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दिव्या: नहीं मनीष मैं ये नहीं कर सकती. जिद मत करो.

मनीष: मैम इसके बाद आपसे कुछ नहीं कहूँगा और इतने मम्मे तो आपके मैंने कल भी देखे थे. प्लीज मैम दिखा दो न.

दिव्या भी सोचती है की इतने तो इसने कल ही देखे थे तो आखिरकार अपनी पेंटी पहन कर और बाकी कपडे ठीक करके कैमरा ऑन कर देती है.

मनीष: आःह मैम आपके बूब्स तो कल से भी ज्यादा सुन्दर लग रहे है. मन तो कर रहा है की इसी बेड पर लिटा कर आपकी... आह्ह्ह.

दिव्या: बस और कुछ मत बोलना और अब मैं कैमरा बंद कर रही हूँ.

मनीष: अरे मैम. शर्माना छोड़ कर मेरे सामने ही अपनी चूत में ऊँगली कीजिये न.

दिव्या: रबिश. मैं ऐसा कुछ नहीं कर रही थी.

मनीष: तो फिर इसे ऑन ही रहने दो न.

दिव्या: नहीं मैं ऐसे नहीं बैठ सकती.

मनीष: मतलब आपको भी मेरी तरह अपने जिस्म से खेलना है.

दिव्या: हाँ बस अब मैं बंद कर रही हूँ.

मनीष: ठीक है मैम. लेट जाओ बेड पर और करो ऊँगली.

दिव्या कुछ नहीं बोलती और फ़ौरन कैमरा ऑफ करके बेड पर लेट जाती है.

मनीष: मैम अब अपने बाकी के कपडे भी उतार दो.

दिव्या: क्यों. फिर तुम दिखाने की जिद करोगे.
 

दिव्या: मतलब.

मनीष: समझिये की मैं आपके पेट पर किस करता हुआ आपके पेटीकोट का नारा खींच देता हूँ और उसे नीचे खिसका देता हूँ. अब आप यही करिए.

दिव्या अपना पेटीकोट नीचे खिसका देती है.

मनीष: मैम आपकी पेंटी का कलर क्या है.



दिव्या: ब्लैक.

मनीष: अरे वाइट ब्रा के साथ ब्लैक पेंटी क्यों? सेट में नहीं पहनती आप.

दिव्या कुछ नहीं बोलती.

मनीष: अच्छा अब मैं तुमको घुमा देता हूँ और तुम्हारी गांड से ऊपर किस करता हूँ.

दिव्या अब इतनी गरम हो गयी है की वो रह नहीं पाती और अपनी निप्पल को इतनी कस कर उमेंठ देती है की उसकी आह निकल जाती है. उसको लगता है की जो भी मनीष बोल रहा है सब सच में उसके साथ कर रहा है.

दिव्या: बस मनीष. अब आगे कुछ मत कहना.

मनीष: अरे मैम अभी तो आप शांत नहीं हुई हैं. अभी रोक दिया तो आप पूरी रात तडपेंगी. अब मैं तुम्हारे ब्रा का हुक खोल देता हूँ और पीठ पर किस करते हुए तुम्हारी गांड को मसल देता हूँ. उफ़ कितनी मखमली है तुम्हारी गांड.
मनीष के बोलते ही दिव्या अपनी ब्रा का हुक खोल देती है और अपनी गांड को मसल देती है. उधर मनीष सोचता है की अब उसे राजेश की जगह खुद ले लेनी चाहिए.

मनीष: मैम आपने अपने कपडे खोले या नहीं जैसे मैंने बोला.

दिव्या: हाँ उतार दिए.

मनीष: मैम फिर मैं आपको सीधा करके आपकी ब्रा उतार कर फेंक दूंगा.

 

दिव्या: अब रहने दो न मनीष.

मनीष: अरे अभी तो आपने मेरे कपडे नहीं उतारे मैम. जल्दी से मेरे कपडे उतारिये न.

दिव्या: अच्छा उतारती हूँ.

