उधर कर्नल ऐसे दिखाता है जैसे कुछ हुआ ही न हो और कर्नल को आता देख दिव्या दूसरी तरफ मुंह करके खड़ी हो जाती है.
लाला: चले दिव्या.
दिव्या: जी अंकल चलिए.
दिव्या और कर्नल वापस ड्राइंग रूम में आ जाते है. इतने में रेणुका कर्नल से आकर पूछती है.
रेणुका: कर्नल साब अब मैं जाऊं.
लाला: हाँ हाँ तुम जाओ. अब कुछ हुआ तो मैं देख लूँगा.
रेणुका के जाते ही दिव्या भी कर्नल से इजाजत मांगती है.
दिव्या: अंकल अब हम भी निकलें?
लाला: अरे इतनी जल्दी.
दिव्या: जल्दी कहाँ. काफी टाइम हो गया है और सुबह जल्दी भी उठना है.
लाला: तो एक काम करो राजेश को थोड़ी देर मेरे साथ रहने दो. देखो ये वाइन की बोतल खोली है तो इसे ख़तम भी करना है. आई होप यू डोन्ट माइंड.
दिव्या को राजेश के ऊपर बहुत गुस्सा आता है की वो खुद कुछ बोल ही नहीं रहा.
दिव्या: नहीं अंकल मुझे तो कोई प्रॉब्लम नहीं है लेकिन कहीं आपको प्रॉब्लम न हो क्योंकि इनकी ज्यादा पीने की आदत नहीं है.
लाला: वो तुम मुझ पर छोड़ दो.
दिव्या राजेश को इशारे में जल्दी आने को बोल कर निकल जाती है. कर्नल वाइन वापस रख कर स्कॉच की बोतल निकाल लाता है.
राजेश: अरे कर्नल साब ये क्या?
लाला: यार वाइन तो औरतें पीती है. मर्द तो स्कॉच पीते है. हो जाए दो दो पेग.
राजेश: सर मैं पहले ही दो गिलास वाइन पी चुका हूँ. कहीं कॉकटेल में गड़बड़ न हो जाए.
लाला: अरे कुछ नहीं होता यार. ये लो.
कर्नल दो पेग बनाता है और लार्ग पेग राजेश की तरफ बढ़ा देता है. राजेश भी चियर्स बोल कर पेग पी जाता है. दो पेग ख़तम होते ही राजेश को अच्छा नशा हो जाता है और वो कर्नल से घर जाने को कहता है.
लाला: ओह्ह राजेश यार तुम तो बीवी से काफी डरते हो. अभी तो पीना शुरू ही किया है. थोड़ी देर तो बैठो.
राजेश: डरने की बात नहीं है लेकिन कल मुझे जाना है तो पैकिंग वगेरह करनी है.
इसी बीच कर्नल एक पटियाला पेग बना कर राजेश को दे देता है.
लाला: पैकिंग करनी है या वाइफ के साथ रोमांस करना है. हा हा हा.
राजेश झेंप जाता है और पेग पीने लगता है. कर्नल एक सिगरेट जला कर राजेश की तरफ बढ़ा देता है. राजेश भी मना नहीं करता और सिगरेट के साथ शराब का लुत्फ़ उठाने लगता है. थोड़ी देर बाद राजेश को भी बाथरूम जाने की जरूरत महसूस होती है.
राजेश: कर्नल साब लगता है मुझे भी वाशरूम जाना पड़ेगा.
लाला: चलो. आई विल शो यू.
राजेश उठते हुए थोडा लड़खड़ा जाता है और कर्नल के पीछे चल देता है. कर्नल समझ जाता है की राजेश को चढ़ गयी है हालाँकि कर्नल एकदम नार्मल था.
कर्नल राजेश को वाशरूम दिखा कर बाहर आ जाता है और राजेश लौट कर देखता है की उसका गिलास फिर से भरा हुआ है.
राजेश: अरे सर आपने फिर से मेरा पेग बना दिया.
