेगी या नहीं. और अगर आएगी तो वो उसे कैसे चोदेगा. उधर दिव्या भी स्कूल के बाद घर पहुच गयी है और घर के कामों में व्यस्त है. काम ख़तम होने के बाद जब उसकी नज़र अपने मोबाइल पर पड़ती है तो वो देखती है की मनीष का मेसेज आया हुआ है. पहले तो वो मेसेज इग्नोर कर देती है लेकिन फ़िलहाल उसके पास और कोई काम नहीं है और सोने में भी वक़्त था तो वो रिप्लाई कर ही देती है.
दिव्या: आज क्यों मेसेज क्या तुमने?
मनीष: कुछ नहीं मैम. बस पढ़ते पढ़ते बोर हो गया तो सोचा थोड़ी देर आपसे बात करके फ्रेश हो जाऊं.
दिव्या: अरे अपने किसी फ्रेंड से चैट करो. मुझसे क्यों?
मनीष: मैम कई दोस्तों को मेसेज किया लेकिन सिर्फ आपने ही रिप्लाई किया.
दिव्या: बोलो क्या बोलना है.
मनीष: आपके काम ख़तम हो गए?
दिव्या: हाँ बस अभी ही फ्री हुई हूँ.
मनीष: आपके हस्बैंड भी आने वाले होंगे ऑफिस से?
दिव्या: नहीं वो आजकल टूर पर हैं. मैं अकेली हूँ घर में.
मनीष: फिर तो आप बोर हो जाती होंगी.
दिव्या: नहीं घर के काम रहते हैं. फिर थोड़ी देर टीवी देख लिया औ रात को हस्बैंड से फोन पर बात कर ली. तुम्हारा एग्जाम कैसा हुआ?
मनीष: काफी अच्छा हो गया मैम.
दिव्या: लेकिन तुम्हारी तो तयारी नहीं थी.
मनीष: हाँ लेकिन आपसे बात करके शायद मेरी किस्मत अच्छी हो गयी. अब फिर आपसे बात हो गयी तो मंडे के पेपर भी अच्छा ही जायेगा.
दिव्या: किस्मत विस्मत छोड़ो और पढाई करो अच्छे से. कल छुट्टी भी है. तयारी करोगे तो पेपर अच्छा ही होगा.
मनीष: मैम आप बहुत अच्छी हैं.
दिव्या: क्यों?
मनीष: मैम आपने मुझे माफ़ जो कर दिया जबकि मैंने कितनी बड़ी गलती की थी.
दिव्या: वो सब बात जाने दो. तुमको इस उम्र में सिर्फ पढाई पर ध्यान देना चाहिए. बाकी सब के लिए तो उम्र पड़ी है.
मनीष: मैम मैं कभी किसी के लिए गलत नहीं सोचता लेकिन उस दिन आपकी बॉडी से टच होते ही...
दिव्या: बोला न वो बात जाने दो. ऐसे विचार मन में मत लाया करो.
मनीष: मैम मैं आपसे कुछ शेयर करना चाहता हूँ. मुझे लगता है आप मुझे समझ पाएंगी लेकिन आप वादा कीजिये की किसी से कहेंगी नहीं.
दिव्या कुछ देर सोच में पड़ जाती है फिर हाँ कर देती है.
दिव्या: बोलो मैं किसी को नहीं बोलूंगी.
मनीष: पहले ऐसे नहीं था लेकिन कुछ साल पहले मेरे पड़ोस में रहने वाली कामिनी आंटी ने मेरे मन में गंदे विचार भरे.
दिव्या: मतलब?
मनीष: मैम उनके हस्बैंड का भी टूर वाला जॉब था. वो अकेली रहती थी. उनका बेटा मेरा दोस्त था. एकबार मैं अपने दोस्त से मिलने उनके घर गया तो वो घर पर नहीं था. कामिनी आंटी अकेली थी तो उन्होंने मेरा फायदा उठाया. फिर मुझे भी ये सब अच्छा लगने लगा.
दिव्या: कैसा फायदा?
मनीष: उन्होंने मेरे अंडरवियर में हाथ डाल दिया और रब करने लगी फिर मेरा हार्ड हो गया.
दिव्या: क्या फालतू बात कर रहे हो. ऐसा कहीं नहीं होता.
मनीष: झूठ नहीं बोल रहा मैम. फिर उन्होंने अपने कपड़े भी निकाल दिए और मुझे सिखाया की सेक्स कैसे करते है. मुझे पहले तो डर लगा फिर मजा आने लगा. अब मैं उनको कभी मना नहीं कर पाता हूँ.
