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वो मन से सलमान के लंड का ख्याल निकाल कर राजेश का लंड हिलाना शुरू करती है. राजेश को लगता है की वो ऐसे ही झड जायेगा तो वो दिव्या को अपने नीचे ले आता है और उसके बदन को चूमते हुए नीचे जाने लगता है.

 

 



दिव्या अपनी टाँगे इस आस में फैला देती है की आज शायद राजेश उसकी चूत चाट लेगा. वो अपने हाथ राजेश के बाल में डाल कर उसे अपनी चूत की तरफ धकेलती है लेकिन राजेश उसकी नाभि चूम कर वापस उपर बढ़ने लगता है. दिव्या राजेश से खुल कर अपनी चूत चाटने को नही कह पाती.

 

 



राजेश दिव्या की गर्दन पर किस करता हुआ अपना हाथ दिव्या की साड़ी में डाल कर उसकी चूत सहलाने लगता है. दिव्या सिसकिया भरने लगती है. राजेश दिव्या का पेटीकोट ऊपर करके अपना लंड दिव्या की चूत में डाल देता है.

आज दिव्या को सलमान और राजेश के लंड के बीच का अंतर अच्छी तरह समझ आ जाता है. सलमान का लंड दिव्या की चूत की जिन गहराईयों में उतर जाता था राजेश का उन जगहों को छू भी नहीं पाता. दिव्या अपने मन में चल रही इस तुलना को रोकने की बहुत कोशिश करती है लेकिन वो नाकाम रहती है. उसे बार बार लगता है की जो मजा सलमान देता है वो राजेश के साथ नहीं आ रहा.

अचानक राजेश बहुत तेज़ झटके मारने लगता है और अपना लंड जड़ तक दिव्या की चूत में डालने की कोशिश करता है. दिव्या को अब थोडा मजा आना शुरू होता है लेकिन तभी राजेश अपना रस दिव्या की चूत में छोड़ देता है.

 

 



राजेश रुक जाता है तो दिव्या अपने चूतड़ उठा कर लंड अन्दर बाहर करने की कोशिश करती है लेकिन तब तक राजेश का लंड ढीला पड़ जाता है. राजेश दिव्या के ऊपर से हट कर उसके बगल में लेट जाता है.
 

राजेश: वाह जान आज तो तुम्हे क्या हो गया था. मजा आ गया. तुम्हे मजा आया न?

दिव्या: हाँ बहुत अच्छा था राजेश.

दिव्या राजेश को ये एहसास नहीं दिलाना चाहती की वो दिव्या को संतुष्ट करने में असमर्थ है.

राजेश: मैं कितना खुशनसीब हूँ की मुझे तुम जैसी हॉट बीवी मिली है.

दिव्या: मैं भी तो कितनी लकी हूँ जो तुम जैसा लविंग हस्बैंड मिला. आई लव यू.

राजेश दिव्या के माथे पर किस करके सो जाता है.

 

 



दिव्या बाथरूम में जाकर ऊँगली करके अपने को संतुष्ट करती है और वो भी वापस आकर सो जाती है.

अगले दिन दिव्या के स्कूल जाने के बाद राजेश नीचे गार्डन में धूप खाने चला जाता है. वहां उसे फिर से कर्नल लाला मिल जाता है.

लाला: गुड मोर्निंग यंग मैन!

राजेश: मोर्निंग कर्नल साहब.

लाला: तो आज शाम को आ रहे हो न.

राजेश: अरे सर आप खामखाँ परेशान हो रहे है.

लाला: इसमें परेशानी कैसी. अरे इतना स्वीट कपल मेरे पड़ोस में रहने आया है तो मेरा फ़र्ज़ है की मैं उन्हें होस्ट करूं. बस अब और कुछ नहीं सुनना. तुम दिव्या को लेकर सात बजे मेरे घर आ जाना.

राजेश: सर आप अकेले रहते है. हम लोगो के लिए आपको...

लाला: बस बस. अरे अकेले हैं तभी तो तुम्हारे आने से हमको अच्छा लगेगा. हाँ अगर तुमको लगता है की मैं तुम लोगों के
साथ उठने बैठने के लायक नहीं हूँ तो अलग बात है.