लाला: बहुत दिन बाद कंपनी मिली है और तुम्हारे साथ बैठ कर लगता है की किसी पुराने दोस्त के साथ बैठा हूँ.
राजेश: हाँ ये तो है और आप भी बूढ़े लोगों जैसी बाते नहीं करते.
लाला: यार इतनी भी उम्र नहीं है मेरी की तुम बूढा कहो. हा हा हा.
राजेश का नशा अब काफी बढ़ चुका था. लेकिन वो पिए जा रहा था.
राजेश: आप अपनी वाइफ को काफी मिस करते हैं न.
लाला: हाँ बहुत ज्यादा. तुम दोनों को देख कर मुझे अपने दिन याद आ गए राजेश. मेरी वाइफ भी दिव्या की तरह बहुत सेक्सी थी. तुम बहुत लकी हो जो दिव्या जैसी वाइफ मिली लेकिन तुम ज्यादा बाहर मत रहा करो. सुन्दर बीवियां समय मांगती है. हा हा हा...
राजेश: ये सच है की मेरी जॉब की वजह से मुझे काफी बाहर रहना पड़ता है लेकिन दिव्या मुझे बहुत प्यार करती है. वैसे अजीब बात है. अभी जो लोग इस रूम में थे वो सब किसी न किसी वजह से अपने पार्टनर से दूर है. मैं और दिव्या मेरी जॉब की वजह से, आप की वाइफ नहीं रही और रेणुका का पति उसको छोड़ कर चला गया.
लाला: वैसे तुम्हे रेणुका की काफी फ़िक्र है क्यों. लगता है तुम्हे पसंद आ गयी है.
राजेश: नहीं नहीं ऐसी बात नहीं है.
लाला: ओह कम्मोन यू कैन टेल मी. मैं कौन सा उससे कहने वाला हूँ.
राजेश: नहीं सर. उस वे में नहीं बोल रहा हूँ हालाँकि शी इस अ नाइस लेडी और मुझे लगता है की वो आपको काफी पसंद है.
लाला: अरे नहीं.
राजेश: झूठ मत बोलिए कर्नल साब. मैंने आपको किचन में रेणुका के बूब्स छूते देखा था.
लाला: अरे दरअसल हम दोनों ही अकेले हैं तो एक दुसरे के काम आ जाते है. जस्ट फ्रेंड्स विथ बेनिफिट और कुछ नहीं है.
राजेश: चलिए ये तो अच्छा है.
लाला: लेकिन वो तुमको भी काफी पसंद आ गयी है. तुम बार बार उसकी तरफ ही देख रहे थे और वो भी दिव्या जैसी सेक्सी वाइफ के होते हुए.
राजेश: वो काफी अट्रैक्टीव लग रही थी तो सोच रहा था की उसका हस्बैंड उसको क्यों छोड़ गया. बस और कुछ नहीं.
कर्नल बातों ही बातों में एक पेग और बना देता है और राजेश भी मना नहीं करता.
लाला: ये तो मुझे भी नहीं पता की क्यों छोड़ गया.
राजेश: आपके लिए तो अच्छा ही हुआ. आपके तो मजे हो गए. हा हा हा...
लाला: हा हा हा. ये तो है. शी इज अ बिच इन बेड. अगर वो तुम्हारे साथ सोये तो तुम्हे पता चलेगा की उसको हैंडल करना कितना मुश्किल है.
राजेश: नहीं कर्नल साब मैं तो दिव्या के साथ ही खुश हूँ और वो भी बेड में काफी एक्टिव रहती है.
लाला: अच्छा लेकिन दिव्या को देख कर तो ऐसा नहीं लगता. वो सेक्सी तो है लेकिन बिस्तर पर वो रेणुका का मुकाबला नहीं कर पायेगी.
राजेश: अरे सर मैं बता रहा हूँ न. कभी कभी तो मैं उसको मैच ही नहीं कर पाता. आप इमेजिन नहीं कर सकते की वो बेड में क्या क्या करती है.