ये सब सुन कर दिव्या की चूत गीली होने लगी.
दिव्या: तुमको ये सब अपनी मम्मी को बताना चाहिए था.
मनीष: कैसे बताता मैम. मजा तो मुझे भी आता है न.
दिव्या: इस उम्र में तुमको ये सब नहीं करना चाहिए. उन आंटी से दूर रहा करो तुम.
मनीष: मैंने कोशिश की तो कामिनी आंटी बोली की मेरे हस्बैंड ज्यादातर घर से बाहर रहते है तो अगर तुम मेरी जरूरत पूरी कर देते हो तो इसमें कोई गलत बात नहीं है.
दिव्या: कैसी औरत है. बच्चे को बिगाड़ रही है. अपने हस्बैंड से प्यार भी नहीं करती.
मनीष: नहीं मैम. वो अपने हस्बैंड से बहुत प्यार करती हैं. लेकिन वो कुछ ऐसी बातें करती है जो मैं आपसे शेयर नहीं कर सकता.
दिव्या को लगता है जब इसने इतना कुछ बता दिया तो अब क्या छुपा रहा है. वैसे तो वो ये बात ख़तम करना चाहती थी लेकिन अब उसके मन में उत्सुकता जाग गयी.
दिव्या: ऐसी क्या बात है बताओ तो सही.
मनीष: आप नाराज ही जायेंगी मैम. रहने दीजिये.
दिव्या: अरे उसकी बात पर मैं क्यों गुस्सा होउंगी. बताओ न क्या कहती है.
मनीष इसी मौके का इंतज़ार कर रहा था. वो दिव्या को ओपन करना चाहता था. दिव्या अपनी आँखों से उसे पूजा की चोदते हुए देख चुकी थी फिर भी काफी हद तक उसकी बातों में आ चुकी थी.
मनीष: मैम वो कहती हैं की जिन औरतों की चूत पर तिल होता है वो बहुत प्यासी होती है और बिना चुदाई के उन्हें नींद नहीं आती. जब ऐसी औरतों के पति टूर पर चले जाते हैं तो उनको मजबूरी में गैरमर्दों से अपनी प्यास बुझानी पड़ती है.
दिव्या: व्हाट? ये क्या बकवास है और ये कैसी भाषा बोल रहे हो तुम. अपनी टीचर से कैसे बात करते है ये भूल गए तुम.
मनीष: मैम मैंने तो पहले ही कहा था की उनकी बात बहुत गन्दी है लेकिन आपने ही बोला की बताओ. मैंने तो सिर्फ उनके शब्द ही दोहराए हैं. आप गुस्सा मत होइए वैसे भी अब मुझे उनकी इस बात पर भरोसा नहीं रहा.
दिव्या ये सुनकर शांत हो जाती है क्योंकि उसी ने जिद की थी मनीष से बात बताने के लिए.
दिव्या: क्यों भरोसा क्यों नहीं रहा.
मनीष: मैम मैं बता तो दूंगा क्योंकि मैं तो आपको एक फ्रेंड की तरह मानता हूँ लेकिन आप बुरा मान जायेगी.
दिव्या: अच्छा मैं नाराज नहीं होउंगी लेकिन तुम भी थोडा कण्ट्रोल करके बोलना की कौन से शब्द बोलने चाहिए और क्या नहीं बोलना.
मनीष: तो मैम आप ही बता दो की कौन से शब्द नही बोलूं.
दिव्या: ओफ्फो अच्छा बताओ की तुमको उनपर भरोसा क्यों नहीं रहा?
मनीष: दरअसल कामिनी आंटी कहती हैं की जिन औरतो की चूत पर तिल होता है वो अपनी सेक्सुअल डिजायर को कण्ट्रोल नहीं कर पाती.
दिव्या को बार बार मनीष के मुह से चूत शब्द सिन कर अजीब लग रहा था. उसका बदन भी गरम हो रहा था. उसका मन हुआ की वो ऊँगली करके अपने को शांत करे लेकिन मनीष से उसको पूरी बात जाननी थी.
दिव्या: तो तुमको इस बात पर भरोसा क्यों नहीं रहा?
मनीष: सच बता दूं. नाराज तो नहीं होंगी न मैम?
दिव्या: बोलो न कितनी बार बोलूं की नाराज नहीं होउंगी.
मनीष: मैम क्योंकि आपकी चूत पर भी तो तिल है लेकिन आप तो पूरा कण्ट्रोल रखती हैं अपने ऊपर.