राजेश: अरे कैसी बात कर रहे है आप कर्नल साब. अब तो आज का डिनर मैं आपके यहाँ ही करूंगा.

लाला: सिर्फ तुम नहीं राजेश. वाइफ को साथ लाना मत भूलना.

राजेश: बिलकुल सर दिव्या भी आयेगी.

कर्नल मन ही मन खुश होकर वहां से निकल जाता है. उधर स्कूल में दिव्या का दिन तो नार्मल है लेकिन मदन के दिल पर सांप लोट रहे है. दिव्या के थप्पड़ ने उसकी हवस की आग को और भड़का दिया है. उसको और कुछ नहीं समझ आता तो वो सलमान को अपने ऑफिस में बुलाता है.

सलमान: सर आपने बुलाया था.

मदन: आजकल तुम्हारी बहुत शिकायत आ रही है. लगता है तुम्हारी जगह किसी और को रखना पड़ेगा.

सलमान: सर मैंने ऐसा क्या कर दिया. मैं तो आपका गुलाम हूँ.

मदन: हाँ ऐसा गुलाम कभी भी मालिक की पीठ में खंजर भोंक सकता है. तू जानता है की मैं दिव्या के पीछे कैसे पागल हूँ. उसकी लेने के लिए तड़प रहा हूँ और तू उसे चोद चुका है और मुझे बताया तक नहीं.

सलमान समझ जाता है की ये रश्मि की करतूत है. पर वो भी कच्चा खिलाडी नहीं था.

सलमान: सर अभी मछली ने चारा नहीं गटका है. वो मेरे जाल में फंस तो गयी है लेकिन आप तो जानते है की मैं जब तक उसको पूरी तरह आईने में न उतार लूं आपके पास नहीं भेज सकता. अगर बिदक गयी तो आप मुसीबत में आ जायेंगे. आप यकीन कीजिये की जैसे बाकी टीचर्स को आपके नीचे लाया हूँ दिव्या भी जल्द ही आपके नीचे होगी.

मदन थोडा संतुष्ट होता है. उसे पता है की थप्पड़ उसकी जल्दबाजी का नतीजा था.

मदन: ठीक है लेकिन मैं तुमको ज्यादा टाइम नहीं दे सकता. मुझे दिव्या जल्द से जल्द चाहिए.

सलमान: मैं पूरी कोशिश करूंगा की आपका काम जल्द से जल्द ही हो जाए लेकिन मेरी एक दरख्वास्त है.

मदन: क्या?

सलमान: सर आजकल रश्मि मैडम के नखरे बहुत बढ़ गए है और आपकी वजह से मैं उसे कुछ कह नहीं पाता. उसकी वजह से दिव्या एक दिन मेरे हाथ से निकल गयी वरना आज आप उसकी ले रहे होते. मैं रश्मि को उसकी असली जगह दिखाना चाहता हूँ.

मदन: बस. अभी ही रश्मि को तुम्हारे रूम में भेज दूंगा. अपनी हसरतें पूरी कर लेना लेकिन याद रखो की दिव्या मुझे इसी महीने में चाहिए.

सलमान: हो जायेगा सर. आप बेफिक्र रहिये.

ये कह कर सलमान वहां से चला जाता है और रश्मि के रूम में आने का इंतज़ार करने लगता है. उधर दिव्या क्लास के बाद स्टाफ रूम में बैठी है की मनीष वहां पहुँच जाता है. मनीष को देख कर दिव्या को याद आता है की कैसे उसने मनीष को अपनी नंगी चून्चियो के दर्शन ऑनलाइन करवाए थे. वो थोडा असहज हो जाती है. दिव्या अपने हाव भाव को कण्ट्रोल में रखने की कोशिश करती है. स्टाफ रूम में एक टीचर और भी होती है लेकिन वो दिव्या से दूर बैठी थी.

इसी का फायदा उठा कर मनीष एक किताब लेकर दिव्या के पास जाता है.

मनीष: सॉरी टू डिस्टर्ब यू मैम लेकिन मुझे एक चीज समझ नहीं आ रही है. अगर आप हेल्प कर दें तो...