लाला: तुम उसको मैच नहीं कर पाते मतलब?
राजेश: मतलब शायद उसको और ज्यादा सेक्स चाहिए होता है जो मैं दे नहीं पाता. शायद कभी कभी मुझे लगता है लेकिन उसने कभी कहा नहीं.
लाला: अरे घरेलु औरतें कुछ कहती नहीं है लेकिन तुमको ध्यान रखना चाहिए. कहीं वो बहक न जाए.
राजेश: कैसी बात करते है कर्नल साब. दिव्या इस लॉयल टू मी. शी इस नॉट अ व्होर लाइक रेणुका.
लाला: रेणुका भी कोई रंडी नहीं है लेकिन हर औरत के अन्दर एक रंडी होती है राजेश इसीलिए कहता हूँ की दिव्या के लिए एक डिलडो ले लो जिससे वो अपना अकेलापन दूर कर सके.
राजेश: कैसी बात करते है आप.
लाला: अरे मैं एक्सपीरियंस से कह रहा हूँ की दिव्या को अगर तुम ऐसा गिफ्ट दोगे तो वो बहुत खुश होगी. बीवियां कुछ कहती नहीं है लेकिन सेक्सी गिफ्ट्स उन्हें पसंद आते है.
राजेश: वो तो मैं देता रहता हूँ. आज ही एक बहुत सेक्सी नाईटी मैंने उसे गिफ्ट की है और वो वही पहन कर मेरा वेट कर रही होगी.
लाला: वाओ नाईटी मे तो दिव्या काफी हॉट लगती होगी.
राजेश: बिलकुल आखिर मेरी पसंद है. अब मुझे चलना चाहिए. काफी देर हो गयी है.
राजेश नशे में अपनी बीवी के बारे में कुछ ज्यादा ही खुलकर बोल रहा था जिससे कर्नल को बहुत मज़ा आ रहा था. उसने न चाहते हुए भी आखिर राजेश को जाने के लिए कह दिया लेकिन राजेश जैसे ही खड़ा हुआ लड़खड़ा कर वापस सोफे पर गिर गया और उसकी आँखे बंद होने लगी.
कर्नल को लगा की ये मौका है जब वो दिव्या को सेक्सी नाईटी में देख सकता है.
लाला: लगता है तुम्हे ज्यादा चढ़ गयी है. तुम यही सो जाओ. मैं जाकर दिव्या को बोल देता हूँ.
राजेश: नहीं कर्नल साब. मेरी जानू मेरा इंतज़ार कर रही होगी. मैं जाऊंगा.
लाला: ठीक है. मेरे साथ चलो. तुम्हे छोड़ आता हूँ.
कर्नल लाला राजेश को उठा कर उसका एक हाथ अपने कंधे पर रख लेता है और उसे चलने में हेल्प करता है. राजेश ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा था. कर्नल सोचता है की चलो इसको छोड़ने के बहाने ही दिव्या के सेक्सी अवतार का दीदार हो जायेगा.
कर्नल राजेश के फ्लैट की बेल बजाता है. दिव्या नाईटी पहन कर राजेश का इंतज़ार कर रही थी और गुस्सा हो रही थी की राजेश ने कितनी देर लगा दी है. दिव्या जल्दी से जाकर डोर खोल देती है.
कर्नल का मुंह खुला का खुला रह जाता है दिव्या को देख कर और दिव्या राजेश के साथ कर्नल को देख कर एकदम सकपका जाती है. उसे उम्मीद थी की राजेश अकेला होगा. वो फ़ौरन अन्दर जाने लगती है क्योंकि उसे कम कपड़ो में कर्नल के सामने आना अच्छा नहीं लगता लेकिन कर्नल उसे रोक देता है.
लाला: दिव्या प्लीज हेल्प मी. मैं अकेले राजेश को ज्यादा देर नहीं संभाल पाउँगा.