दिव्या शर्म से लाल हो जाती है. उसको भी पता था की उसकी चूत पर तिल है लेकिन पूरी बात चीत में उसने ये नहीं सोचा था और मनीष को ये कैसे पता चला.
दिव्या: मनीष मुझे तुमसे ऐसी उम्मीद नहीं थी. आज के बाद मुझे कभी मेसेज मत करना.
मनीष: मैम आप खुद ही पूछती हैं फिर नाराज़ हो जाती हैं. प्लीज अगर आपको बुरा लगा तो मैंने माफ़ी मांगता हूँ.
दिव्या अपने को संभालती है और पूछती है
दिव्या: तुमको कैसे पता मेरे बारे में?
मनीष: क्या मैम?
दिव्या: यही की मेरे वहां तिल है.
मनीष: वो जब स्कूल के टॉयलेट में आप मुझे और पूजा को देखकर अपने वहां फिंगर डाल रहीं थी तो मैंने आपको देख लिया था. तभी मैंने वो तिल भी देखा. जिस जगह कामिनी आंटी के है वही आपके भी है.
ये सुन कर दिव्या के होश उड़ जाते है. उसे लगता है की उसको चक्कर आने लगें और वो गिर पड़ेगी. उसके कान गरम हो जाते है और वो सोचती है की कितने शर्म की बात है की उसके स्टूडेंट्स ने उसको कैसी हालत में देख लिया. उसका गला एकदम सूख जाता है और उसको समझ नहीं आता की वो क्या लिखे. मनीष भी जानता था की इस बात का दिव्या पर क्या असर होगा. वो कुछ देर रुक कर फिर से मेसेज करता है.
मनीष: क्या हुआ मैम?
दिव्या: तुम लोगों ने ये बात किसी को बोली तो नहीं?
मनीष: मैम मैं क्या पागल हूँ जो आपकी ऐसी बात किसी को बोलूं और आप फिकर मत कीजिये सिर्फ मैंने ही आपको देखा था. पूजा ने नहीं देखा था.
दिव्या को ये सुनकर थोड़ी तसल्ली होती है की सिर्फ मनीष ने ही उसको देखा. मनीष की चाल कामयाब हो रही थी की दिव्या उसको अपना राजदार मान ले.
मनीष: मैम मैं समझ सकता हूँ आपकी परेशानी. आपके हस्बैंड भी तो काफी समय बाहर रहते हैं. आप पूरा कण्ट्रोल तो रखती हैं लेकिन फिर भी कभी तो मन करता ही होगा शायद इसीलिए बस में भी आपने मेरे उसको अपनी एस के बीच में लगा लिया था.
मनीष जानता था की अब वो इस तरह की बात दिव्या से कर सकता है क्योंकि अब वो उसकी शिकायत नहीं करेगी.
दिव्या: क्या बोल रहे हो. मैंने ऐसा कुछ नहीं किया था.
मनीष: अरे मैम अब तो हम दोस्त हैं तो मैं किसी से कुछ नहीं कहूँगा. मुझे अच्छे से याद है की मेरा लंड आपकी गांड से छू रहा था और आपने खुद ही उसको बीच में फंसा लिया था.
दिव्या: नहीं मनीष ये तुम्हारी ग़लतफहमी है. वो तो मैंने झुक कर बाहर देखा था तब वो हो गया था.
मनीष: अच्छा मैम मैं आपकी बात मान लेता हूँ लेकिन फिर आपने अपनी गांड से उसको हटाया क्यों नहीं?
दिव्या के पास इस बात का कोई जवाब नहीं था. अब मनीष उससे खुले आम गांड लंड बोल रहा था और वो उसको मना भी नहीं कर पा रही थी.
मनीष: बोलिए न मैम?
दिव्या: मुझे नहीं पता.
मनीष: बताइए न मैम आपको मेरी कसम.
दिव्या: मुझे सच में नहीं पता. पता नहीं उस वक़्त मुझे क्या हो गया था.
मनीष: उस टाइम आप गीली हो गयीं थी क्या?
दिव्या: काफी देर हो गयी है अब तुम सो जाओ मनीष.
मनीष: बस थोड़ी देर और मैम. बताओ न तब आप गीली हो गयीं थी क्या?
दिव्या: मुझे याद नहीं है.
मनीष जानता था की दिव्या झूठ बोल रही है पर उसे बहुत मजा आ रहा था. दिव्या से बात करते हुए उसका लंड एकदम सख्त हो गया था और वो उसे लगातार हिला रहा था.