दिव्या: ह्म्म्म कोई बात नहीं, बताओ कहाँ प्रॉब्लम है मनीष?

मनीष दिव्या के साथ वाली कुर्सी पर बैठ जाता है.

मनीष: ये वाला क्वेश्चन देखिये मैम.

मनीष किताब हाथ में पकड़ कर दिव्या की गोद में रख देता है जिससे मनीष का हाथ दिव्या की जांघ और किताब के बीच में रहता है. दिव्या दूसरी टीचर के सामने कुछ कह नहीं पाती और क्वेश्चन देखने लगती है. वो क्वेश्चन रेप्रोडकशन के बारे में था. दिव्या मनीष की बदमाशी देख कर हैरान हो जाती है तभी मनीष धीरे से अपना हाथ पलट कर दिव्या की जांघ पर रगड़ने लगता है. दिव्या अचानक से गर्म हो जाती है.

मनीष (धीरे से दिव्या के कान में): मैम मुझे समझ नहीं आ रहा की कैसे मैं आपका शुक्रिया अदा करूं.

दिव्या: किसलिए?

मनीष: आपने अपने बूब्स जो मुझे दिखाए थे.

दिव्या: मनीष ये बात यहाँ मत करो. फिलहाल तुम जाओ.

मनीष: मैम मैं खड़ा नहीं हो सकता.

दिव्या की नज़र मनीष की पेंट की तरफ जाती है. मनीष के पेंट में टेंट बना है. दिव्या के माथे पर पसीना आ जाता है.

मनीष दिव्या का हाथ पकड़ कर उसे अपने लंड पर रखने की कोशिश करता है लेकिन दिव्या हाथ छुड़ा लेती है. उसे पता है की लास्ट पीरियड चल रहा है और अभी कुछ ही देर में और टीचर्स भी वहां आ जायेंगे. वो मनीष की बुक पर लिखती है की अगर तुम मुझे कुछ समझते हो तो कैसे भी करके फ़ौरन यहाँ से जाओ.

मनीष को लगता है की दिव्या का विश्वास जीतने का ये अच्छा मौका है. दिव्या को अपने नीचे लाने के लिए उसका विश्वास जीतना जरूरी था. वो बुक से अपने खड़े लंड को ढक कर वहां से बाहर निकल जाता है.

छुट्टी होने पर मदन रश्मि को अपने ऑफिस बुलाता है.

 

 



रश्मि: आपने बुलाया सर?

मदन: हाँ आज तुम्हे मेरा काम करना है.

रश्मि: मैं तो हमेशा आपकी सेवा में हाजिर हूँ.

मदन: लेकिन आज तुम्हे सलमान की सेवा करनी है.

रश्मि: लेकिन सर जब से मैं आपसे मिली हूँ मैंने उसे कभी हाथ भी नहीं लगाने दिया है.

मदन: मैं जानता हूँ जानेमन की तुम स्कूल के कितने स्टूडेंट्स और टीचर्स से चुद रही हो तो ये नाटक मत करो क्योंकि मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं है की तुम किस किससे चुदवाती हो बस तुम मेरी बात मानो. अगर जरूरी न होता तो मैं तुमसे नहीं कहता. बहस मत करो और फ़ौरन चली जाओ.

रश्मि उदास हो जाती है लेकिन मदन की बात ताल नहीं सकती तो वो मुंह लटका कर सलमान के रूम की तरफ़ चल देती है. सलमान तो इसी घडी का इंतज़ार कर रहा था. रश्मि जैसे ही रूम के डोर पर आती है सलमान उसे अन्दर खींच लेता है.

सलमान: आने में शर्मा क्यों रही हो जान. पहली बार तो नहीं आई हो मेरे रूम में

सलमान रश्मि को अपनी बाँहों में लेकर दीवार से सटा देता है और उसे किस करने की कोशिश करता है लेकिन रश्मि अपना मुंह घुमा लेती है.

सलमान: तू जितने नखरे करेगी मुझे उतना ही मजा आयेगा.