दिव्या को न चाहते हुए भी रुकना पड़ता है. दिव्या राजेश को दूसरी तरफ से सहारा देती है लेकिन वो शर्म से पानी पानी हुई जा रही है की वो इतने कम कपड़ो में किसी गैर मर्द के सामने खड़ी है. कर्नल मौके का फायदा उठाते हुए हाथ दिव्या के बूब के साइड में छुआ देता है. दिव्या के शरीर में एक करंट दौड़ जाता है.
दिव्या अपने बदन को बचाते हुए कर्नल के साथ राजेश को बेडरूम में ले जाती है और बेड पर लिटा देती है. लिटाते वक़्त दिव्या जैसे ही झुकती है उसकी नाईटी पीछे से और उठ जाती है और उसकी पेंटी कर्नल की आँखों के सामने आ जाती है. अब कर्नल से बर्दाश्त नहीं होता और वो दिव्या की गांड पर हल्के हाथ से मार देता है.
लाला: तुम्हे देख कर नहीं लगता दिव्या की तुम इतनी नॉटी ड्रेस भी पहन सकती हो.
दिव्या के माथे पर पसीना आ जाता है. उसको समझ ही नहीं आ रहा की वो ये आदमी क्या बोल रहा है और वो कैसे रियेक्ट करे. वो अपने बेडरूम में अधनंगी हालत में एक गैर मर्द के सामने खड़ी है और वो जा भी नहीं रहा. कर्नल दिव्या को परेशान देख कर माहौल हल्का करने के लिए कहता है.
लाला: ओह डोन्ट वरी दिव्या. मैं तो बस मजाक कर रहा था. मैं बहुत शर्मिंदा हूँ की मेरी वजह से तुम दोनों का आज का प्रोग्राम ख़राब हो गया. मुझे नहीं पता था की राजेश का स्टेमिना इतना कम है और वो ज्यादा देर टिक नहीं पाता.
दिव्या: आपको नहीं पता था लेकिन इनको तो पता था न. मैंने पहले ही कहा था की ये दो पेग भी झेल नहीं पाते.
लाला: सॉरी दिव्या. अच्छा मैं चलता हूँ. कभी भी किसी भी चीज की जरूरत हो तो संकोच मत करना. आधी रात को भी बुला सकती हो.
दिव्या: ओके अंकल.
कर्नल और कुछ नहीं करता और वहां से निकल जाता है. कर्नल के जाने के बाद दिव्या कई बार राजेश को हिलाती है लेकिन वो इतने नशे में था की एक बार आंख भी नहीं खोलता.
आखिर में थक कर दिव्या भी बेड पर बैठ जाती है. उसको समझ नहीं आता की वो अपनी प्यास कैसे बुझाये और कल तो राजेश जाने वाला था.
काफी टाइम दिव्या ऐसे ही बैठी रहती है फिर वो लैपटॉप ओन करती है लेकिन मनीष भी अब ऑनलाइन नहीं था. वो कंप्यूटर बंद करके लेट जाती है. उसे राजेश के ऊपर काफी गुस्सा आता है. वो जैसे ही सोने के लिए आँख बंद करती उसके सामने कर्नल का लंड आ जाता. फिर उसे याद आता है की कैसे कर्नल ने उसके बूब और गांड को छुआ था. ये सब सोच कर उसकी चूत की आग और भड़क जाती है.
जैसे तैसे दिव्या रात काटती है. कभी वो अपनी चूत सहलाती तो कभी राजेश का लंड. ऐसे ही रात बीत जाती है और सुबह उठ कर वो किचन में चली जाती है. थोड़ी देर में राजेश भी उठ जाता है. उसे रात की कोई बात याद नहीं है लेकिन उसे ये पता है की दिव्या बहुत नाराज़ होगी.
वो सीधा किचेन में जाकर दिव्या को पीछे से हग करता है.
राजेश: ओह जान गुड मोर्निंग.