मनीष: ये हुई न बात मैम. अब आपके मम्मे चूस लूं मैम.

दिव्या: नहीं मनीष. अब और बात नहीं कर पाऊँगी.

मनीष: अरे मैम मना मत करो. इतने कातिल बूब्स बिना चूस कैसे छोड़ दूं.

अब दिव्या अपनी चूत में जोर जोर से ऊँगली करने लगी है तो उसकी आहें मनीष भी सुनता है.

मनीष: आपके बूब्स चूसता हुआ मैं नीचे की तरफ आता हूँ और आपकी पेंटी भी खींच कर उतार देता हूँ.

दिव्या ने तो पहले ही पेंटी उतार रखी थी तो वो बस ऊँगली अन्दर बाहर करने में लगी थी.

मनीष: फिर मैं आपकी चूत के होंठ चाटता हूँ और आपके अन्दर अपनी जीभ डाल कर आपको चोदता हूँ.


दिव्या: उफ्फ्फ्फ़ आःह्ह्ह मनीष ऐसे कौन करता है.

मनीष: सब करते है मैम. आपके हस्बैंड नहीं करते क्या?

दिव्या: नहीं.

मनीष: फिर तो मैं आपको ये सुख जरूर दूंगा. चाटने दो न अच्छे से.

अब मनीष को क्या पता की सलमान पहले ही ये सुख दिव्या को दे चुका है.

मनीष: क्यों मैम मजा आ रहा है अपने स्टूडेंट से चूत चटवाने में.

दिव्या: रहने दो न मनीष. मुझे ये पसंद नहीं है.

मनीष: लेकिन आपकी सिसकिया तो चूत पर मुह लगते ही बढ़ गयी हैं. मतलब आपको मजा आ रहा है. आपके मम्मे दबाते हुए मैं कुत्ते की तरह आपकी चूत चाट रहा हूँ.

दिव्या: बस मनीष. अह्ह्ह्ह उफफ्फ्फ्फ़ मुझे आःह्ह कुछ हूऊऊओ रहाआआ है ईईइस्स्श.

मनीष: ऊँगली कर रही हैं न मैम.

दिव्या: नहीं.

मनीष: अरे झूट मत बोलिए. अच्छा बताइए की मेरा लंड लेंगी अपनी चूत में.

दिव्या: आह्ह्ह्ह कभीईईई नहींईईइ उफ्फ्फ्फ़.

मनीष: लेकिन मैम मैं तो आपके ऊपर आ गया हूँ. अब आपकी भट्टी जैसी गरम चूत में अपना लोहे की रॉड जैसा लंड डालूँगा. अगर आपको न पसंद हो तो लॉगऑफ कर लो.

दिव्या कुछ नहीं बोलती बस अपनी चूत से खेलती रहती है.

मनीष: मैं आपकी चूत में लंड डाल रहा हूँ मैम. उफ़ कितनी टाइट चूत है आपकी. उफ़ लगता है आपके हस्बैंड आपको सही से नहीं चोदते.

दिव्या: राजेश के बारे में कुछ मत बोलो समझे.

मनीष: ओके मैम लेकिन अब मैं आपको चोद रहा हूँ. आप ऊपर आएँगी या मैं इसी पोजीशन में चोदता रहूँ आपको. मजा आ रहा है न.

दिव्या: बस उफ़फ्फ और बातें मतत्त्तत्त करोऊऊऊऊईईईईइमा. अब रहने दो.

मनीष: झाडे बिना कैसे रहने दूं मेरी जान को. मेरा नाम लेकर ऊँगली करो न मैम.

दिव्या: आःह्ह्ह मननीशषआआअह्ह्ह आःह्ह्ह

दिव्या मनीष का नाम जैसे ही लेती है वैसे ही झड़ने लगती है और मनीष भी अपनी स्पीड बढ़ा देता है और झड जाता है. झड़ने के बाद दिव्या बिस्तर में बेजान होकर लेट जाती है और सामने लैपटॉप में मनीष का झड़ता हुआ देखती रहती है.