सलमान रश्मि की ड्रेस को ऊपर कर अपना लंड उसकी चूत पर लगा देता है लेकिन रश्मि का मन न होने की वजह से उसकी चूत एकदम सूखी थी. सलमान को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता और वो ऐसे ही अपना लंड रश्मि की चूत में ठूंस कर झटके मारने लगता है.

 

 



सूखा लंड लेने से रश्मि को लगता है की जैसे उसकी चूत अन्दर से छिल गयी है लेकिन जल्द ही वो न चाहते हुए भी गरम हो जाती है और उसकी चूत गीली हो जाती है. अब लंड आराम से अन्दर बाहर होने लगता है लेकिन सलमान ने तो रश्मि को बदला लेने के लिए बुलाया था. जैसे ही उसे लगता है की रश्मि गरम हो गयी तो वो चुदाई रोक देता है. रश्मि सलमान को देखने लगती है की वो रुका क्यों.

सलमान: देख क्या रही है साली, बहुत दिन से नाटक कर रही थी न.

रश्मि: अगर बस की नहीं थी तो मुझे बुलाया क्यों?

सलमान: तुझे सबक सिखाने के लिए.

रश्मि: कैसा सबक?

सलमान: तूने मदन को मेरे और दिव्या के बारे में बोला है न.

रश्मि: सामने तो सर सर करता है और यहाँ मदन बोल रहा है.

सलमान: जो पुछा है वो बोल कुतिया. मैं तेरे मुंह से सुनना चाहता हूं.

रश्मि: हाँ बोला है तो क्या हुआ? वो साली मुझे उल्टा सीधा बोल रही थी.

सलमान: तेरी वजह से मुझे दिव्या को प्रिंसिपल से चुदवाना पड़ेगा जबकि अभी मैंने मन भर के दिव्या को नहीं चोदा है. इसी का सबक मैं तुझे सिखाऊंगा.

ये बोल कर सलमान रश्मि को नंगा करके बेड पर उल्टा डाल देता है और अपना लंड उसकी गांड के छेद पर लगा देता है. रश्मि को फ़ौरन समझ में आ जाता है की सलमान क्या करने वाला है पर जब तक वो सलमान को रोकती तब तक सलमान अपना लंड उसकी गांड में घुसेड देता है.

रश्मि की चीख निकल जाती है लेकिन यहाँ कोई सुनने वाला नहीं था. सलमान रश्मि की गांड बहुत तबियत से मारता है. बिना किसी लुब्रिकेंट के गांड मरवाने से रश्मि को बहुत दर्द होता है लेकिन सलमान उसको तब तक नहीं छोड़ता जब तक वो झड नहीं जाता.

 

 



झड़ने के बाद सलमान उठ कर खड़ा होता है और रश्मि बेड पर ढेर हो जाती है.

सलमान: आज के बाद याद रखना की यही तेरी औकात है और कभी अपनी हद पार करने की कोशिश मत करना.

रश्मि अपनी आँखों से आंसू पोछती है और खड़ी होकर अपने कपडे पहन कर रूम से निकल जाती है.

 

वही दूसरी तरफ दिव्या घर पहुचती है तो देखती है की राजेश उसका वेट कर रहा है.

दिव्या: आज डिनर के लिए कहीं बाहर चलें?

राजेश: जान तुम भूल गयी क्या? कर्नल लाला ने हमें आज डिनर पर बुलाया था.

दिव्या: हाँ ध्यान से उतर गया. क्या पहनूं बताओ.

राजेश: कुछ भी पहन लो जान. तुम तो इंडियन वेस्टर्न सबमें अच्छी लगती हो और न पहनो तो और भी अच्छी लगती हो.

दिव्या: तुम भी न. चलो साड़ी ही पहन लूंगी.

राजेश: अच्छा सुनो न. मैं एक नाईटी लाया हूँ. एक बार वो भी पहन कर दिखाओ न.

राजेश दिव्या को पैकेट देता है. दिव्या खोल कर देखती है. नाईटी काफी सेक्सी और एकदम ट्रांसपेरेंट थी.

दिव्या: ये क्या ले आये, मैं ऐसे कपडे कब पहनती हूँ?

राजेश: तो अब पहन लो न. कल मुझको वापस जाना है तो एक बार पहन कर दिखा दो न.