इधर दिव्या को समझ नहीं आ रहा था की वो मनीष को क्या बोले क्योंकि उसकी चूत पानी छोड़ रही थी और उसका मन कर रहा था की ऊँगली करके अपने को शांत करे लेकिन एक अपराधबोध उसे ऐसा करने से रोक रहा था.
मनीष: अच्छा तब का याद नहीं तो क्या अभी आपकी वो गीली है.
दिव्या: पागल हो क्या? कैसे बात कर रहे हो मुझसे?
मनीष: मैम मुझे तो आप बता ही सकती हो. अब मुझसे क्या छुपाना. मैंने तो आपको चूत में ऊँगली करते देखा है. आपको आपके पति की कसम बताइए न आपकी चूत अभी गीली है या नही?
दिव्या: पति की कसम क्यों दे रहे हो.
मनीष: ताकि आप झूठ न बोले. अब बताइए भी...
दिव्या: आज के बाद कभी भी तुम मुझसे ये सब बात नहीं करना.
मनीष: मतलब आप मुझे अपना दोस्त नहीं मानती. मैंने तो आपको इतना सब बोल दिया और आप इतनी सी बात नहीं बता रहीं.
दिव्या: दोस्त मानती हूँ लेकिन ये सब बात ठीक नहीं है और हाँ आज के बाद कभी मुझको मेरे पति की कसम मत देना.
मनीष: फिर आप भी जो मैं बोलू तुरंत बता देना. अब बताइए आपकी चूत गीली है न?
दिव्या: हाँ गीली हैं. तो क्या हुआ? क्यों पूछ रहे हो बार बार?
मनीष: फिर तो आप ऊँगली कर रही होंगी.
दिव्या: पागल हो क्या. मैं ऐसा कुछ भी नहीं कर रही.
मनीष: तो कर लो न मैम. आपके बदन को शांति मिल जाएगी और अगर आप चाहें तो मैं आपके बिस्तर पर आकर आपकी चूत सहला दूं.
दिव्या नाराज़ हो जाती है.
दिव्या: तुमने मुझे उस दिन देख लिया था तो क्या कुछ भी कहोगे मुझे.
मनीष: अरे मैं तो मजाक कर रहा था मैम. मैं कौन सा आपके घर आ जाऊँगा वैसे अगर आपके पति घर पर होते तो अब तक आप चढ़ गयी होतीं उनपर.
दिव्या: बस ज्यादा मजाक नहीं.
दिव्या को पता भी नहीं चलता की कब उसका हाथ उसकी चूत पर पहुँच जाता है और उसकी चूत की पंखुड़ी से खेलने लगता है.
मनीष: वैसे मैम आपके पति बहुत लकी हैं.
दिव्या: क्यों?
मनीष: क्योंकि उनको आप जैसी वाइफ मिली है.
दिव्या: तो इसमें क्या हुआ?
मनीष: उफ़. आपको पता नहीं मैम की आपमें क्या बात है. आपके नशीले बदन को देख कर मुर्दे का भी लंड खड़ा हो जाए. आपके जैसे बूब्स मैंने आज तक किसी के नहीं देखे. एकदम गोल और सख्त. ऊपर से एकदम पहाड़ की तरह तने जैसे दूध से भरे हों.
दिव्या को मनीष की बातें सही तो नहीं लगती लेकिन वो अपनी चूत शांत करने में लगी थी तो कोई जवाब नहीं देती.
मनीष: क्या हुआ मैम?
दिव्या: कुछ नहीं.
मनीष: तो फिर आप रिप्लाई क्यों नहीं कर रहीं.
दिव्या: मैंने तुमको मना किया है न की इस तरह के शब्द मत बोला करो.
मनीष: सॉरी मैम लेकिन मैं तो सिर्फ आपकी तारीफ कर रहा था.
दिव्या: इस तरह की झूठी तारीफ मुझे पसंद नहीं.
मनीष: एकदम सच बोल रहा हूँ मैम. अगर मैं आपके पति की जगह होता तो हरदम आपके बूब्स चूसता रहता. आपको पसंद है न बूब्स चुसवाना.
दिव्या: मनीष मैं तुमसे आखिरी बार कह रही हूँ की मुझसे ऐसी बातें न किया करो. मैं तुम्हारी टीचर हूँ.
मनीष: वो तो आप स्कूल में हैं. अभी तो आप मेरी दोस्त हैं. बताइए न मैम. झूठ मत बोलियेगा.