दिव्या राजेश को अपने से दूर झटक देती है.
दिव्या: यहाँ क्या कर रहे हो. जाओ और जाकर और पीओ.
राजेश: सॉरी जान. मुझे पता ही नहीं चला की कब ज्यादा हो गयी अच्छा जरा वो नाईटी पहन कर दिखाओ न.
दिव्या: पहनी थी रात को लेकिन तुम्हे होश कहाँ था. अब नहीं पहनूंगी.
राजेश: कॉमऑन जान अभी मैं चला जाऊंगा. नाराज न हो.
दिव्या: तुमने तो घर को होटल ही समझ रखा है. जब मन करे आओ जब मन करे चले जाओ. मुझसे क्या कह रहे हो.
राजेश भी गुस्सा हो जाता है और दिव्या को छोड़ कर फ्रेश होने चला जाता है. कुछ देर में वो तैयार होकर आ जाता है और सोचता है की शायद दिव्या कुछ बोलेगी या मनायेगी पर दिव्या नहीं आती तो राजेश को और गुस्सा आ जाता है.
राजेश: मैं जा रहा हूँ.
दिव्या: हां हां जाओ. तुम्हे मेरी क्या फ़िक्र है.
राजेश: इस बार तो सारा समय तुम्हारे साथ ही रहा हूँ. सिर्फ कल गलती हुई है.
दिव्या चुप हो जाती है तो राजेश उसे हग करके बाहर निकल जाता है.
बाहर निकलते ही राजेश को कर्नल लाला मिल जाता है.
लाला: और राजेश साहब चल दिए?
राजेश: जी कर्नल साब. वैसे रात में अगर कोई बदतमीजी हुई हो तो माफ़ी चाहता हूँ.
लाला: नॉट एट आल. अरे मुझे तो बहुत अच्छा लगा की तुमने कितनी इंटिमेट बातें शेयर की मेरे साथ. लगा की तुम मुझे अपना मानते हो.
राजेश: रियली. आई होप की कुछ गलत न कहा हो मैंने.
लाला: अपनी प्रॉब्लम शेयर करने में क्या गलत है. चलो मैं भी स्टेशन की तरफ जा रहा हूँ. तुम्हे ड्राप कर दूंगा.
राजेश: थैंक्यू कर्नल साब.
राजेश कर्नल की गाडी में बैठ कर स्टेशन की तरफ चल देता है.
लाला: एक रिक्वेस्ट है राजेश. मेरे और रेणुका के बारे में किसी को कुछ मत बताना. दिव्या को भी नहीं. कल काफी कुछ बोल गया मैं.
राजेश: डोन्ट वरी कर्नल साब. और सच तो ये है की कल रात की बातें मुझे ज्यादा कुछ याद नहीं है. मुझे तो डर है की मैंने कहीं कुछ उल्टा सीधा न बोल दिया हो.
लाला: नहीं नहीं ऐसा तो तुमने कुछ नहीं कहा हाँ लेकिन मैं कोशिश करता हूँ तुमने जो बोला था वो अगर मिल जाए तो.
राजेश: मैं ऐसा क्या बोला कर्नल साब. मुझे तो कुछ याद नहीं है.
लाला: ओह अच्छा तो फिर रहने दो. शायद नशे में कह दिया होगा.
राजेश: अरे बताइए तो कर्नल साब.
लाला: अरे तुमने अपनी वाइफ के लिए एक डिलडो अरेंज करने को बोला था. तुम कह रहे थे तुम्हारा जल्दी हो जाता है तो वो सेटीसफाइड नहीं होती.
राजेश के चेहरे पर एसी गाडी में भी पसीना आ जाता है. उसे बहुत शर्म आती है की उसने नशे में क्या बक दिया. उसे लगता है की उसने और न जाने क्या क्या बका होगा.
लाला: अरे यार परेशान क्यों हो रहे हो. हम दोस्त है तो मुझसे शर्माने की कोई जरूरत नहीं है और तुम्हारी जगह कोई भी होता तो उसको भी ऐसी ही प्रॉब्लम होती.