दिव्या: ओफ्फो कल क्यों जाना है?

राजेश: फोन आ गया है यार. कुछ दिन के लिए जाना होगा लेकिन जल्दी ही आ जाऊंगा. अब तो पहन लो.

दिव्या: अरे यार. चलो अभी नहीं रात में डिनर के बाद पहन लूंगी. ओके .

राजेश: ओके जान.

दिव्या थोडा आराम करके डिनर के लिए तैयार होने लगती है. हालाँकि वो एक ड्रेस पहनती है फिर भी वो काफी हॉट लग रही थी.

 

 



राजेश: किस पर बिजली गिराने का इरादा है मेरी जान.

दिव्या: तुम पर और किस पर?

राजेश: हम तो पहले दिन ही मर मिटे थे लेकिन तुम तो दिन पर दिन और खूबसूरत होती जा रही हो दिव्या.

दिव्या: बस बस ज्यादा मक्खनबाजी नहीं. जल्दी चलो तो जल्दी फ्री हो जायेंगे.

राजेश: हाँ हाँ चलो.

 

दिव्या और राजेश कर्नल के फ्लैट पर पहुँच कर बेल बजाते हैं. कर्नल दरवाजा खोलता है तो दिव्या को देख कर दंग रह जाता है. उसने आज तक कभी दिव्या को इतने करीब से नहीं देखा था. दिव्या का गदराया बदन देख कर उसका मन करता है की उसे वहीँ दबोच ले. दिव्या की ड्रेस में उसके मम्मों के उभार और मादक लग रहे थे.

कर्नल लाला राजेश की तरफ हाथ बढ़ा कर हैंडशेक करता है और अन्दर आने को कहता है. राजेश के अन्दर आते ही वो दिव्या की तरफ भी हाथ बढ़ा देता है. दिव्या भी कर्नल से हाथ मिलाती है. कर्नल दिव्या के मुलायम हाथ को थोड़ी देर पकडे रहता है.

लाला: यू हेव सच ए ब्यूटीफुल वाइफ मिस्टर राजेश. आई होप यू डोन्ट माइंड इट.

राजेश: अरे बिलकुल नहीं सर. मैं तो जानता ही हूँ.

दिव्या को कर्नल की तारीफ अच्छी लगती है. वो कर्नल से इम्प्रेस भी होती है की इस उम्र में भी वो काफी फिट है. अन्दर आ कर दोनों बैठ जाते हैं तो कर्नल उनसे डिंक्स के लिए पूछता है.

लाला: तो बताइए क्या लेंगे. चाय कॉफ़ी या फिर कुछ और...

राजेश: मैं तो कॉफ़ी ले लूँगा.

कर्नल आवाज लगाता है: रेणुका दो कप कॉफ़ी ले आओ. गेस्ट आ गए है.

कुछ ही देर में एक तीस साल ही महिला हाथ में कॉफ़ी लिए आती है जिसे देख कर राजेश और दिव्या थोडा चौंक जाते हैं और सोचते हैं की ये कौन औरत है और इसकी उम्र तो कर्नल से काफी कम है.

 

 



रेणुका कॉफ़ी देकर अन्दर चली जाती है तो राजेश कर्नल से कहता है.

राजेश: अरे सर हमें पता नहीं था की आपकी पत्नी भी यहाँ रहती हैं.

लाला: अरे नहीं राजेश. शी इज नॉट माय वाइफ. मेरी पत्नी का तो देहांत हुए काफी समय हो गया. नाउ आई ऍम अलोन इन दिस वर्ल्ड.

दिव्या: ओह सॉरी अंकल.

लाला: तुम क्यों सॉरी होती हो दिव्या. मेरी वाइफ को कैंसर था जिसकी वजह से वो चल बसी. अब होनी को कौन टाल सकता है.

दिव्या को ये सुनकर काफी दुःख होता है.

राजेश: फिर ये आपकी बेटी है क्या?