उसको समझ नहीं आता की वो ये सब क्या कर रही है. वो लैपटॉप बंद कर देती है और रातभर अपने को कोसती है की वो किस तरह एक स्टूडेंट का नाम लेकर झड रही थी. इमेजिन कर रही थी की वो उसको चोद रहा है.

दिव्या सोचती है की वो फिर कभी ऐसा नहीं करेगी. फिर वो सोचती है की अगर बहुत मन हुआ भी तो सिर्फ चैट ही करेगी लेकिन आगे से ऐसे कैमरा और माइक ऑन नहीं करेगी. यही सब सोचते हुए वो सो जाती है. दिव्या सुबह उठ कर काफी खुश है. दिव्या ने आज स्कूल से छुट्टी ले ली थी. वो राजेश के लिए तरह तरह का खाना बनाती है और फिर तैयार होने ब्यूटी पार्लर चली जाती है. पार्लर में काफी भीड़ थी तो उसको लौटने में काफी देर हो जाती है. उसे लगता है की कहीं राजेश आ न गया हो.

वो जब घर पहुँचती है तो अँधेरा हो गया था लेकिन राजेश अभी तक नहीं पहुंचा था. लाल रंग की साड़ी में दिव्या खूब फैब रही थी. वो शीशे के सामने खड़े होकर अपना हुस्न निहारती है और एक सेल्फी लेती है.
 

वो अपनी फोटो राजेश को भेजने की सोचती है पर फिर उसको लगता है की राजेश को तो वो सामने से ही अपना रूप दिखाएगी. थोड़ी देर में पूजा का समय होने वाला है तो उससे रहा नहीं जाता और वो राजेश को फ़ोन करती है.

दिव्या: कहाँ हो तुम? मैं सुबह से तुम्हारा इंतज़ार कर रही हूँ. कितनी देर में पहुच रहे हो.

राजेश: जान कहा तो था की आज मुश्किल होगा. बॉस ने बोला की काफी लोगों ने इस वीक करवाचौथ की वजह से छुट्टी ले ली है तो...

दिव्या: व्हाट? तुम्हे पता है न आज क्या दिन है. मैं सुबह से भूखी प्यासी तुम्हारे लिए खाना बना रही हूँ. तैयार हो रही हूँ और तुम कह रहे हो की तुम नहीं आओगे क्योंकि बाकी सब लोग करवाचौथ मनाने अपने घर गए हैं. लेकिन तुम्हारी तो बीवी है ही नही तो तुम्हे क्या फिकर. मैं तो तुम्हारे लिए गुलाम से भी बदतर हूँ.

राजेश: प्लीज ऐसा मत कहो. तुम जानती हो की ये सच नहीं है. नेक्स्ट वीक मैं पूरे एक हफ्ते के लिए आ जाऊंगा और पूरा टाइम तुम्हारे साथ ही रहूँगा.

दिव्या: कोई जरूरत नहीं है आने की. तुम आ जाओगे तो तुम्हारा दफ्तर बंद हो जायेगा. इसीलिए तुम मन लगा कर काम करो वरना बॉस नाराज हो जायेगा. आज के बाद मुझसे बात भी मत करना.

राजेश: इतना गुस्सा नहीं करते. मैंने तुम्हारे लिए एक...

दिव्या कोई बात नहीं सुनती और कॉल काट देती है. राजेश कॉल करता है लेकिन दिव्या फ़ोन नहीं उठाती. दरअसल कल मनीष से बात करके आज के लिए उसके मन में बहुत बड़े बड़े प्लान बन गए थे की कैसे वो राजेश के साथ सेक्स करेगी लेकिन राजेश ने उसका दिल तोड़ दिया इसीलिए वो इतना ज्यादा भड़क गयी थी.

राजेश को कॉल करते वक़्त दिव्या टेरेस में खड़ी थी और नीचे से सलमान उसको देख रहा था. सलमान दिव्या से काफी नाराज था क्योंकि वो उसकी कंप्लेंट लेकर प्रिंसिपल के पास गयी थी लेकिन फिर भी उसकी एक झलक ने उसके लंड में हलचल पैदा कर दी थी.