राजेश: ऐसा क्यों कर्नल साब.
लाला: अरे भाई तुम्हारी बीवी है ही इतनी सुन्दर और तुम उससे इतना समय अलग रहते हो. और चिंता न करो. ये बात सिर्फ मेरे तक ही रहेगी.
राजेश: थैंक्स कर्नल साब.
लाला: लेकिन तुम दिव्या की बहुत फ़िक्र करते हो यार तभी तो तुमने उसके लिए डिलडो लेने की सोची. अगर वो संतुष्ट रहेगी तो अच्छा ही है.
राजेश: डिलडो वाली बात मुझे तो याद नहीं कर्नल साब और दिव्या भी इसके लिए नहीं मानेगी तो आप रहने ही देना.
लाला: अरे दिव्या अपने मुंह से थोड़ी न कुछ कहेगी बल्कि पूछोगे तो मना ही करेगी. हां दे दोगे तो यूज़ जरूर करेगी.
राजेश: नहीं कर्नल साब. कितना अजीब है की मैं उसको ऐसी चीज गिफ्ट में दूं.
लाला: अरे मेरा एक दोस्त है जो ये मंगवा देगा तुम्हारे लिए. किसी को क्या पता चलेगा की तुम दिव्या को क्या दे रहे हो.
राजेश: लेकिन आपका फ्रेंड?
लाला: अरे उसे थोड़ी ही बताऊंगा की किसके लिए मंगवाया है. किसी को पता नहीं चलेगा.
तभी स्टेशन आ जाता है और राजेश बिना कुछ बोले गाडी से उतर जाता है.
राजेश: थैंक्स कर्नल साब.
लाला: थैंक्स की क्या बात है और मेरे और रेणुका के बारे में दिव्या से मत कहना.
राजेश को लगता है की वो कर्नल का राजदार बन गया है लेकिन ये राजेश का भरोसा जीतने के लिए कर्नल की चाल थी.
राजेश के जाने के बाद दिव्या को थोडा बुरा लगता है की जाने के समय उसने राजेश से खामखा झगडा किया तो वो राजेश को एक सॉरी का मेसेज लिख कर स्कूल के लिए तैयार हो जाती है. आज भी वो एक अप्सरा की तरह दिख रही थी.
दिव्या को स्कूल के गेट पर देख कर सलमान हलकी स्माइल पास करता है लेकिन दिव्या उसे इगनोर करके अन्दर चली जाती है.
क्लास में दिव्या को देख कर मनीष भी काफी खुश हो जाता है लेकिन दिव्या उसे भी इग्नोर करती है. आधा दिन ऐसे ही कट जाता है और लंच टाइम में जब दिव्या स्टाफ रूम की तरफ जाती है तो सामने से मदन आ जाता है. मदन की हिम्मत नहीं होती की वो दिव्या से कुछ कहे लेकिन वो झापड़ याद आते ही उसके तन बदन में आग लग जाती है.
मदन ऑफिस में जाकर सलमान को बुलाता है.
सलमान: आपने बुलाया था सर.
मदन: और कितना टाइम लगेगा दिव्या को सेट करने में.
सलमान: सर आप भरोसा रखिये. इस सब में थोडा टाइम तो लगता ही है.
मदन: नहीं सलमान अब मैं और इंतज़ार नहीं कर सकता. मुझे वो अपने नीचे चाहिए.
सलमान: सर अगर इतनी जल्दी है तो जैसा मैं कहूं वैसा आप करेंगे क्या?
मदन: अगर दिव्या की मिल जाए तो जो तू बोले वो करूंगा.
सलमान मदन को अपना प्लान बताता है. काफी देर तक दोनों के बीच बात होती है और अंत में मदन कहता है.