कर्नल: हा हा हा. नहीं नहीं. ये रेणुका है. फर्स्ट फ्लोर पर रहती है. इसका पति इससे झगड़ कर न जाने कहाँ चला तो ये बेसहारा हो गयी है. भले घर की है तो मैंने इसको बोला की ये मेरी थोड़ी हेल्प कर दे तो इसका खर्च भी निकल जायेगा और मुझे भी थोडा आराम हो जायेगा. बहुत भली लड़की है. मैं तो ऊपर वाले से यही मनाता हूँ की इसका हस्बैंड जल्दी वापस आ जाये. अरे कॉफ़ी पीओ. ठंडी हो रही है.

कर्नल दिव्या को कॉफ़ी पीते देख कर उसके होठों को देखता रहता है. वहीँ राजेश किचेन की तरफ देखता है तो उसे रेणुका की पीठ नजर आती है.

 

 



राजेश सोचता है की आखिर क्यों इसका पति इसको छोड़ कर चला गया. वो रेणुका की पीठ को घूरता रहता है. कर्नल की नजरो से ये छिपा नहीं रहता.

लाला: कॉफ़ी कैसी बनी है राजेश.

राजेश: बहुत अच्छी बनी है.

अचानक राजेश की नजर सामने बने बार पर जाती है.

राजेश: लगता है आपको ड्रिंक्स का काफी शौक है सर.

लाला: हाँ शौक तो है लेकिन कोई अच्छा पार्टनर नहीं मिलता. वैसे तुम भी तो पीते हो न.

राजेश: जी कभी कभार.

दिव्या: इनसे मत पूछिए अंकल. इनसे पी नहीं जाती इसीलिए मैंने शादी के बाद इनको पीने से मना किया हुआ है.

लाला: हा हा हा. सो यू कण्ट्रोल हिम दिव्या.

दिव्या: नहीं अंकल ऐसा तो नहीं है बस ये पीने के बाद बहक जाते है इसीलिए मना करती हूँ.

लाला: एक दो पेग में तो कोई दिक्कत नहीं है न. अब इसके लिए मना मत करना.

दिव्या: नहीं नहीं लेकिन एक पेग से ज्यादा नहीं वरना आप ही इनको संभालना.

दिव्या कर्नल के सामने ज्यादा कुछ कह नहीं पाती. उसको लगता है की राजेश खुद ही मना करेगा लेकिन राजेश का ध्यान तो रेणुका से हट ही नही रहा था.

लाला: रेणुका खाना लगा दो.

कर्नल सिगरेट लेकर बालकनी में जाने लगता है.

लाला: माफ़ कीजिये मुझे खाने से पहले स्मोकिंग की बुरी आदत है. आई होप यू डोन्ट माइंड.

राजेश: नो प्रोब्लेम सर.

रेणुका खाना लगा कर वापस किचन में जाने लगती है तो दिव्या उसे कहती है की आप भी हमारे साथ बैठो.

रेणुका: नहीं मुझे अभी बिलकुल भूख नहीं लगी. आप लोग खाइए प्लीज.

रेणुका किचन में चली जाती है और कर्नल भी वापस आ जाता है. राजेश और दिव्या डाइनिंग टेबल पर आमने सामने बैठते हैं और कर्नल राजेश के बगल में बैठ जाता है. राजेश को सामने किचन में रेणुका अभी भी दिखाई दे रही थी तो वो उसे ही देखने लगता है.

लाला: खाना कैसा बना है दिव्या?

दिव्या: बहुत अच्छा अंकल.

लाला: अच्छा ये खा कर देखो. ये मैंने बनाया है.

दिव्या: वाओ. ये तो बहुत टेस्टी है. अंकल आपको मुझे इसकी रेसिपी सिखानी पड़ेगी.

लाला: क्यों नहीं. मैं और लेकर आता हूँ.

 

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कर्नल किचन में जाता है और डिश लेने के पहले रेणुका के बूब्स टच करता है. राजेश को कर्नल का इस तरह रेणुका को छूना अजीब लगता है और रेणुका कर्नल को मना भी नहीं कर रही थी.

कर्नल कुछ ही देर में डिश लेकर वापस आ जाता है.वो डिश दिव्या को सर्व करते हुए दिव्या के ब्लाउज में झाँकने की कोशिश करता है. बैठे होने की वजह से दिव्या के बूब्स और भी ज्यादा उभर कर आ रहे थे.