सलमान मन ही मन सोचता है की साली रांड जब तक गरम होती है बहुत मजा देती है लेकिन झड़ते ही नाटक करने लगती है. लेकिन इस बार साली को पक्का रांड बना दूंगा. सलमान यही सब सोच रहा है की तभी एक कूरियर वाला दिव्या का पता पूछता है.

सलमान: मैडम तो अभी घर पर नहीं है. अभी अभी निकली हैं.

कूरियर वाला: घर पर कोई और है क्या.

सलमान: नहीं इस वक़्त तो कोई नहीं है. आप ये मुझे दे दो. मैडम आएँगी तो दे दूंगा.

कूरियर वाला राजेश को फोन करके पूछता है की घर पर कोई नहीं है तो कूरियर गार्ड को दे दूं. राजेश ओके कर देता है और सलमान से बात करवाने को कहता है क्योंकि दिव्या उसका फोन नहीं उठा रही.

राजेश: हेल्लो. मैडम कहाँ गयी है.

सलमान: पता नहीं सर. बस अभी ही गयी है. पैदल गयी हैं तो शायद कुछ घर का सामान लेने गयी होंगी.

राजेश: अच्छा आज मैं आ नहीं पाया इसीलिए उनके लिए ये गिफ्ट है. आते ही दे देना.

सलमान: आप फिकर न कीजिये सर. फ़ौरन दे दूंगा.

कूरियर वाला: ठीक है. आप यहाँ साइन कर दो और अपना नंबर भी लिख दो.

सलमान नंबर लिख कर कूरियर ले लेता है और गिफ्ट खोल कर देखता है. अन्दर एक सोने की चेन होती है. सलमान मन में सोचता है की राजेश भी कितना बड़ा नल्ला है. आज के दिन दिव्या को गिफ्ट नहीं उसका लंड चाहिए चलो आज इसने मेरा काम आसान कर दिया. आज साली के जिस्म की एक एक बूँद निचोड़ दूंगा.

थोड़ी देर में सलमान की ड्यूटी ख़तम हो जाती है तो वो दिव्या के फ्लोर पर चला जाता है. एक एक करके सब औरतें छत पर पूजा करने जा रही होती है. गुस्सा शांत होने पर दिव्या भी घर से निकलती है और छत पर चली जाती है. उसके हाथ में पूजा की थाली और चलनी है इसीलिए वो डोर लॉक नहीं करती. सलमान छुप कर ये देख लेता है और दिव्या के ऊपर जाते ही उसके घर में घुस जाता है और एक कमरे में जाकर छुप जाता है.

दिव्या की लाल साड़ी उसे शादी का जोड़ा लग रही थी और वो सोचता है की आज दिव्या के साथ उसकी सुहागरात है. सलमान इन्ही ख्यालों में डूबा है की दिव्या पूजा करके वापस आ जाती है.


सलमान छुप कर उसे देखने लगता है. वो पूजा की थाली रखकर डोर लॉक करती है और पानी पीकर अपना व्रत तोडती है. वो बुझे मन से खाना निकालती है और डाइनिंग टेबल पर रखती है.

उसकी गांड इस वक़्त सलमान की तरफ थी जिसे देख कर सलमान से रहा नहीं जाता. वो चुपचाप आगे आता है और दिव्या को पीछे से पकड़ कर दिव्या को गोद में उठा लेता है. डर से दिव्या की चीख निकल जाती है और वो पलट कर सलमान को देखती है.

उसे यकीन नहीं होता की सलमान की हिम्मत इतनी बढ़ जाएगी.

दिव्या: कमीने तेरी इतनी हिम्मत. छोड़ मुझे. मैं कहती हूँ छोड़.

सलमान: कल तो जाने दिया था लेकिन आज नहीं छोडूंगा मैडम. आज तो मैं आपकी और अपनी प्यास बुझा कर ही जाऊंगा.

दिव्या: चुपचाप चले जाओ नहीं तो मैं चिल्ला कर सबको बुला लूंगी.