मदन: ठीक है सलमान. तुमने जैसा बोला है मैं वैसा करूंगा पर काम होना चाहिए लेकिन जो करना जल्दी करना. अब मुझसे बर्दाश्त नहीं होता.
सलमान: फ़िक्र न करें सर. आपको दिव्या मैडम की चूत जल्द ही मिलेगी बस मेरा थोडा ख्याल रखना. आप चाहो तो रश्मि मैडम या पूजा को भेज दूं आपकी सेवा करने.
मदन: नहीं अब तो बस दिव्या की ही फाड़नी है. तुम जाओ और दिव्या को मेरे पास भेज दो.
सलमान के जाने के थोड़ी देर बाद दिव्या को बोलता है की प्रिसिपल साहब ने आपको ऑफिस में बुलाया है. दिव्या जानती है की अब मदन की हिम्मत नहीं होगी उससे बदतमीज़ी करने की तो वो प्रिसिपल ऑफिस में पहुँच जाती है.
मदन: आइये दिव्या जी. बैठिये प्लीज.
दिव्या: जी सर बताइए आपने क्यों बुलाया है.
मदन: दिव्या जी सबसे पहले तो मैं उस दिन के लिए आपसे माफ़ी मांगना चाहता हूँ. पता नहीं कैसे उस दिन मैं बहक गया और आपके साथ...
दिव्या: कोई बात नहीं सर. आपको अपनी गलती का एहसास हुआ यही सबसे अच्छी बात है.
मदन: आपसे एक रिक्वेस्ट है दिव्या जी.
दिव्या: जी बताइए सर.
मदन: आपका प्रमोशन हुआ है, सैलरी भी बढ़ गयी है तो थोड़ी एक्स्ट्रा जिम्मेदारी आपको देना चाहता हूँ. उम्मीद है आप बुरा नहीं मानेगी.
दिव्या: नहीं नहीं सर आप बताइए क्या करना है.
मदन: आपको नौवी और ग्यारहवी के बच्चो के असाइनमेंट देख कर तय करना होगा की किन बच्चो को इस बार स्कॉलरशिप देनी है. ये काम तो आज से ही शुरू कर दीजिये. हम आलरेडी लेट हैं. और दूसरा काम है फाइनल एग्जाम के पेपर सेट करना. आप बाकी टीचर्स से बात करके पेपर्स के लिए क्वेश्चन सेलेक्ट कर लीजिये. मैं बाद में उनको शोर्टलिस्ट करके प्रिंट करवा लूँगा. आपको कोई दिक्कत तो नहीं है न.
दिव्या: नहीं सर. इसमें दिक्कत की क्या बात है.
मदन: ठीक है दिव्या जी. ये बच्चो के असाइनमेंट रखे है. ले जाकर देख लीजिये और कल मुझे रिपोर्ट दे दीजिये.
दिव्या: ओके सर.
दिव्या असाइनमेंट पेपर्स लेकर स्टाफ रूम में आ जाती है और उन्हें चेक करने लगती है. स्कूल की छुट्टी कब हो जाती है उसे पता ही नहीं चलता. वो तो कल प्रिंसिपल को रिपोर्ट देने के लिए काफी देर तक पेपर्स देखती रहती है. धीरे धीरे सारे टीचर्स निकल जाते है और स्कूल खाली हो जाता है.
रिपोर्ट बनाकर दिव्या पेपर्स लाकर में रखती है और वाशरूम चली जाती है. सलमान इसी मौके की ताक में था. वो भी दिव्या के पीछे वाशरूम में घुस जाता है और दिव्या को पकड़ लेता है.
सलमान: बहुत दिन बाद मिली हो जानेमन.
दिव्या: पागल हो क्या सलमान. कोई आ जायेगा.
सलमान: तो चलो फिर मेरे रूम में चलो.
दिव्या: आज नहीं सलमान. आज मुझे जाने दो. अगर किसी ने देख लिया तो बड़ी बदनामी हो जाएगी.
दिव्या सलमान को समझाने की कोशिश करती है.