किसी तरह कर्नल खुद पर काबू पाता है क्योंकि उसे पता है की जल्दबाजी से काम बिगड़ सकता है.

लाला: रेणुका जरा एक वाइन की बोतल और तीन गिलास ले आना.

राजेश: अरे अंकल रहने दीजिये. फिर कभी.

लाला: अरे ये तो वाइन है भाई या दिव्या के डर से मना कर रहे हो.

दिव्या का मन तो नहीं था की राजेश पिए लेकिन अब वो कुछ कहती तो राजेश की इन्सल्ट करने वाली बात हो जाती.
कर्नल तब तक तीनो गिलास में वाइन डाल देता है और दो गिलास राजेश और दिव्या के सामने रख देता है.

दिव्या: नहीं नहीं अंकल मैंने तो कभी नहीं पी. आप इन्ही को पिलाइए.

लाला: अरे ये शराब नहीं है दिव्या वाइन है. एक बार पी कर तो देखो.

दिव्या: नहीं अंकल. मुझे तो माफ़ ही कीजिये.

लाला: ठीक है. राजेश तुम तो लो.

राजेश वाइन का गिलास उठा लेता है. तीनो लोग खाने लगते है और कर्नल और राजेश साथ में वाइन का लुत्फ़ भी लेते है. डिनर ख़तम होने के बाद दिव्या राजेश की तरफ इशारा करती है तो कर्नल पूछ लेता है.

लाला: क्या हुआ. अगर अकेले में बात करनी है तो मैं बाहर जाऊं.

दिव्या: नहीं नहीं वो दरअसल अंकल वो वाशरूम किधर है.

लाला: आओ मैं दिखाता हूँ.

कर्नल दिव्या को अपने बेडरूम वाले वाशरूम में ले जाता है. उसके बेडरूम में बहुत हॉट और सेक्सी पेंटिंग्स लगी हैं जिन्हें देख कर दिव्या शर्मा जाती है.

कर्नल दिव्या को वाशरूम दिखा देता है. दिव्या अन्दर जाकर डोर लॉक करने की कोशिश करती है लेकिन डोर लॉक नहीं होता.

दिव्या: अंकल ये डोर लॉक नहीं हो रहा.

लाला: हाँ ये लॉक थोडा फंसता है. ताकत लगा कर बंद होता है. कहो तो मैं अन्दर आकर बंद कर दूं. हा हा हा.

दिव्या को ये मजाक बिलकुल पसंद नहीं आता. वो चुप हो जाती है.

लाला: अरे तुम वाशरूम यूज़ कर लो. मैं यहीं खड़ा हूँ. डोन्ट वरी.

दिव्या को अजीब तो लगता है पर उसे काफी तेज़ बाथरूम लगी थी. वो जल्दी से टॉयलेट सीट पर बैठ जाती है. कर्नल दरवाजे की झिरी में से अन्दर शीशे में दिव्या को देखता है जिसका दिव्या को पता नहीं था. वैसे कर्नल को ज्यादा कुछ नहीं दिखता लेकिन दिव्या को साड़ी उठा कर कामोड पर बैठता देख उसका लंड खड़ा हो जाता है.

दिव्या जब बाहर आती है तो कर्नल उसे दो मिनट इंतज़ार करने को कहता है और खुद वाशरूम में चला जाता है. कर्नल वाशरूम का दरवाजा खुला छोड़ देता है. अचानक दिव्या की नज़र सामने शीशे पर पड़ती है जिसमे कर्नल के लंड का साइड व्यू साफ़ दिख रहा है.

 

 



अचानक कर्नल बिना लंड पेंट के अन्दर डाले घूम जाता है और दिव्या को उसका पूरा लंड साफ़ दिख रहा है. कर्नल आराम से लंड को पेंट के अन्दर डालता है. दिव्या की नजर कर्नल के लंड से हटती ही नहीं है और वो सोचती है की मनीष, सलमान और अब ये कर्नल सबका लंड इतना बड़ा है तो राजेश का ही इतना छोटा क्यों है.