सलमान: चिल्लाने का कोई फायदा नहीं है मैडम. आपको तो पता है की इस फ्लोर पर सिर्फ कर्नल साहब रहते हैं और वो भी कही गए हुए हैं. बाकी ऊपर नीचे आपकी आवाज नहीं जाएगी और कहीं गलती से कोई आ भी गया तो उससे क्या कहोगी की मैंने सलमान को अपनी चूत चटवाई है. जैसे कल प्रिंसिपल के सामने आपकी बदनामी हुई वैसे ही यहाँ भी होगी. इसीलिए कहता हूँ की मान जाओ.

ये कह कर सलमान दिव्या को बेडरूम में ले जाता है और गोद से उतार देता है. उतरते ही दिव्या बाहर की तरफ भागने लगती है लेकिन सलमान उसकी साड़ी का पल्लू पकड़ लेता है. आज सलमान ने तय कर लिया है की वो दिव्या को नहीं छोड़ेगा चाहे जबरदस्ती ही क्यों न करनी पड़े. सलमान दिव्या की साड़ी उतार कर दूर फेंक देता है और फुर्ती से उसको पीछे से जकड लेता है. दिव्या अपने हाथ अपनी छाती पर रख लेती है ताकि सलमान उसके बूब्स न दबा पाए.

पीछे से जकड़े जाने पर सलमान का लंड दिव्या की गांड में धंस जाता है. दिव्या के शरीर से उठ रही मादक गंध सलमान की हवस को और बढ़ा देती है.

दिव्या: सलमान प्लीज मुझे छोड़ दो. अगर तुमने मेरे साथ जबरदस्ती की तो तुम्हारे लिए ठीक नहीं होगा.

सलमान: मान जाइये न मैडम. क्यों मुझे तडपा रहीं हैं और खुद भी तड़प रही हैं.

दिव्या: तुम पहले ही मेरे साथ बहुत मनमानी कर चुके हो अब मैं तुम्हे और कुछ नहीं करने दूँगी. अगर तुम अभी चले गए तो किसी से कुछ नहीं कहूँगी.

सलमान दिव्या को अनसुना करके उसको अपनी तरफ घुमा लेता है और उसके होठो चाटते हुए उसके बदन को मसलने लगता है.

दिव्या: मेरी बात मान लो सलमान वरना नतीजा बुरा होगा. मैं तुम्हे मेरा और फायदा नहीं उठाने दूँगी.

सलमान: मैडम मैंने आपका फायदा नहीं उठाया बल्कि आपने मेरा फायदा उठाया है.

दिव्या: क्या बकते हो. छोड़ो मुझे.

सलमान: अरे मैडम आप अपनी चूत चटवा कर झड गयी और मुझे ऐसे ही छोड़ कर भाग गयी तो फायदा तो आपने ही उठाया न.

दिव्या: मैं उस दिन बहक गयी थी सलमान. लेकिन तुम हरकतें ही ऐसी कर रहे थे. मेरी बात समझो मैं ये सब बिलकुल नहीं करना चाहती.

सलमान: तो आज मैं आपको देख कर बहक गया हूँ और आज तो मैं झड कर ही जाऊंगा चाहे आप मदद करें या न करें.
ये कह कर सलमान दिव्या के हाथ हटा कर उसकी चूंचियों से खेलने लगता है. दिव्या भी अब सलमान की हरकतों से धीरे धीरे गरम हो रही है लेकिन वो सलमान को रोकने की कोशिश करती रहती है.

सलमान: आज मत रोको मैडम. देखो न मेरा लंड कैसे तड़प रहा है आपके लिए. एक बार इसको अपने कोमल हाथ में ले लीजिये न.

दिव्या: नहीं सलमान प्लीज तुम जाओ यहाँ से. ये तुम बहुत गलत कर रहे हो.