दिव्या: नहीं मनीष. बस अब बाद में बात करेंगे.
मनीष: मैम प्लीज एक बार बता दीजिये न की आपको बूब्स चुसवाना पसंद है या नही.
दिव्या: ये तो सब औरतों को अच्छा लगता है. बस अब बंद करो.
मनीष: उफ़ मैम अगर मैं आपके साथ होता तो आपके बूब्स ऐसे चाटता और चूसता की आपको मजा आ जाता.
दिव्या: जाओ जाकर ये सब अपनी कामिनी आंटी के साथ करो या फिर पूजा के साथ.
मनीष: अरे मैम उन दोनों के बूब्स आपके बूब्स के सामने कुछ भी नही है. अगर मैं आपके हस्बैंड की जगह होता तो आपके बूब्स चूस चूस कर आपको मस्त कर देता.
दिव्या: बोला न जाकर ये सब अपनी आंटी के साथ करो.
मनीष: उनको तो मेरे ऊपर बैठ कर बूब्स चुसवाना पसंद है.
दिव्या: मतलब?
मनीष फ़ौरन इस पोजीशन की एक फोटो दिव्या को भेज देता है.
दिव्या: क्या बकवास है ये मनीष. तुम हद से बढ़ रहे हो. ये सब क्या भेज रहे हो. बंद करो ये चैट अब.
मनीष: मैम मैं तो बस उनकी फेवरेट पोजीशन बता रहा था.
दिव्या: खबरदार जो ये सब दुबारा भेजा.
मनीष: अरे इसमें क्या गलत है मैम.
दिव्या: अरे तुम मेरे नंबर पर ऐसी चीज नहीं भेज सकते. कोई देख सकता है और फिर मैं ये सब पसंद नहीं करती.
मनीष: आप डिलीट कर दो वैसे भी किसी को पता नहीं चलेगा. ये चैट एकदम सेफ है.
दिव्या: मुझे ये सब नहीं सुनना बस आज के बाद ये सब भेजा तो तुम्हे ब्लाक कर दूँगी.
मनीष: मैम आप तो बेकार में परेशान हो जाती हैं. अच्छा सोचिये की अगर कोई आपके बूब्स भी ऐसे ही चूसे तो आपको कैसा लगेगा.
दिव्या: फिर बकवास. कोई का क्या मतलब. मेरे हस्बैंड हैं और मैं सिर्फ उन्ही के बारे में सोचती हूँ.
मनीष: अच्छा हस्बैंड ऐसे चूसेंगे तो कैसा लगेगा आपको.
दिव्या: तुमको ये जानने की जरूरत नहीं है. बस अब गुड नाईट.
मनीष: अरे मैम एक बात मैं आपसे और करना चाहता था.
दिव्या: अब क्या है?
मनीष: वो मैम आपकी गांड से मेरा लंड टच होने का एहसास मेरे अन्दर एकदम ताज़ा है. मैं उसे भूल नहीं पा रहा हूँ. ऐसा क्यों हो रहा है.
दिव्या: मुझे क्या पता की तुमको क्या क्या होता है. बस अब मुझे नींद आ रही है.
मनीष: मैम आपके हस्बैंड ने कभी आपकी गांड की तारीफ की है? कभी उन्होंने आपसे कहा है क्या की आपकी गांड कितनी भरी हुई और सॉफ्ट है. उस दिन जब मेरा लंड आपकी गांड के बीच में रगड़ रहा था तो मेरा मन कह रहा था की काश ये आपकी चूत में घुस जाए. उफ़ काश ऐसा हो जाता.
मनीष जानता था की अगर दिव्या को ये बातें बहुत बुरी लग रही होती तो वो अब तक उसे ब्लाक कर चुकी होती या फिर जवाब देना बंद कर देती इसीलिए दिव्या के मना करने पर भी वो उसके साथ गन्दी बातें किये जा रहा था और ये सब पढ़ कर दिव्या का हाथ उसकी चूत पर औए तेज़ी से चलने लगता था.
मनीष: मैम आपको कुछ दिखाना था. आपको एक लिंक भेजता हूँ आप लैपटॉप से लॉग इन करो.
दिव्या: नहीं मनीष मुझे अब सोना है.
दरअसल दिव्या अब झड़ना चाहती थी लेकिन मनीष उसको ऑनलाइन चैट साईट का लिंक और पतिव्रता के नाम का लॉग इन और पासवर्ड भेज देता है.