सलमान दिव्या के ब्लाउज को कंधो से नीचे खीचने लगता है जिससे उसके दो तीन हुक टूट जाते है. दिव्या फिर से भागने की कोशिश करती है लेकिन सलमान उसको उठा कर बेड पर पटक देता है. दिव्या को एक पल को लगता है की उसके शरीर में जान ही नहीं बची और वो चाह कर भी उठ नहीं पाती तब तक सलमान उसका पेटीकोट उसकी जांघो तक उठा कर उसकी टाँगे चूमने लगता है और उसके पेटीकोट में हाथ डाल कर उसकी चूत सहलाने लगता है.

दिव्या आहें भरने लगती है और उसकी चूत गीली हो जाती है. सलमान अपना हाथ दिव्या की पेंटी की इलास्टिक पर ले जाता है. दिव्या उसका हाथ पकड़ कर उसको रोकने की कोशिश करती है लेकिन सलमान दिव्या की पेंटी नीचे खींच देता है और दिव्या से कहता है.

सलमान: क्यों जानेमन आज चूत नहीं चटवाओगी मुझसे.

दिव्या कोई जवाब नहीं देती लेकिन सलमान अपनी जीभ दिव्या की चूत पर रख देता है. दिव्या जैसे पागल हो जाती है और उसका सारा विरोध हवा हो जाता है. सलमान एक कुत्ते की तरह दिव्या की चूत चाट रहा है.

 

 



दिव्या: आह्ह्ह सालमाआअन्नन्न उफफ्फ्फ्फ़ बस्स्स्स करूऊओ आआह्ह्ह

दिव्या के मुंह से अपना नाम सुन कर सलमान भी उत्तेजित हो जाता है और दिव्या की गोरी मखमली जांघो पर काटने लगता है. दिव्या तड़पने लगती है और उसके बालों में हाथ डाल कर वापस उसका मुह अपनी चूत पर ले जाती है. सलमान दिव्या को और तडपाना चाहता है तो वो अपना मुह हटा लेता है. दिव्या उसका सर अपनी टांगो में जकड लेती है और फिर से उसे अपनी चूत के करीब ले आती है.

सलमान समझ जाता है की दिव्या झड़ने के करीब है इसीलिए ऐसा कर रही है पर आज सलमान कल वाली गलती नहीं दोहराना चाहता. सलमान दिव्या की टांगो को खोल कर उठ जाता है और अपने कपडे उतारने लगता है. सलमान के चूत न चाटने से दिव्या सलमान को तरसती निगाहों से देखती है.

सलमान दिव्या को तरसता देख कर मुस्कुरा देता है. सलमान की ये मुस्कान दिव्या को जहर की तरह लगती है और वो अपनी सारी इच्छाशक्ति बटोर कर अपने को सँभालने की कोशिश करती है. तब तक सलमान पूरा नंगा हो चुका है और दिव्या को बेड से उठते देख उसे पकड़ लेता है और उसकी कमर को सहलाने लगता है.

सलमान: किधर चली मैडम?

दिव्या: अब इसके आगे मैं और कुछ नहीं कर सकती सलमान.

सलमान: अब आप फिर से ड्रामा मत करना. मैंने पहले ही कहा है की आज मेरा लंड आपको ही झाड़ना है. बिना मेरा पानी निकाले तो मैं आपको छोडूंगा नहीं.

इतना कहकर सलमान अपनी ऊँगली दिव्या की नाभि में फिराने लगता है.

दिव्या: ओह सलमान मेरी बात समझो. मैं एक शादीशुदा औरत हूँ. किसी गैर मर्द के साथ सेक्स नहीं कर सकती.

सलमान: अच्छा ठीक है तो एक काम करों न आप. हाथ से ही हिला दो न मैडम.

 



दिव्या को और कोई चारा नज़र नहीं आता तो वो सलमान का हलब्बी लंड अपने हाथ में ले लेती है लेकिन ठीक से हिला नहीं पाती क्योंकि उसने कभी इतना बड़ा लंड हाथ में लिया ही नहीं था और न ही कभी राजेश का लंड अपने हाथों से हिलाया था. सलमान का लंड हाथ में लेते ही दिव्या के बदन में एक करंट सा दौड़ जाता है और दिव्या के लंड पकड़ते ही सलमान दिव्या के मम्मे दबाने लगता है.

सलमान: ठीक से हिलाओ न मैडम. मुट्ठी थोड़ी कस लो और तेज़ी से आगे पीछे करो.

दिव्या: कर तो रही हूँ और कैसे करूं.

सलमान: तेरी शर्म उतारनी ही पड़ेगी वरना तू ऐसे ही करेगी.

सलमान दिव्या को वापस बिस्तर पर पटक देता है और उसके ब्लाउज के हुक तोड़ कर उसकी ब्रा नीचे खींच कर उसकी चून्चियो को नंगा कर देता है. दिव्या के 38 साइज़ के मम्मे सलमान के हाथों में आ जाते है और सलमान उनको बेदर्दी से मसलने लगता है. दिव्या दर्द और मस्ती से तड़पने लगती है.


सलमान: जानेमन क्या मजेदार थन है तेरे. आज इनका रस निचोड़ डालूँगा.

दिव्या मस्ती में आँखे बंद कर लेती है और सलमान उसके ऊपर आ जाता है. दिव्या को महसूस होता है की सलमान उसके ऊपर आ रहा है तो वो उसके रोकने की कोशिश करती है लेकिन तब तक देर हो चुकी थी और सलमान दिव्या के जिस्म पर कब्ज़ा कर चुका था. दिव्या को अपने होठों पर सलमान की गर्म साँसे महसूस हो रही थी. वो मदहोशी में अपने होठ सलमान के लिए खोल देती है. सलमान दिव्या की जीभ को अपने मुंह में लेकर चूसने लगता है. उसका कड़क लंड लगातार दिव्या की जांघो पर ठोकर मार रहा है.


सलमान धीरे से हाथ दिव्या के पीछे ले जाकर उसकी ब्रा का हुक खोल देता है. दिव्या समझ जाती है की अब सलमान क्या करेगा तो वो सलमान से चिपक जाती है ताकि वो उसको ऊपर से पूरी तरह नंगा न कर सके. सलमान वापस दिव्या को नीचे लिटा देता है और धीरे से उसके ब्लाउज और ब्रा को निकाल कर बेड के नीचे फेंक देता है लेकिन अभी दिव्या की चूत और उसके हलब्बी लंड के बीच दिव्या का पेटीकोट है.

दिव्या: सलमान प्लीज अब और कुछ मत करो.

सलमान: आज मैं तुम्हारी एक नहीं सुनूंगा मैडम और तुम्हारी प्यास बुझा कर रहूँगा.

दिव्या: नहीं सलमान मैं अपने पति को धोखा नहीं दे सकती.

सलमान दिव्या के दोनों मम्मे अपने हाथों में ले लेता है और उसके निप्पल पर जीभ फेरने लगता है.

दिव्या: ओह्ह्ह्ह साल्ल्ल्लमाआन्नन्न उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ मतत्त्तत्त करररररऊऊऊऊ

सलमान दिव्या के निप्पल काटने लगता है. दिव्या तड़पने लगती है. सलमान को लगता है की यही समय है दिव्या को पूरा नंगा करने का. सलमान दिव्या के निप्पल चूसते हुए एक हाथ उसके पेटीकोट में डाल देता है. जैसे ही सलमान का हाथ दिव्या की चूत पर पहुँचता है दिव्या मचल जाती है. सलमान अपनी दो उंगलिया दिव्या की चूत में डाल देता है. दोनों उंगलिया पूरी तरह से दिव्या के रस में भीग जाती हैं.

दिव्या: अह्हह्ह सललल्लमाआआननन्न प्लीजजज्ज

सलमान: हाँ मेरी जान बोल. मजा आ रहा है न. तूने अपनी चूत करवाचौथ के लिए चिकनी है. है न.

दिव्या: उम्म्मम्म आःह्ह्ह.

सलमान: आज के बाद हमेशा तेरी चूत ऐसे ही चिकनी रहनी चाहिए. समझी जानेमन.