दिव्या: ये क्या है मनीष?
मनीष: बस आप लॉग इन कर लो मैम. मैंने जो आईडी पासवर्ड भेजा है ये आपके नाम से भी नहीं है और इस साईट पर कुछ भी सेव नहीं होता. कोई हिस्ट्री नहीं देख सकता. एकदम सेफ है. कुछ स्पेशल है आपके लिए.
दिव्या: नहीं नहीं. मुझे अब और बात नहीं करनी. अगर कुछ बोलना है तो यहीं बोल दो.
मनीष: मैम मैं वहां आपका वेट कर रहा हूँ. अगर आप मुझको दोस्त मानती हैं तो आ जाइये.
अब मनीष चैट पर मेसेज भेजना बंद कर देता है. इधर दिव्या को समझ नहीं आता की क्या करे क्योंकि वो मनीष की बातों से गरम भी काफी हो गयी थी और उसे मजा भी आ रहा था लेकिन मनीष उसका स्टूडेंट था तो वो उसके साथ अब और आगे नहीं जाना चाहती थी.
फिर वो सोचती है की देखती हूँ की मनीष क्या कहना चाहता है और ओव लैपटॉप पर लॉग इन कर लेती है. दरअसल उसके बदन की प्यास ने उसको मजबूर कर दिया था की वो मनीष से और बात करे. जैसे ही वो लॉग इन करती है उसके पास प्यासा लंड के नाम से एक मेसेज आता है.
मनीष: थैंक यू मैम. मैं जानता था की आप मेरी सबसे अच्छी दोस्त हैं.
दिव्या: उफ़ ये कितना गन्दा नाम रखा है.
मनीष: मैम ये ऑनलाइन वर्ल्ड में तो हम अपने मन का कर ही सकते हैं. यहाँ कोई नियम कायदे नहीं होते.
और मनीष दिव्या को अंडरवियर के अन्दर अपने खड़े लंड की एक फोटो भेज देता है.
दिव्या: अरे तुमको मना किया न ये सब भेजने से.
मनीष: यहाँ मत रोकिये मैम. वैसे ये मेरा लंड है. देखिये कितना सख्त हो रहा है.
दिव्या: तो मुझे क्यों दिखा रहे हो. मुझे बात नहीं करनी अब.
मनीष: अरे मैम अब आपसे क्या छुपाना. आपने तो पहले भी मेरा लंड देखा ही है.
दिव्या: बस अब कपडे पहन लो.
मनीष: अरे मैम ये तो पहले की फोटो है. अब तो मैं दुसरे हाल में हूँ.
दिव्या: मतलब?
अचानक दिव्या के स्क्रीन पर मनीष का कैमरा दिखाने की रिक्वेस्ट आती है. दिव्या बिना कुछ सोचे उसको एक्सेप्ट कर लेती है. एक्सेप्ट करते ही उसके स्क्रीन पर पूरा नंगा मनीष आ जाता है जो अपना लंड हिला हिला कर मुठ मार रहा था.
दिव्या घबरा जाती है. उसको कुछ समझ नहीं आता और वो लॉगआउट कर देती है. मनीष ने सोचा था की आज वो दिव्या के पूरे मजे लेगा. उसको दिखा कर मुठ मारेगा और फिर उसको भी नंगा देखेगा और उसको बोलेगा की चूत में ऊँगली करके दिखाए. दिव्या के लॉगआउट करते ही उसके अरमानो पर पानी फिर गया. वो फ़ौरन दिव्या को फ़ोन पर मेसेज करता है.
मनीष: क्या हुआ मैम. आप चली क्यों गयी. प्लीज बोलिए न.
वो इसी तरह के कई मेसेज दिव्या को भेजता है. काफी देर बाद दिव्या जवाब देती है.
दिव्या: अब मुझे कोई मेसेज मत करना.
मनीष: लेकिन मैम हुआ क्या है.
दिव्या: तुमको नहीं पता की क्या हुआ?
मनीष: नहीं मैम मुझे नहीं पता. हम तो काफी देर से यही सब बात कर रहे थे.
दिव्या: कैमरा ओन होते ही तुम क्या कर रहे थे?
मनीष: अरे वो मैम. वो तो मैं आपको दिखा रहा था की मैं आपको याद करके क्या कर रहा हूँ.
दिव्या: मैं एक शादीशुदा औरत हूँ मनीष कोई तुम्हारी गर्लफ्रेंड नहीं और सबसे बड़ी बात की मैं तुम्हारी टीचर हूँ.
